Numbers · chapter 4 · verse 44
Numbers 4:44 in Hindi
उनकी गिनती उनके कुलों के अनुसार तीन हजार दो सौ थी।
Unakee ginatee unake kulom ke anusaar teen hajaar do sau thee.
Numbers 4:44 in English
- King James Version (KJV)
- Even those that were numbered of them after their families, were three thousand and two hundred.
- World English Bible (WEB)
- even those who were counted of them by their families, were three thousand two hundred.
- American Standard Version (ASV)
- even those that were numbered of them by their families, were three thousand and two hundred.
- Bible in Basic English (BBE)
- Who were numbered by families, were three thousand, two hundred.
- Darby Translation (DBY)
- even those that were numbered of them according to their families, were three thousand two hundred.
- Webster's Bible (WBS)
- Even those that were numbered of them after their families, were three thousand and two hundred.
- Young's Literal Translation (YLT)
- even their numbered ones, by their families, are three thousand and two hundred.
Read in context
- 42फिर मरारियों के कुलों में से जो अपने कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार गिने गए,
- 43अर्थात् तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष तक की अवस्था के, जो मिलापवाले तम्बू की सेवकाई करने को सेना में भरती हुए थे,
- 44उनकी गिनती उनके कुलों के अनुसार तीन हजार दो सौ थी।
- 45मरारियों के कुलों में से जिनको मूसा और हारून ने, यहोवा की उस आज्ञा के अनुसार जो मूसा के द्वारा मिली थी, गिन लिया वे इतने ही थे।।
- 46लेवियों में से जिनको मूसा और हारून और इस्त्राएली प्रधानों ने उनके कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार गिन लिया,
Cross references
- 1 Corinthians 10:13 1 कुरिन्थियों 10:13तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, बरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको।।
- Deuteronomy 33:25 व्यवस्थाविवरण 33:25तेरे जूते लोहे और पीतल के होंगे, और जैसे तेरे दिन वैसी ही तेरी शक्ति हो।।
- 2 Corinthians 12:9–10 2 कुरिन्थियों 12:9–10और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्त होता हूं।।
- 1 Corinthians 12:8–12 1 कुरिन्थियों 12:8–12क्योंकि एक को आत्मा के द्वारा बुद्वि की बातें दी जाती हैं; और दूसरे को उसी आत्मा के अनुसार ज्ञान की बातें। और किसी को उसी आत्मा से विश्वास; और किसी को उसी एक आत्मा से चंगा करने का बरदान दिया जाता है। फिर किसी को सामर्थ के काम करने की शक्ति; और किसी को भविष्यद्वाणी की; और किसी को अनेक प्रकार की भाषा; और किसी को भाषाओं का अर्थ बताना। परन्तु ये सब प्रभावशाली कारर्य वही एक आत्मा करवाता है, और जिसे जो चाहता है वह बांट देता है।। क्योंकि जिस प्रकार देह तो एक है और उसके अंग बहुत से हैं, और उस एक देह के सब अंग, बहुत होने पर भी सब मिलकर एक ही देह हैं, उसी प्रकार मसीह भी है।
- Numbers 3:34 गिनती 3:34इन में से जितने पुरूषों की अवस्था एक महीने की वा उस से अधिक थी उन सभों की गिनती छ: हजार दो सौ थी।