Zechariah · chapter 11 · verse 6
Zechariah 11:6 in Hindi
यहोवा की यह वाणी है, मैं इस देश के रहनेवालों पर फिर दया न करूंगा। देखो, मैं मनुष्यों को एक दूसरे के हाथ में, और उनके राजा के हाथ में पकड़वा दूंगा; और वे इस देश को नाश करेंगे, और मैं उसके रहनेवालों को उनके वश से न छुडाऊंगा।।
Yahovaa kee yah vaanee hai, maim is desh ke rahanevaalom par phir dayaa na karoongaa. Dekho, maim manushyom ko ek doosare ke haath mem, aur unake raajaa ke haath mem pakadavaa doongaa; aur ve is desh ko naash karenge, aur maim usake rahanevaalom ko unake vash se na chhudaaoongaa..
Zechariah 11:6 in English
- King James Version (KJV)
- For I will no more pity the inhabitants of the land, saith the LORD: but, lo, I will deliver the men every one into his neighbour’s hand, and into the hand of his king: and they shall smite the land, and out of their hand I will not deliver [them].
- World English Bible (WEB)
- For I will no more pity the inhabitants of the land,” says the LORD; “but, behold, I will deliver every one of the men into his neighbor’s hand and into the hand of his king. They will strike the land, and out of their hand I will not deliver them.”
- American Standard Version (ASV)
- For I will no more pity the inhabitants of the land, saith Jehovah; but, lo, I will deliver the men every one into his neighbor’s hand, and into the hand of his king; and they shall smite the land, and out of their hand I will not deliver them.
- Bible in Basic English (BBE)
- For I will have no more pity for the people of the land, says the Lord; but I will give up everyone into his neighbour's hand and into the hand of his king: and they will make the land waste, and I will not keep them safe from their hands.
- Darby Translation (DBY)
- For I will no more pity the inhabitants of the land, saith Jehovah, and behold, I will deliver men, every one into his neighbour's hand, and into the hand of his king; and they shall smite the land, and I will not deliver out of their hand.
- Webster's Bible (WBS)
- For I will no more pity the inhabitants of the land, saith the LORD: but lo, I will deliver the men every one into his neighbor's hand, and into the hand of his king: and they shall smite the land, and out of their hand I will not deliver [them] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- For I have pity no more on inhabitants of the land, An affirmation of Jehovah, And lo, I am causing man to come forth, Each into the hand of his neighbour, And into the hand of his king, And they have beaten down the land, And I do not deliver out of their hand.'
Read in context
- 4मेरे परमेश्वर यहोवा ने यह आज्ञा दी: घात हानेवाली भेड़- बकरियों का चरवाहा हो जा।
- 5उनके मोल लेनेवाले उन्हें घात करने पर भी अपने को दोषी नहीं जानते, और उनके बेचनेवाले कहते हैं, यहोवा धन्य है, हम धनी हो गए हैं; और उनके चरवाहे उन पर कुछ दया नहीं करते।
- 6यहोवा की यह वाणी है, मैं इस देश के रहनेवालों पर फिर दया न करूंगा। देखो, मैं मनुष्यों को एक दूसरे के हाथ में, और उनके राजा के हाथ में पकड़वा दूंगा; और वे इस देश को नाश करेंगे, और मैं उसके रहनेवालों को उनके वश से न छुडाऊंगा।।
- 7सो मैं घात होनेवाली भेड़- बकरियों को और विशेष करके उन में से जो दीन थीं उनको चराने लगा। और मैं ने दो लाठियां लीं; एक का नाम मैं ने अनुग्रह रखा, और दूसरी का नाम एकता। इनको लिये हुए मैं उन भेड़- बकरियों को चराने लगा।
- 8और मैं ने उनके तीनों चरवाहों को एक महीने में नाश कर दिया, परन्तु मैं उनके कारण अधीर था, और वे मुझे से घृणा करती थीं।
Cross references
- Jeremiah 13:14 यिर्मयाह 13:14तब मैं उन्हें एक दूसरे से टकरा दूंगा; अर्थात् बाप को बेटे से, और बेटे को बाप से, यहोवा की यह वाणी है। मैं उन पर कोमलता नहीं दिखाऊंगा, न तरस खऊंगा और न दया करके उनको नष्ट होने से बचाऊंगा।
- Isaiah 9:19–21 यशायाह 9:19–21सेनाओं के यहोवा के रोष के मारे यह देश जलाया गया है, और ये लोग आग की ईंधन के समान हैं; वे आपस में एक दूसरे से दया का व्यवहार नहीं करते। वे दहिनी ओर से भोजनवस्तु छीनकर भी भूखे रहते, और बायें ओर से खाकर भी तृप्त नहीं होते; उन में से प्रत्येक मनुष्य अपनी अपनी बांहों का मांस खाता है, मनश्शे एप्रैम को और एप्रैम मनश्शे को खाता है, और वे दोनों मिलकर यहूदा के विरूद्ध हैं इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ, और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
- Matthew 22:7 मत्ती 22:7राजा ने क्रोध किया, और अपनी सेना भेजकर उन हत्यारों को नाश किया, और उन के नगर फूंक दिया।
- Hebrews 10:26–31 इब्रानियों 10:26–31क्योंकि सच्चाई की पहिचान प्राप्त करने के बाद यदि हम जान बूझकर पाप करते रहें, तो पापों के लिये फिर कोई बलिदान बाकी नहीं। हां, दण्ड का एक भयानक बाट जोहना और आग का ज्वलन बाकी है जो विरोधियों को भस्म कर देगा। जब कि मूसा की व्यवस्था का न माननेवाला दो या तीन जनों की गवाही पर, बिना दया के मार डाला जाता है। तो सोच लो कि वह कितने और भी भारी दण्ड के योग्य ठहरेगा, जिस ने परमेश्वर के पुत्रा को पांवों से रौंदा, और वाचा के लोहू को जिस के द्वारा वह पवित्रा ठहराया गया था, अपवित्रा जाना हैं, और अनुग्रह की आत्मा का अपमान किया। क्योंकि हम उसे जानते हैं, जिस ने कहा, कि पलटा लेना मेरा काम है, मैं ही बदला दूंगा: और फिर यह, कि प्रभु अपने लोगों का न्याय करेगा। जीवते परमेश्वर के हाथों में पड़ना भयानक बात है।।
- Micah 5:8 मीका 5:8और याकूब के बचे हुए लोग जातियों में और देश देश के लोगों के बीच ऐसे होंगे जैसे वनपशुओं में सिंह, वा भेड़- बकरियों के झुण्डों में जवान सिंह होता है, क्योंकि जब वह उनके बीच में से जाए, तो लताड़ता और फाड़ता जाएगा, और कोई बचा न सकेगा।
- Psalm 50:22 भजन संहिता 50:22हे ईश्वर को भूलनेवालो यह बात भली भांति समझ लो, कहीं ऐसा न हो कि मैं तुम्हें फाड़ डालूं, और कोई छुडानेवाला न हो!
