1 Chronicles · chapter 5 · verse 20
1 Chronicles 5:20 in Hindi
उनके विरूद्ध इनको सहायता मिली, और अग्री उन सब समेत जो उनके साथ थे उनके हाथ में कर दिए गए, क्योंकि युठ्ठ में इन्हों ने परमेश्वर की दोहाई दी थी और उस ने उनकी बिनती इस कारण सुनी, कि इन्हों ने उस पर भरोसा रखा था।
Unake virooddh inako sahaayataa milee, aur agree un sab samet jo unake saath the unake haath mem kar die gae, kyonki yuthth mem inhom ne parameshvar kee dohaaee dee thee aur us ne unakee binatee is kaaran sunee, ki inhom ne us par bharosaa rakhaa thaa.
1 Chronicles 5:20 in English
- King James Version (KJV)
- And they were helped against them, and the Hagarites were delivered into their hand, and all that [were] with them: for they cried to God in the battle, and he was intreated of them; because they put their trust in him.
- World English Bible (WEB)
- They were helped against them, and the Hagrites were delivered into their hand, and all who were with them; for they cried to God in the battle, and he answered them because they put their trust in him.
- American Standard Version (ASV)
- And they were helped against them, and the Hagrites were delivered into their hand, and all that were with them; for they cried to God in the battle, and he was entreated of them, because they put their trust in him.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they were helped against them, so that the Hagarites, and those with them, were given into their power. For they sent up prayers to God in the fight, and he gave ear to them, because they put their faith in him.
- Darby Translation (DBY)
- and they were helped against them, and the Hagarites were delivered into their hand, and all that were with them; for they cried to God in the battle, and he was intreated of them, because they put their trust in him.
- Webster's Bible (WBS)
- And they were helped against them, and the Hagarites were delivered into their hand, and all that [were] with them: for they cried to God in the battle, and he was entreated by them; because they put their trust in him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they are helped against them, and the Hagarites are given into their hand, and all who [are] with them, for they cried to God in battle, and He was entreated of them, because they trusted in Him.
Read in context
- 18रूबेनियों, गादियों और मनश्शें के आधे गोत्रा के योठ्ठा जो ढाल बान्धने, तलवार चलाने, और धनुष के तीर छोड़ने के योग्य और युठ्ठ करना सीखे हुए थे, वे चौवालीस हजार सात सौ साठ थे, जो युठ्ठ में जाने के योग्य थे।
- 19इन्हों ने हग्रियों और यतूर नापीश और नोदाब से युठ्ठ किया था।
- 20उनके विरूद्ध इनको सहायता मिली, और अग्री उन सब समेत जो उनके साथ थे उनके हाथ में कर दिए गए, क्योंकि युठ्ठ में इन्हों ने परमेश्वर की दोहाई दी थी और उस ने उनकी बिनती इस कारण सुनी, कि इन्हों ने उस पर भरोसा रखा था।
- 21और इन्हों ने उनके पशु हर लिए, अर्थात् ऊंट तो पचास हजार, भेड़- बकरी अढ़ाई लाख, गदहे दो हजार, और मनुष्य एक लाख बन्धुए करके ले गए।
- 22और बहुत से मरे पड़े थे क्योंकि वह लड़ाई परमेश्वर की ओर से हुई। और ये उनके स्थान में बन्शुआई के समय तक बसे रहे।
Cross references
- Psalm 22:4–5 भजन संहिता 22:4–5हमारे पुरखा तुझी पर भरोसा रखते थे; वे भरोसा रखते थे, और तू उन्हें छुड़ाता था। उन्हों ने तेरी दोहाई दी और तू ने उनको छुड़ाया वे तुझी पर भरोसा रखते थे और कभी लज्जित न हुए।।
- Psalm 9:10 भजन संहिता 9:10और तेरे नाम के जाननेवाले तुझ पर भरोसा रखेंगे, क्योंकि हे यहोवा तू ने अपने खोजियों को त्याग नहीं दिया।।
- 2 Chronicles 18:31 2 इतिहास 18:31सो जब रथों के प्रधानों ने यहोशापात को देखा, तब कहा इस्राएल का राजा वही है, और वे उसी से लड़ने को मुड़े। इस पर यहोशापात चिल्ला उठा, तब यहोवा ने उसकी सहायता की। और परमेश्वर ने उन को उसके पास से फिर जाने की प्रेरणा की।
- Psalm 20:7–8 भजन संहिता 20:7–8किसी को रथों को, और किसी को घोड़ों का भरोसा है, परन्तु हम तो अपने परमेश्वर यहोवा ही का नाम लेंगे। वे तो झुक गए और गिर पड़े परन्तु हम उठे और सीधे खड़े हैं।।
- Joshua 10:14 यहोशू 10:14न तो उस से पहिले कोई ऐसा दिन हुआ और न उसके बाद, जिस में यहोवा ने किसी पुरूष की सुनी हो; क्योंकि यहोवा तो इस्राएल की ओर से लड़ता था।।
- Nahum 1:7 नहूम 1:7यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है।
- 1 Chronicles 5:22 1 इतिहास 5:22और बहुत से मरे पड़े थे क्योंकि वह लड़ाई परमेश्वर की ओर से हुई। और ये उनके स्थान में बन्शुआई के समय तक बसे रहे।
- Joshua 10:42 यहोशू 10:42इन सब राजाओं को उनके देशों समेत यहोशू ने एक ही समय में ले लिया, क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा इस्राएलियों की ओर से लड़ता था।
- Psalm 146:5–6 भजन संहिता 146:5–6क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है। वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उन में जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा।
- Jeremiah 17:7–8 यिर्मयाह 17:7–8धन्य है वह पुरूष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिस ने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा।
- 1 Kings 8:44–45 1 राजा 8:44–45जब तेरी प्रजा के लोग जहां कहीं तू उन्हें भेजे, वहां अपने शत्रुओं से लड़ाई करने को निकल जाएं, और इस नगर की ओर जिसे तू ने चुना है, और इस भवन की ओर जिसे मैं ने तेरे नाम पर बनाया है, यहोवा से प्रार्थना करें, तब तू स्वर्ग में से उनकी प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट सुनकर उनका न्याय कर।
- 2 Chronicles 32:20–21 2 इतिहास 32:20–21तब इन घटनाओं के कारण राजा हिजकिरयाह और आमोस के पुत्रा यशायाह नबी दोनों ने प्रार्थना की और स्वर्ग की ओर दोहाई दी। तब यहोवा ने एक दूत भेज दिया, जिस ने अश्शूर के राजा की छावनी में सब शूरवीरों, प्रधानों और सेनापतियों को नाश किया। और वह लज्जित होकर, आने देश को लौट गया। और जब वह अपने देवता के भवन में था, तब उसके निज पुत्रों ने वहीं उसे तलवार से मार डाला।