Numbers · chapter 5 · verse 7
Numbers 5:7 in Hindi
तब वह अपना किया हुआ पाप मान ले; और पूरे मूल में पांचवां अंश बढ़ाकर अपने दोष के बदले में उसी को दे, जिसके विषय दोषी हुआ हो।
Tab vah apanaa kiyaa huaa paap maan le; aur poore mool mem paanchavaam ansh badhaakar apane dosh ke badale mem usee ko de, jisake vishay doshee huaa ho.
Numbers 5:7 in English
- King James Version (KJV)
- Then they shall confess their sin which they have done: and he shall recompense his trespass with the principal thereof, and add unto it the fifth [part] thereof, and give [it] unto [him] against whom he hath trespassed.
- World English Bible (WEB)
- then he shall confess his sin which he has done; and he shall make restitution for his guilt in full, add to it the fifth part of it, and give it to him in respect of whom he has been guilty.
- American Standard Version (ASV)
- then he shall confess his sin which he hath done: and he shall make restitution for his guilt in full, and add unto it the fifth part thereof, and give it unto him in respect of whom he hath been guilty.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let them say openly what they have done; and make payment for the wrong done, with the addition of a fifth part, and give it to him to whom the wrong was done.
- Darby Translation (DBY)
- then they shall confess their sin which they have done; and he shall recompense his trespass according to the principal thereof, and shall add unto it the fifth part thereof, and give it unto him against whom he hath trespassed.
- Webster's Bible (WBS)
- Then they shall confess their sin which they have done: and he shall recompense his trespass with the principal of it, and add to it the fifth [part] of it, and give [it] to [him] against whom he hath trespassed.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they have confessed their sin which they have done, then he hath restored his guilt in its principal, and its fifth is adding to it, and hath given [it] to him in reference to whom he hath been guilty.
Read in context
- 5फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
- 6इस्त्राएलियों से कह, कि जब कोई पुरूष वा स्त्री ऐसा कोई पाप करके जो लोग किया करते हैं यहोवा को विश्वासघात करे, और वह प्राणी दोषी हो,
- 7तब वह अपना किया हुआ पाप मान ले; और पूरे मूल में पांचवां अंश बढ़ाकर अपने दोष के बदले में उसी को दे, जिसके विषय दोषी हुआ हो।
- 8परन्तु यदि उस मनुष्य का कोई कुटुम्बी न हो जिसे दोष का बदला भर दिया जाए, तो उस दोष का जो बदला यहोवा को भर दिया जाए वह याजक का हो, और वह उस प्रायश्चित्तवाले मेढ़े से अधिक हो जिस से उसके लिये प्रायश्चित्त किया जाए।
- 9और जितनी पवित्रा की हुई वस्तुएं इस्त्राएली उठाई हुई भेंट करके याजक के पास लाएं, वे उसी की हों;
Cross references
- Leviticus 5:5 लैव्यव्यवस्था 5:5और जब वह इन बातों में से किसी भी बात में दोषी हो, तब जिस विषय में उस ने पाप किया हो वह उसको मान ले,
- Leviticus 26:40 लैव्यव्यवस्था 26:40तब वे अपने और अपने पितरों के अधर्म को मान लेंगे, अर्थात् उस विश्वासघात को जो वे मेरा करेंगे, और यह भी मान लेंगे, कि हम यहोवा के विरूद्ध चले थे,
- Joshua 7:19 यहोशू 7:19तब यहोशू आकान से कहने लगा, हे मेरे बेटे, इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का आदर कर, और उसके आगे अंगीकार कर; और जो कुछ तू ने किया है वह मुझ को बता दे, और मुझ से कुछ मत छिपा।
- Leviticus 6:4–7 लैव्यव्यवस्था 6:4–7तो जब वह ऐसा काम करके दोषी हो जाए, तब जो भी वस्तु उस ने लूट, वा अन्धेर करके, वा धरोहर, वा पड़ी पाई हो; चाहे कोई वस्तु क्यों न हो जिसके विषय में उस ने झूठी शपथ खाई हो; तो वह उसको पूरा पूरा लौटा दे, और पांचवां भाग भी बढ़ाकर भर दे, जिस दिन यह मालूम हो कि वह दोषी है, उसी दिन वह उस वस्तु को उसके स्वामी को लौटा दे। और वह यहोवा के सम्मुख अपना दोषबलि भी ले आए, अर्थात् एक निर्दोष मेढ़ा दोषबलि के लिये याजक के पास ले आए, वह उतने ही दाम का हो जितना याजक ठहराए। इस प्रकार याजक उसके लिये यहोवा के साम्हने प्रायश्चित्त करे, और जिस काम को करके वह दोषी हो गया है उसकी क्षमा उसे मिलेगी।।
- Proverbs 28:13 नीतिवचन 28:13जो अपने अपराध छिपा रखता है, उसका कार्य सुफल नहीं होता, परन्तु जो उनको मान लेता और छोड़ भी देता है, उस पर दया की जायेगी।
- Leviticus 7:7 लैव्यव्यवस्था 7:7जैसा पापबलि है वैसा ही दोषबलि भी है, उन दोनों की एक ही व्यवस्था है; जो याजक उन बलियों को चढ़ा के प्रायश्चित्त करे वही उन वस्तुओं को ले ले।
- Luke 19:8 लूका 19:8जक्कई ने खड़े होकर प्रभु से कहा; हे प्रभु, देख मैं अपनी आधी सम्पत्ति कंगालों को देता हूं, और यदि किसी का कुछ भी अन्याय करके ले लिया है तो उसे चौगुना फेर देता हूं।
- 1 John 1:8–10 1 यूहन्ना 1:8–10यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं। यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। यदि कहें कि हम ने पाप नहीं किया, तो उसे झूठा ठहराते हैं, और उसका वचन हम में नहीं है।।
- Psalm 32:5 भजन संहिता 32:5जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया।।
- Leviticus 5:15 लैव्यव्यवस्था 5:15यदि कोई यहोवा की पवित्रा की हुई वस्तुओं के विषय में भूल से विश्वासघात करे और पापी ठहरे, तो वह यहोवा के पास एक निर्दोष मेढ़ा दोषबलि के लिये ले आए; उसका दाम पवित्रास्थान के शेकेल के अनुसार उतने ही शेकेल रूपये का हो जितना याजक ठहराए।
- Job 33:27–28 अय्यूब 33:27–28वह मनुष्यों के साम्हने गाने ओर कहने लगता है, कि मैं ने पाप किया, और सच्चाई को उलट पुलट कर दिया, परन्तु उसका बदला मुझे दिया नहीं गया। उस ने मेरे प्राण क़ब्र में पड़ने से बचाया है, मेरा जीवन उजियाले को देखेगा।