Romans · chapter 5 · verse 15
Romans 5:15 in Hindi
पर जैसा अपराध की दशा है, वैसी अनुग्रह के बरदान की नहीं, क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध से बहुत लोग मरे, तो परमेश्वर का अनुग्रह और उसका जो दान एक मनुष्य के, अर्थात् यीशु मसीह के अनुग्रह से हुआ बहुतेरे लागों पर अवश्य ही अधिकाई से हुआ।
Par jaisaa aparaadh kee dashaa hai, vaisee anugrah ke baradaan kee naheem, kyonki jab ek manushy ke aparaadh se bahut log mare, to parameshvar kaa anugrah aur usakaa jo daan ek manushy ke, arthaat yeeshu maseeh ke anugrah se huaa bahutere laagom par avashy hee adhikaaee se huaa.
Romans 5:15 in English
- King James Version (KJV)
- But not as the offence, so also [is] the free gift. For if through the offence of one many be dead, much more the grace of God, and the gift by grace, [which is] by one man, Jesus Christ, hath abounded unto many.
- World English Bible (WEB)
- But the free gift isn’t like the trespass. For if by the trespass of the one the many died, much more did the grace of God and the gift by the grace of the one man, Jesus Christ, abound to the many.
- American Standard Version (ASV)
- But not as the trespass, so also [is] the free gift. For if by the trespass of the one the many died, much more did the grace of God, and the gift by the grace of the one man, Jesus Christ, abound unto the many.
- Bible in Basic English (BBE)
- But the free giving of God is not like the wrongdoing of man. For if, by the wrongdoing of one man death came to numbers of men, much more did the grace of God, and the free giving by the grace of one man, Jesus Christ, come to men.
- Darby Translation (DBY)
- But [shall] not the act of favour [be] as the offence? For if by the offence of one the many have died, much rather has the grace of God, and the free gift in grace, which [is] by the one man Jesus Christ, abounded unto the many.
- Webster's Bible (WBS)
- But not as the offense, so also [is] the free gift. For if through the offense of one many are dead, much more the grace of God, and the gift by grace, [which is] by one man, Jesus Christ, hath abounded to many.
- Young's Literal Translation (YLT)
- But, not as the offence so also [is] the free gift; for if by the offence of the one the many did die, much more did the grace of God, and the free gift in grace of the one man Jesus Christ, abound to the many;
Read in context
- 13क्योंकि व्यवस्था के दिए जाने तक पाप जगत में तो था, परन्तु जहां व्यवस्था नहीं, वहां पाप गिना नहीं जाता।
- 14तौभी आदम से लेकर मूसा तक मृत्यु ने उन लोगों पर भी राज्य किया, जिन्हों ने उस आदम के अपराध की नाईं जो उस आनेवाले का चिन्ह है, पाप न किया।
- 15पर जैसा अपराध की दशा है, वैसी अनुग्रह के बरदान की नहीं, क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध से बहुत लोग मरे, तो परमेश्वर का अनुग्रह और उसका जो दान एक मनुष्य के, अर्थात् यीशु मसीह के अनुग्रह से हुआ बहुतेरे लागों पर अवश्य ही अधिकाई से हुआ।
- 16और जैसा एक मनुष्य के पाप करने का फल हुआ, वैसा ही दान की दशा नहीं, क्योंकि एक ही के कारण दण्ड की आज्ञा का फैसला हुअ, परन्तु बहुतेरे अपराधों से ऐसा बरदान उत्पन्न हुआ, कि लोग धर्मी ठहरे।
- 17क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध के कराण मृत्यु ने उस एक ही के द्वारा राज्य किया, तो जो लोग अनुग्रह और धर्मरूमी बरदान बहुतायत से पाते हैं वे एक मनुष्य के, अर्थात् यीशु मसीह के द्वारा अवश्य ही अनन्त जीवन में राज्य करेंगे।
Cross references
