Romans · chapter 6 · verse 16
Romans 6:16 in Hindi
क्या तुम नहीं जानते, कि जिस की आज्ञा मानने के लिये तुम अपने आप को दासों की नाईं सौंप देते हो, उसी के दास हो: और जिस की मानते हो, चाहे पाप के, जिस का अन्त मृत्यु है, चाहे आज्ञा मानने के, जिस का अन्त धार्मिकता है?
Kyaa tum naheem jaanate, ki jis kee aajnyaa maanane ke liye tum apane aap ko daasom kee naaeem saump dete ho, usee ke daas ho: aur jis kee maanate ho, chaahe paap ke, jis kaa ant mrutyu hai, chaahe aajnyaa maanane ke, jis kaa ant dhaarmikataa hai?
Romans 6:16 in English
- King James Version (KJV)
- Know ye not, that to whom ye yield yourselves servants to obey, his servants ye are to whom ye obey; whether of sin unto death, or of obedience unto righteousness?
- World English Bible (WEB)
- Don’t you know that when you present yourselves as servants and obey someone, you are the servants of whomever you obey, whether of sin to death, or of obedience to righteousness?
- American Standard Version (ASV)
- Know ye not, that to whom ye present yourselves [as] servants unto obedience, his servants ye are whom ye obey; whether of sin unto death, or of obedience unto righteousness?
- Bible in Basic English (BBE)
- Are you not conscious that you are the servants of him to whom you give yourselves to do his desire? if to sin, the end being death, or if to do the desire of God, the end being righteousness.
- Darby Translation (DBY)
- Know ye not that to whom ye yield yourselves bondmen for obedience, ye are bondmen to him whom ye obey, whether of sin unto death, or of obedience unto righteousness?
- Webster's Bible (WBS)
- Know ye not, that to whom ye yield yourselves servants in obedience, his servants ye are whom ye obey; whether of sin to death, or of obedience to righteousness?
- Young's Literal Translation (YLT)
- have ye not known that to whom ye present yourselves servants for obedience, servants ye are to him to whom ye obey, whether of sin to death, or of obedience to righteousness?
Read in context
- 14और तुम पर पाप की प्रभुता न होगी, क्योंकि तुम व्यवस्था के आधीन नहीं बरन अनुग्रह के आधीन हो।।
- 15तो क्या हुआ? क्या हम इसलिये पाप करें, कि हम व्यवस्था के आधीन नहीं बरन अनुग्रह के आधीन हैं? कदापि नहीं।
- 16क्या तुम नहीं जानते, कि जिस की आज्ञा मानने के लिये तुम अपने आप को दासों की नाईं सौंप देते हो, उसी के दास हो: और जिस की मानते हो, चाहे पाप के, जिस का अन्त मृत्यु है, चाहे आज्ञा मानने के, जिस का अन्त धार्मिकता है?
- 17परन्तु परमशॆवर का धन्यवाद हो, कि तुम जो पाप के दास थे तौभी मन से उस उपदेश के माननेवाले हो गए, जिस के सांचे में ढाले गए थे।
- 18और पाप से छुड़ाए जाकर धर्म के दास हो गए।
Cross references
- John 8:34 यूहन्ना 8:34यीशु ने उन को उत्तर दिया; मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जो कोई पाप करता है, वह पाप का दास है।
- Matthew 6:24 मत्ती 6:24कोई मनुष्य दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता, क्योंकि वह एक से बैर ओर दूसरे से प्रेम रखेगा, वा एक से मिला रहेगा और दूसरे को तुच्छ जानेगा; "तुम परमेश्वर और धन दोनो की सेवा नहीं कर सकते"।
- 2 Peter 2:19 2 पतरस 2:19वे उन्हें स्वतंत्रा होने की प्रतिज्ञा तो देते हैं, पर आप ही सड़ाहट के दास हैं, क्योंकि जो व्यक्ति जिस से हार गया है, वह उसका दास बन जाता है।
- Joshua 24:15 यहोशू 24:15और यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे, तो आज चुन लो कि तुम किस की सेवा करोगे, चाहे उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार करते थे, और चाहे एमोरियों के देवताओं की सेवा करो जिनके देश में तुम रहते हो; परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा की सेवा नित करूंगा।
- Romans 6:12–13 रोमियों 6:12–13इसलिये पाप तुम्हारे मरनहार शरीर में राज्य न करे, कि तुम उस की लालसाओं के अधीन रहो। और न अपने अंगो को अधर्म के हथियार होने के लिये पाप को सौंपो, पर अपने आप को मरे हुओं में से जी उठा हुआ जानकर परमशॆवर को सौंपो, और अपने अंगो को धर्म के हथियार होने के लिये परमेश्वर को सौंपो।
- Romans 6:19–23 रोमियों 6:19–23मैं तुम्हारी शारीरिक दुर्बलता के कारण मनुष्यों की रीति पर कहता हूं, जैसे तुम ने अपने अंगो को कुकर्म के लिये अशुद्धता और कुकर्म के दास करके सौंपा था, वैसे ही अब अपने अंगों को पवित्राता के लिये धर्म के दास करके सौंप दो। जब तुम पाप के दास थे, तो धर्म की ओर से स्वतंत्रा थे। सो जिन बातों से अब तुम लज्जित होते हो, उन से उस समय तुम क्या फल पाते थे? क्योंकि उन का अन्त तो मृत्यु है परन्तु अब पाप से स्वतंत्रा होकर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिस से पवित्राता प्राप्त होती है, और उसका अन्त अनन्त जीवन है। क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का बरदान हमारे प्रभु यीशु मसीह में अनन्त जीवन है।।
- Romans 6:17 रोमियों 6:17परन्तु परमशॆवर का धन्यवाद हो, कि तुम जो पाप के दास थे तौभी मन से उस उपदेश के माननेवाले हो गए, जिस के सांचे में ढाले गए थे।
Original words (Greek)
- ye · G1492εἴδω eídō
- not · G3756οὐ ou
- that · G3754ὅτι hóti
- whom · G3739ὅς hós
- yield · G3936παρίστημι parístēmi
- yourselves · G1438ἑαυτοῦ heautoû
- servants · G1401δοῦλος doûlos
- to · G1519εἰς eis
- obey · G5218ὑπακοή hypakoḗ
- servants · G1401δοῦλος doûlos
- are · G2075ἐστέ esté
- whom · G3739ὅς hós
- obey · G5219ὑπακούω hypakoúō
- whether · G2273ἤτοι ḗtoi
- sin · G266ἁμαρτία hamartía
- unto · G1519εἰς eis
- death · G2288θάνατος thánatos
- or · G2228ἤ ḗ
- obedience · G5218ὑπακοή hypakoḗ
- unto · G1519εἰς eis
- righteousness · G1343δικαιοσύνη dikaiosýnē