1 Chronicles · chapter 29 · verse 19
1 Chronicles 29:19 in Hindi
और मेरे पुत्र सुलैमान का मन ऐसा खरा कर दे कि वह तेरी आज्ञाओं चितौनियों और विधियों को मानता रहे और यह सब कुछ करे, और उस भवन को बनाए, जिसकी तैयारी मैं ने की है।
Aur mere putr sulaimaan kaa man aisaa kharaa kar de ki vah teree aajnyaaom chitauniyom aur vidhiyom ko maanataa rahe aur yah sab kuchh kare, aur us bhavan ko banaae, jisakee taiyaaree maim ne kee hai.
1 Chronicles 29:19 in English
- King James Version (KJV)
- And give unto Solomon my son a perfect heart, to keep thy commandments, thy testimonies, and thy statutes, and to do all [these things], and to build the palace, [for] the which I have made provision.
- World English Bible (WEB)
- and give to Solomon my son a perfect heart, to keep your commandments, your testimonies, and your statutes, and to do all these things, and to build the palace, for which I have made provision.”
- American Standard Version (ASV)
- and give unto Solomon my son a perfect heart, to keep thy commandments, thy testimonies, and thy statutes, and to do all these things, and to build the palace, for which I have made provision.
- Bible in Basic English (BBE)
- And give to Solomon my son a true heart, to keep your orders, your rules, and your laws, and to do all these things, and to put up this great house for which I have made ready.
- Darby Translation (DBY)
- And give to Solomon my son a perfect heart, to keep thy commandments, thy testimonies, and thy statutes, and to do all, and to build the palace, for which I have made provision.
- Webster's Bible (WBS)
- And give to Solomon my son a perfect heart, to keep thy commandments, thy testimonies, and thy statutes, and to do all [these things] , and to build the palace, [for] which I have made provision.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and to Solomon my son give a perfect heart, to keep Thy commands, Thy testimonies, and Thy statutes, and to do the whole, even to build the palace [for] which I have prepared.'
Read in context
- 17और हे मेरे परमेश्वर! मैं जानता हूँ कि तू मन को जांचता है और सिधाई से प्रसन्न रहता है; मैं ने तो यह सब कुछ मन की सिधाई और अपनी इच्छा से दिया है; और अब मैं ने आनन्द से देखा है, कि तेरी प्रजा के लोग जो यहां उपस्थित हैं, वह अपनी इच्छा से तेरे लिये भेंट देते हैं।
- 18हे यहोवा! हे हमारे पुरखा इब्राहीम, इसहाक और इस्राएल के परमेश्वर! अपनी प्रजा के मन के विचारों में यह बात बनाए रख और उनके मन अपनी ओर लगाए रख।
- 19और मेरे पुत्र सुलैमान का मन ऐसा खरा कर दे कि वह तेरी आज्ञाओं चितौनियों और विधियों को मानता रहे और यह सब कुछ करे, और उस भवन को बनाए, जिसकी तैयारी मैं ने की है।
- 20तब दाऊद ने सारी सभा से कहा, तुम अपने परमेश्वर यहोवा का धन्यवाद करो। तब सभा के सब लोगों ने अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा का धन्यवाद किया, और अपना अपना सिर झुका कर यहोवा को और राजा को दण्डवत किया।
- 21और दूसरे दिन उन्होंने यहोवा के लिये बलिदान किए, अर्थात अर्घों समेत एक हजार बैल, एक हजार मेढ़े और एक हजार भेड़ के बच्चे होमबलि कर के चढ़ाए, और सब इस्राएल के लिये बहुत से मेलबलि चढ़ाए। उसी दिन यहोवा के साम्हने उन्होंने बड़े आनन्द से खाया और पिया।
Cross references
- Psalm 72:1 भजन संहिता 72:1हे परमेश्वर, राजा को अपना नियम बता, राजपुत्रा को अपना धर्म सिखला!
- 1 Chronicles 28:9 1 इतिहास 28:9और हे मेरे पुत्रा सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा।
- 1 Chronicles 22:14 1 इतिहास 22:14सुन, मैं ने अपने क्लेश के समय यहोवा के भवन के लिये एक लाख किक्कार सोना, और दस लाख किक्कार चान्दी, और पीतल और लोहा इतना इकट्ठा किया है, कि बहुतायत के कारण तौल से बाहर है; और लकड़ी और पत्थर मैं ने इकट्ठे किए हैं, और तू उनको बढ़ा सकेगा।
- James 1:17 याकूब 1:17क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है।
- Psalm 119:80 भजन संहिता 119:80मेरा मन तेरी विधियों के मानने में सिद्ध हो, ऐसा न हो कि मुझे लज्जित होना पड़े।।
- 1 Chronicles 29:1–2 1 इतिहास 29:1–2फिर राजा दाऊद ने सारी सभा से कहा, मेरा पुत्र सुलैमान सुकुमार लड़का है, और केवल उसी को परमेश्वर ने चुना है; काम तो भारी है, क्योंकि यह भवन मनुष्य के लिये नहीं, यहोवा परमेश्वर के लिये बनेगा। मैं ने तो अपनी शक्ति भर, अपने परमेश्वर के भवन के निमित्त सोने की वस्तुओं के लिये सोना, चान्दी की वस्तुओं के लिये चान्दी, पीतल की वस्तुओं के लिये पीतल, लोहे की वस्तुओं के लिये लोहा, और लकड़ी की वस्तुओं के लिये लकड़ी, और सुलैमानी पत्थर, और जड़ने के योग्य मणि, और पच्ची के काम के लिये रंग रंग के नग, और सब भांति के मणि और बहुत संगमर्मर इकट्ठा किया है।
Original words (Hebrew)
- give · H5414נָתַן nâthan
- Solomon · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh
- son · H1121בֵּן bên
- perfect · H8003שָׁלֵם shâlêm
- heart · H3824לֵבָב lêbâb
- keep · H8104שָׁמַר shâmar
- commandments · H4687מִצְוָה mitsvâh
- testimonies · H5715עֵדוּת ʻêdûwth
- statutes · H2706חֹק chôq
- do · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- build · H1129בָּנָה bânâh
- palace · H1002בִּירָה bîyrâh
- provision · H3559כּוּן kûwn