Psalms · chapter 7 · verse 8
Psalm 7:8 in Hindi
यहोवा समाज समाज का न्याय करता है; यहोवा मेरे धर्म और खराई के अनुसार मेरा न्याय चुका दे।।
Yahovaa samaaj samaaj kaa nyaay karataa hai; yahovaa mere dharm aur kharaaee ke anusaar meraa nyaay chukaa de..
Psalm 7:8 in English
- King James Version (KJV)
- The LORD shall judge the people: judge me, O LORD, according to my righteousness, and according to mine integrity [that is] in me.
- World English Bible (WEB)
- The LORD administers judgment to the peoples. Judge me, LORD, according to my righteousness, and to my integrity that is in me.
- American Standard Version (ASV)
- Jehovah ministereth judgment to the peoples: Judge me, O Jehovah, according to my righteousness, and to mine integrity that is in me.
- Bible in Basic English (BBE)
- The Lord will be judge of the peoples; give a decision for me, O Lord, because of my righteousness, and let my virtue have its reward.
- Darby Translation (DBY)
- Jehovah shall minister judgment to the peoples. Judge me, Jehovah, according to my righteousness, and according to mine integrity which is in me.
- Webster's Bible (WBS)
- The LORD shall judge the people: judge me, O LORD, according to my righteousness, and according to my integrity [that is] in me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Jehovah doth judge the peoples; Judge me, O Jehovah, According to my righteousness, And according to mine integrity on me,
Read in context
- 6हे यहोवा क्रोध करके उठ; मेरे क्रोधभरे सतानेवाले के विरूद्ध तू खड़ा हो जा; मेरे लिये जाग! तू ने न्याय की आज्ञा तो दे दी है।
- 7देश देश के लोगों की मण्डली तेरे चारों ओर हो; और तू उनके ऊपर से होकर ऊंचे स्थानों पर लौट जा।
- 8यहोवा समाज समाज का न्याय करता है; यहोवा मेरे धर्म और खराई के अनुसार मेरा न्याय चुका दे।।
- 9भला हो कि दुष्टों की बुराई का अन्त हो जाए, परन्तु धर्म को तू स्थिर कर; क्योंकि धर्मी परमेश्वर मन और मर्म का ज्ञाता है।
- 10मेरी ढाल परमेश्वर के हाथ में है, वह सीधे मनवालों को बचाता है।।
Cross references
- Psalm 96:13 भजन संहिता 96:13यह यहोवा के साम्हने हो, क्योंकि वह आनेवाला है। वह पृथ्वी का न्याय करने को आने वाला है, वह धर्म से जगत का, और सच्चाई से देश देश के लोगों का न्याय करेगा।।
- Romans 14:10–12 रोमियों 14:10–12तू अपने भाई पर क्यों दोष लगाता है? या तू फिर क्यों अपने भाई को तुच्छ जानता है? हम सब के सब परमेश्वर के न्याय सिंहासन के साम्हने खड़े होंगे। क्योंकि लिखा है, कि प्रभु कहता है, मेरे जीवन की सौगन्ध कि हर एक घुटना मेरे साम्हने टिकेगा, और हर एक जीभ परमेश्वर को अंगीकार करेगा। सो हम में से हर एक परमेश्वर को अपना अपना लेखा देगा।।
- Psalm 43:1 भजन संहिता 43:1हे परमेश्वर, मेरा न्याय चुका और विधर्मी जाति से मेरा मुक मा लड़; मुझ को छली और कुटिल पुरूष से बचा।
- 2 Corinthians 1:12 2 कुरिन्थियों 1:12क्योंकि हम अपने विवेक की इस गवाही पर घमण्ड करते हैं, कि जगत में और विशेष करके तुम्हारे बीच हमारा चरित्रा परमेश्वर के योग्य ऐसी पवित्राता और सच्चाई सहित था, जो शारीरिक ज्ञान से नहीं, परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह के साथ था।
- 1 Thessalonians 2:10 1 थिस्सलुनीकियों 2:10तुम आप ही गवाह हो: और परमेश्वर भी, कि तुम्हारे बीच में जो विश्वास रखते हो हम कैसी पवित्राता और धार्मिकता और निर्दोषता से रहे।
- Psalm 98:9 भजन संहिता 98:9यह यहोवा के साम्हने हो, क्योंकि वह पृथ्वी का न्याय करने को आनेवाला है। वह धर्म से जगत का, और सीधाई से देश देश के लोगों का न्याय करेगा।।
- Psalm 78:72 भजन संहिता 78:72तब उस ने खरे मन से उनकी चरवाही की, और अपने हाथ की कुशलता से उनकी अगुवाई की।।
- Psalm 26:1 भजन संहिता 26:1हे यहोवा, मेरा न्याय कर, क्योंकि मैं खराई से चलता रहा हूं, और मेरा भरोसा यहोवा पर अटल बना है।
- 1 Corinthians 4:4–5 1 कुरिन्थियों 4:4–5क्योंकि मेरा मन मुझे किसी बात में दोषी नहीं ठहराता, परन्तु इस से मैं निर्दोष नहीं ठहरता, क्योंकि मेरा परखने वाला प्रभु है। सो जब तक प्रभु न आए, समय से पहिले किसी बात का न्याय न करो: वही तो अन्धकार की छिपी बातें ज्योति में दिखाएगा, और मनों की मतियों को प्रगट करेगा, तब परमेश्वर की ओर से हर एक की प्रशंसा होगी।।
- Psalm 35:24–27 भजन संहिता 35:24–27हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू अपने धर्म के अनुसार मेरा न्याय चुका; ओश्र उन्हें मेरे विरूद्व आनन्द करने न दे! वे मन में न कहने पाएं, कि आहा! हमारी तो इच्छा पूरी हुई! वह यह न कहें कि हम उसे निगल गए हैं।। जो मेरी हाति से आनन्दित होते हैं उनके मुंह लज्जा के मारे एक साथ काले हों! जो मेरे विरूद्ध बड़ाई मारते हैं वह लज्जा और अनादर से ढ़ंप जाएं! जो मेरे धर्म से प्रसन्न रहते हैं, वह जयजयकार और आनन्द करें, और निरन्तर करते रहें, यहोवा की बड़ाई हो, जो अपने दास के कुशल से प्रसन्न होता है!
- Genesis 31:53 उत्पत्ति 31:53इब्राहीम और नाहोर और उनके पिता; तीनों का जो परमेश्वर है, सो हम दोनो के बीच न्याय करे। तब याकूब ने उसकी शपथ खाई जिसका भय उसका पिता इसहाक मानता था।
- Psalm 17:2–3 भजन संहिता 17:2–3मेरे मुक में का निर्णय तेरे सम्मुख हो! तेरी आंखें न्याय पर लगी रहें! तू ने मेरे हृदय को जांचा है; तू ने रात को मेरी देखभाल की, तू ने मुझे परखा परन्तु कुछ भी खोटापन नहीं पाया; मैं ने ठान लिया है कि मेरे मुंह से अपराध की बात नहीं निकलेगी।