Numbers · chapter 26 · verse 28
Numbers 26:28 in Hindi
और यूसुफ के पुत्रा जिस से उनके कुल निकले वे मनश्शे और एप्रैम थे।
Aur yoosuph ke putraa jis se unake kul nikale ve manashshe aur epraim the.
Numbers 26:28 in English
- King James Version (KJV)
- The sons of Joseph after their families [were] Manasseh and Ephraim.
- World English Bible (WEB)
- The sons of Joseph after their families: Manasseh and Ephraim.
- American Standard Version (ASV)
- The sons of Joseph after their families: Manasseh and Ephraim.
- Bible in Basic English (BBE)
- The sons of Joseph by their families: Manasseh and Ephraim.
- Darby Translation (DBY)
- The sons of Joseph, after their families: Manasseh and Ephraim.
- Webster's Bible (WBS)
- The sons of Joseph after their families [were] Manasseh and Ephraim.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Sons of Joseph by their families [are] Manasseh and Ephraim.
Read in context
- 26और जबूलून के पुत्रा जिन से उनके कुल निकले वे ये थे; अर्थात् सेरेद जिस से सेरेदियों का कुल चला; और एलोन, जिस से एलोनियों का कुल चला; और यहलेल, जिस से यहलेलियों का कुल चला।
- 27जबूलूनियों के कुल ये ही थे; इन में से साढ़े साठ हजार पुरूष गिने गए।।
- 28और यूसुफ के पुत्रा जिस से उनके कुल निकले वे मनश्शे और एप्रैम थे।
- 29मनश्शे के पुत्रा ये थे; अर्थात् माकीर, जिस से माकीरियों का कुल चला; और माकीर से गिलाद उत्पन्न हुआ; और गिलाद से गिलादियों का कुल चला।
- 30गिलाद के तो पुत्रा ये थे; अर्थात् ईएजेर, जिस से ईएजेरियों का कुल चला;
Cross references
- Genesis 46:20 उत्पत्ति 46:20और मि देश में ओन के याजक पोतीपेरा की बेटी आसनत से यूसुफ के ये पुत्रा उत्पन्न हुए, अर्थात् मनश्शे और एप्रैम।
- Genesis 48:5 उत्पत्ति 48:5और अब तेरे दोनों पुत्रा, जो मि में मेरे आने से पहिले उत्पन्न हुए हैं, वे मेरे ही ठहरेंगे; अर्थात् जिस रीति से रूबेन और शिमोन मेरे हैं, उसी रीति से एप्रैम और मनश्शे भी मेरे ठहरेंगे।
- Genesis 48:13–20 उत्पत्ति 48:13–20तब यूसुफ ने उन दोनों को लेकर, अर्थात् एप्रैम को अपने दहिने हाथ से, कि वह इस्राएल के बाएं हाथ पड़े, और मनश्शे को अपने बाएं हाथ से, कि इस्राएल के दहिने हाथ पड़े, उन्हें उसके पास ले गया। तब इस्राएल ने अपना दहिना हाथ बढ़ाकर एप्रैम के सिर पर जो छोटा था, और अपना बायां हाथ बढ़ाकर मनश्शे के सिर पर रख दिया; उस ने तो जान बूझकर ऐसा किया; नहीं तो जेठा मनश्शे ही था। फिर उस ने यूसुफ को आशीर्वाद देकर कहा, परमेश्वर जिसके सम्मुख मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक (अपने को जानकर ) चलते थे वही परमेश्वर मेरे जन्म से लेकर आज के दिन तक मेरा चरवाहा बना है; और वही दूत मुझे सारी बुराई से छुड़ाता आया है, वही अब इन लड़कों को आशीष दे; और ये मेरे और मेरे बापदादे इब्राहीम और इसहाक के कहलाएं; और पृथ्वी में बहुतायत से बढ़ें। जब यूसुफ ने देखा, कि मेरे पिता ने अपना दहिना हाथ एप्रैम के सिर पर रखा है, तब यह बात उसको बुरी लगी: सो उस ने अपने पिता का हाथ इस मनसा से पकड़ लिया, कि एप्रैम के सिर पर से उठाकर मनश्शे के सिर पर रख दे। और यूसुफ ने अपने पिता से कहा, हे पिता, ऐसा नहीं: क्योंकि जेठा यही है; अपना दहिना हाथ इसके सिर पर रख। उसके पिता ने कहा, नहीं, सुन, हे मेरे पुत्रा, मैं इस बात को भली भांति जानता हूं: यद्यपि इस से भी मनुष्यों की एक मण्डली उत्पन्न होगी, और यह भी महान् हो जाएगा, तौभी इसका छोटा भाई इस से अधिक महान हो जाएगा, और उसके वंश से बहुत सी जातियां निकलेंगी। फिर उस ने उसी दिन यह कहकर उनको आशीर्वाद दिया, कि इस्राएली लोग तेरा नाम ले लेकर ऐसा आशीर्वाद दिया करेंगे, कि परमेश्वर तुझे एप्रैम और मनश्शे के समान बना दे: और उस ने मनश्शे से पहिले एप्रैम का नाम लिया।
- Genesis 41:51–52 उत्पत्ति 41:51–52और यूसुफ ने अपने जेठे का नाम यह कहके मनश्शे रखा, कि परमेश्वर ने मुझ से सारा क्लेश, और मेरे पिता का सारा घराना भुला दिया है। और दूसरे का नाम उस ने यह कहकर एप्रैम रखा, कि मुझे दु:ख भोगने के देश में परमेश्वर ने फुलाया फलाया है।