1 Chronicles · chapter 21 · verse 4
1 Chronicles 21:4 in Hindi
तौभी राजा की आज्ञा योआब पर प्रबल हुई। तब योआब विदा होकर सारे इस्राएल में धूमकर यरूशलेम को लौट आया।
Taubhee raajaa kee aajnyaa yoaab par prabal huee. Tab yoaab vidaa hokar saare israael mem dhoomakar yarooshalem ko laut aayaa.
1 Chronicles 21:4 in English
- King James Version (KJV)
- Nevertheless the king’s word prevailed against Joab. Wherefore Joab departed, and went throughout all Israel, and came to Jerusalem.
- World English Bible (WEB)
- Nevertheless the king’s word prevailed against Joab. Therefore Joab departed and went throughout all Israel, then came to Jerusalem.
- American Standard Version (ASV)
- Nevertheless the king’s word prevailed against Joab. Wherefore Joab departed, and went throughout all Israel, and came to Jerusalem.
- Bible in Basic English (BBE)
- But the king's word was stronger than Joab's. So Joab went out and went through all Israel and came to Jerusalem.
- Darby Translation (DBY)
- But the king's word prevailed against Joab; and Joab departed, and went through all Israel, and came [again] to Jerusalem.
- Webster's Bible (WBS)
- Nevertheless the king's word prevailed against Joab. Wherefore Joab departed, and went throughout all Israel, and came to Jerusalem.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the word of the king [is] severe against Joab, and Joab goeth out, and goeth up and down in all Israel, and cometh in to Jerusalem.
Read in context
- 2तब दाऊद ने योआब और प्रजा के हाकिमों से कहा, तुम जाकर बर्शेबा से ले दान तक के इस्राएल की गिनती लेकर मुझे बताओ, कि मैं जान लूं कि वे कितने हैं।
- 3योआब ने कहा, यहोवा की प्रजा के कितने ही क्यों न हों, वह उनको सौ गुना बढ़ा दे; परन्तु हे मेरे प्रभु! हे राजा! क्या वे सब राजा के अधीन नहीं हैं? मेरा प्रभु ऐसी बात क्यों चाहता है? वह इस्राएल पर दोष लगने का कारण क्यों बने?
- 4तौभी राजा की आज्ञा योआब पर प्रबल हुई। तब योआब विदा होकर सारे इस्राएल में धूमकर यरूशलेम को लौट आया।
- 5तब योआब ने प्रजा की गिनती का जोड़, दाऊद को सुनाया और सब तलवारिये पुरूष इस्राएल के तो ग्यारह लाख, और यहूदा के चार लाख सत्तर हजार ठहरे।
- 6परन्तु उन में योआब ने लेवी और बिन्यामीन को न गिना, क्योंकि वह राजा की आज्ञा से घुणा करता था
Cross references
- Acts 5:29 प्रेरितों के काम 5:29तक पतरस और, और प्रेरितों ने उत्तर दिया, कि मनुष्यों की आज्ञा से बढ़कर परमेश्वर की आज्ञा का पालन करना ही कर्तव्य कर्म है।
- Exodus 1:17 निर्गमन 1:17परन्तु वे धाइयां परमेश्वर का भय मानती थीं, इसलिये मि के राजा की आज्ञा न मानकर लड़कों को भी जीवित छोड़ देती थीं।
- Ecclesiastes 8:4 सभोपदेशक 8:4क्योंकि राजा के वचन में तो सामर्थ्य रहती है, और कौन उस से कह सकता है कि तू क्या करता है?
- 2 Samuel 24:3–8 2 शमूएल 24:3–8योआब ने राजा से कहा, प्रजा के लोग कितने ही क्यों न हों, तेरा परमेश्वर यहोवा उनको सौगुणा बढ़ा दे, और मेरा प्रभु राजा इसे अपनी आंखों से देखने भी पाए; परन्तु, हे मेरे प्रभु, हे राजा, यह बात तू क्यों चाहता है? तौभी राजा की आज्ञा योआब और सेनापतियों पर प्रबल हुई। सो योआब और सेनापति राजा के सम्मुख से इस्राएली प्रजा की गिनती लेने को निकल गए। उन्हों ने यरदन पार जाकर अरोएर नगर की दाहिनी ओर डेरे खड़े किए, जो गाद के नाले के मध्य में और याजेर की ओर है। तब वे गिलाद में और तहतीम्होदशी नाम देश में गए, फिर दान्यान को गए, और चक्कर लगाकर सीदोन में पहुंचे; तब वे सोर नाम दृढ़ गढ़, और हिब्बियों और कनानियों के सब नगरों में गए; और उन्हों ने यहूदा देश की दक्खिन दिशा में बेशेंबा में दौरा निपटाया। और सब देश में इधर उधर घूम घूमकर वे नौ महीने और बीस दिन के बीतने पर यरूशलेम को आए।
- Daniel 3:18 दानिय्येल 3:18परन्तु, यदि नहीं, तो हे राजा तुझे मालूम हो, कि हम लोग तेरे देवता की उपासना नहीं करेंगे, और न तेरी खड़ी कराई हुई सोने की मूरत को दण्डवत् करेंगे।।