- Matthew 10:34–36 मत्ती 10:34–36यह न समझो, कि मैं पृथ्वी पर मिलाप कराने को आया हूं; मैं मिलाप कराने को नहीं, पर तलवार चलवाने आया हूं। मैं तो आया हूं, कि मनुष्य को उसक पिता से, और बेटी को उस की मां से, और बहू को उस की सास से अलग कर दूं। मनुष्य के बैरी उसक घर ही के लोग होंगे।
- Zechariah 11:5 जकर्याह 11:5उनके मोल लेनेवाले उन्हें घात करने पर भी अपने को दोषी नहीं जानते, और उनके बेचनेवाले कहते हैं, यहोवा धन्य है, हम धनी हो गए हैं; और उनके चरवाहे उन पर कुछ दया नहीं करते।
- Zechariah 11:14 जकर्याह 11:14तब मैं ने अपनी दूसरी लाठी जिस का नाम एकता था, इसलिये तोड़ डाली कि मैं उस भाईचारे के नाते को तोड़ डालूं जो यहूदा और इस्राएल के बीच में है।।
- Isaiah 27:11 यशायाह 27:11जब उसकी शाखाएं सूख जाएं तब तोड़ी जाएंगी; और स्त्रियां आकर उनको तोड़कर जला देंगी। क्योंकि ये लोग निर्बुद्धि हैं; इसलिये उनका कर्ता उन पर दया न करेगा, और उनका रचनेवाला उन पर अनुग्रह न करेगा।।
- Micah 7:2–7 मीका 7:2–7भक्त लोग पृथ्वी पर से नाश हो गए हैं, और मनुष्यों में एक भी सीधा नहीं जन नहीं रहा; वे सब के सब हत्या के लिये घात लगाते, और जाल लगाकर अपने अपने भाई का आहेर करते हैं। वे अपने दोनों हाथों से मन लगाकर बुराई करते हैं; हाकिम घूस मांगता, और न्यायी घूस लेने को तैयार रहता है, और रईस अपने मन की दुष्टता वर्णन करता है; इसी प्रकार से वे सब मिलकर जालसाजी करते हैं। उन में से जो सब से उत्तम है, जो सब से सीधा है, वह कांटेवाले बाड़े से भी बुरा है। तेरे पहरूओं का कहा हुआ दिन, अर्थात् तेरे दण्ड का दिन आ गया है। अब वे शीघ्र चौंधिया जाएंगे। मित्रा पर विश्वास मत करो, परममित्रा पर भी भरोसा मत रखो; वरन अपनी अर्द्धागिन से भी संभलकर बोलना। क्योंकि पुत्रा पिता का अपमान करता, और बेटी माता के, और पतोह सास के विरूद्ध उठती है; मनुष्य के शत्रु उसके घर ही के लोग होते हैं। परन्तु मैं यहोवा की ओर ताकता रहूंगा, मैं अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर की बाट जोहता रहूंगा; मेरा परमेश्वर मेरी सुनेगा।।
- Micah 6:14 मीका 6:14तू खाएगा, परन्तु तृप्त न होगा, तेरा पट जलता ही रहेगा; और तू अपनी सम्पत्ति लेकर चलेगा, परन्तु न बचा सकेगा, और जो कुछ तू बचा भी ले, उसको मैं तलवार चलाकर लुटवा दूंगा।
Original words (Hebrew)
- pity · H2550חָמַל châmal
- inhabitants · H3427יָשַׁב yâshab
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- saith · H5002נְאֻם nᵉʼum
- deliver · H4672מָצָא mâtsâʼ
- men · H120אָדָם ʼâdâm
- one · H376אִישׁ ʼîysh
- neighbour’s · H7453רֵעַ rêaʻ
- hand · H3027יָד yâd
- hand · H3027יָד yâd
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- smite · H3807כָּתַת kâthath
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- hand · H3027יָד yâd
- deliver · H5337נָצַל nâtsal