- Ephesians 2:8 इफिसियों 2:8क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, बरन परमेश्वर का दान है।
- Romans 6:23 रोमियों 6:23क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का बरदान हमारे प्रभु यीशु मसीह में अनन्त जीवन है।।
- Romans 5:12 रोमियों 5:12इसलिये जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, इसलिये कि सब ने पाप किया।
- 1 John 5:11 1 यूहन्ना 5:11और वह गवाही यह है, कि परमेश्वर ने हमें अनन्त जीवन दिया है: और यह जीवन उसके पुत्रा में है।
- Romans 5:16–20 रोमियों 5:16–20और जैसा एक मनुष्य के पाप करने का फल हुआ, वैसा ही दान की दशा नहीं, क्योंकि एक ही के कारण दण्ड की आज्ञा का फैसला हुअ, परन्तु बहुतेरे अपराधों से ऐसा बरदान उत्पन्न हुआ, कि लोग धर्मी ठहरे। क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध के कराण मृत्यु ने उस एक ही के द्वारा राज्य किया, तो जो लोग अनुग्रह और धर्मरूमी बरदान बहुतायत से पाते हैं वे एक मनुष्य के, अर्थात् यीशु मसीह के द्वारा अवश्य ही अनन्त जीवन में राज्य करेंगे। इसलिये जैसा एक अपराध सब मनुष्यों के लिये दण्ड की आज्ञा का कारण हुआ, वेसा ही एक धर्म का काम भी सब मनुष्यों के लिये जीवन के निमित्त धर्मी ठहराए जाने का कारण हुआ। क्योंकि जैसा एक मनुष्य के आज्ञा न मानने से बहुत लोग पापी ठहरे, वैसे ही एक मनुष्य के आज्ञा मानने से बहुत लोग धर्मी ठहरेंगे। और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ।
- Isaiah 53:11 यशायाह 53:11वह अपने प्राणों का दु:ख उठाकर उसे देखेगा और तृप्त होगा; अपने ज्ञान के द्वारा मेरा धर्मी दास बहुतेरों को धर्मी ठहराएगा; और उनके अधर्म के कामों का बोझ आप उठा लेगा।
- 2 Corinthians 9:15 2 कुरिन्थियों 9:15परमेश्वर को उसके उस दान के लिये जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो।।
- Matthew 20:28 मत्ती 20:28जैसे कि मनुष्य का पुत्रा, वह इसलिये नहीं आया कि उस की सेवा टहल किई जाए, परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे और बहुतों की छुडौती के लिये अपने प्राण दे।।
- John 4:10 यूहन्ना 4:10यीशु ने उत्तर दिया, यदि तू परमेश्वर के बरदान को जानती, और यह भी जानती कि वह कौन है जो तुझ से कहता है; मुझे पानी पिला तो तू उस से मांगती, और वह तुझे जीवन का जल देता।
- Isaiah 55:7–9 यशायाह 55:7–9दुष्ट अपनी चालचलन और अनर्थकारी अपने सोच विचार छोड़कर यहोवा ही की ओर फिरे, वह उस पर दया करेगा, वह हमारे परमेश्वर की ओर फिरे और वह पूरी रीति से उसको क्षमा करेगा। क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।।
- John 3:16 यूहन्ना 3:16क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उस ने अपना एकलौता पुत्रा दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।
- Daniel 12:2 दानिय्येल 12:2और जो भूमि के नीचे सोए रहेंगे उन में से बहुत से लोग जाग उठेंगे, कितने तो सदा के जीवन के लिये, और कितने अपनी नामधराई और सदा तक अत्यन्त घिनौने ठहरने के लिये।
Original words (Greek)
- But · G235ἀλλά allá
- not · G3756οὐ ou
- as · G5613ὡς hōs
- offence · G3900παράπτωμα paráptōma
- so · G3779οὕτω hoútō
- also · G2532καί kaí
- gift · G5486χάρισμα chárisma
- For · G1063γάρ gár
- if · G1487εἰ ei
- offence · G3900παράπτωμα paráptōma
- one · G1520εἷς heîs
- many · G4183πολύς polýs
- dead · G599ἀποθνήσκω apothnḗskō
- much · G4183πολύς polýs
- more · G3123μᾶλλον mâllon
- grace · G5485χάρις cháris
- God · G2316θεός theós
- and · G2532καί kaí
- gift · G1431δωρεά dōreá
- by · G1722ἐν en
- grace · G5485χάρις cháris
- one · G1520εἷς heîs
- man · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs
- Christ · G5547Χριστός Christós
- abounded · G4052περισσεύω perisseúō
- unto · G1519εἰς eis
- many · G4183πολύς polýs