Ruth · chapter 2 · verse 12
Ruth 2:12 in Hindi
यहोवा तेरी करनी का फल दे, और इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जिसके पंखों के तले तू शरण लेने आई है तुझे पूरा बदला दें
Yahovaa teree karanee kaa phal de, aur israael kaa parameshvar yahovaa jisake pankhom ke tale too sharan lene aaee hai tujhe pooraa badalaa dem
Ruth 2:12 in English
- King James Version (KJV)
- The LORD recompense thy work, and a full reward be given thee of the LORD God of Israel, under whose wings thou art come to trust.
- World English Bible (WEB)
- May the LORD repay your work, and a full reward be given to you from the LORD, the God of Israel, under whose wings you have come to take refuge.”
- American Standard Version (ASV)
- Jehovah recompense thy work, and a full reward be given thee of Jehovah, the God of Israel, under whose wings thou art come to take refuge.
- Bible in Basic English (BBE)
- The Lord give you a reward for what you have done, and may a full reward be given to you by the Lord, the God of Israel, under whose wings you have come to take cover.
- Darby Translation (DBY)
- Jehovah recompense thy work, and let thy reward be full from Jehovah the God of Israel, under whose wings thou art come to take refuge.
- Webster's Bible (WBS)
- The LORD recompense thy work, and a full reward be given thee of the LORD God of Israel, under whose wings thou hast come to trust.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Jehovah doth recompense thy work, and thy reward is complete from Jehovah, God of Israel, under whose wings thou hast come to take refuge.'
Read in context
- 10तब वह भूमि तक झुककर मुंह के बल गिरी, और उस से कहने लगी, क्या कारण है कि तू ने मुझ परदेशिन पर अनुग्रह की दृष्टि करके मेरी सुधि ली है?
- 11बोअज ने उत्तर दिया, जो कुछ तू ने पति मरने के पीछे अपनी सास से किया है, और तू किस रीति अपने माता पिता और जन्मभूमि को छोड़कर ऐसे लोगों में आई है जिनको पहिले तू ने जानती थी, यह सब मुझे विस्तार के साथ बताया गया है।
- 12यहोवा तेरी करनी का फल दे, और इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जिसके पंखों के तले तू शरण लेने आई है तुझे पूरा बदला दें
- 13उस ने कहा, हे मेरे प्रभु, तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर बनी रहे, क्योंकि यद्यपि मैं तेरी दासियों में से किसी के भी बराबर नहीं हूं, तौभी तू ने अपनी दासी के मन में पैठनेवाली बातें कहकर मुझे शान्ति दी है।
- 14फिर खाने के समय बोअज ने उस से कहा, यहीं आकर रोटी खा, और अपना कौर सिरके में बोर। तो वह लवनेवालों के पास बैठ गई; और उस ने उसको भुनी हुई बालें दी; और वह खाकर तृप्त हुई, वरन कुछ बचा भी रखा।
Cross references
- Psalm 36:7 भजन संहिता 36:7हे परमेश्वर तेरी करूणा, कैसी अनमोल है! मनुष्य तेरे पंखो के तले शरण लेते हैं।
- Psalm 91:4 भजन संहिता 91:4वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी।
- Psalm 63:7 भजन संहिता 63:7क्योंकि तू मेरा सहायक बना है, इसलिये मैं तेरे पंखों की छाया में जयजयकार करूंगा।
- Psalm 17:8 भजन संहिता 17:8अपने आंखो की पुतली की नाई सुरक्षित रख; अपने पंखों के तले मुझे छिपा रख,
- Psalm 61:4 भजन संहिता 61:4मै तेरे तम्बू में युगानुयुग बना रहूंगा।
- Hebrews 6:10 इब्रानियों 6:10क्योंकि परमेश्वर अन्यायी नहीं, कि तुम्हारे काम, और उस प्रेम को भूल जाए, जो तुम ने उनके नाम के लिये इस रीति से दिखाया, कि पवित्रा लोगों की सेवा की, और कर रहे हो।
- Ruth 1:16 रूत 1:16रूत बोली, तू मुझ से यह बिनती न कर, कि मुझे त्याग वा छोड़कर लौट जा; क्योंकि जिधर तू जाए उधर मैं भी जाऊंगी; जहां तू टिके वहां मैं भी टिकूंगी; तेरे लोग मेरे लोग होंगे, और तेरा परमेश्वर मेरा परमेश्वर होगा;
- Psalm 57:1 भजन संहिता 57:1हे परमेश्वर, मुझ पर अनुग्रह कर, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं तेरा शरणागत हूं; और जब तक ये आपत्तियां निकल न जाएं, तब तक मैं तेरे पंखों के तले शरण लिए रहूंगा।
- Hebrews 11:26 इब्रानियों 11:26और मसीह के कारण निन्दित होने को मिसर के भण्डार से बड़ा धन समझा: क्योंकि उस की आंखे फल पाने की ओर लगी थीं।
- 1 Samuel 24:19 1 शमूएल 24:19भला! क्या कोई मनुष्य अपने शत्रु को पाकर कुशल से जाने देता है? इसलिये जो तू ने आज मेरे साथ किया है, इसका अच्छा बदला यहोवा तुझे दे।
- Luke 6:35 लूका 6:35बरन अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो: और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है।
- Matthew 6:1 मत्ती 6:1सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे।