1 Corinthians · chapter 12 · verse 5
1 Corinthians 12:5 in Hindi
और सेवा भी कई प्रकार की है, परन्तु प्रभु एक ही है।
Aur sevaa bhee kaee prakaar kee hai, parantu prabhu ek hee hai.
1 Corinthians 12:5 in English
- King James Version (KJV)
- And there are differences of administrations, but the same Lord.
- World English Bible (WEB)
- There are various kinds of service, and the same Lord.
- American Standard Version (ASV)
- And there are diversities of ministrations, and the same Lord.
- Bible in Basic English (BBE)
- And there are different sorts of servants, but the same Lord.
- Darby Translation (DBY)
- and there are distinctions of services, and the same Lord;
- Webster's Bible (WBS)
- And there are differences of administrations, but the same Lord.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and there are diversities of ministrations, and the same Lord;
Read in context
- 3इसलिये मैं तुम्हें चितौनी देता हूं कि जो कोई परमेश्वर की आत्मा की अगुआई से बोलता है, वह नहीं कहता कि यीशु स्त्रापित है; और न कोई पवित्रा आत्मा के बिना कह सकता है कि यीशु प्रभु है।।
- 4बरदान तो कई प्रकार के हैं, परन्तु आत्मा एक ही है।
- 5और सेवा भी कई प्रकार की है, परन्तु प्रभु एक ही है।
- 6और प्रभावशाली कारर्य कई प्रकार के हैं, परन्तु परमशॆवर एक ही है, जो सब में हर प्रकार का प्रभाव उत्पन्न करता है।
- 7किन्तु सब के लाभ पहुंचाने के लिये हर एक को आत्मा का प्रकाश दिया जाता है।
Cross references
- Ephesians 4:11–12 इफिसियों 4:11–12और उस ने कितनों को भविष्यद्वकता नियुक्त करके, और कितनों को सुसमाचार सुनानेवाले नियुक्त करके, और कितनों को रखवाले और उपदेशक नियुक्त करके दे दिया। जिस से पवित्रा लोग सिद्ध जो जाएं, और सेवा का काम किया जाए, और मसीह की देह उन्नति पाए।
- Romans 14:8–9 रोमियों 14:8–9क्योंकि यदि हम जीवित हैं, तो प्रभु के लिये जीवित हैं; और यदि मरते हैं, तो प्रभु के लिये मरते हैं; सो हम जीएं या मरें, हम प्रभु ही के हैं। क्योंकि मसीह इसी लिये मरा और जी भी उठा कि वह मरे हुओं और जीवतों, दोनों का प्रभु हो।
- Romans 12:6–8 रोमियों 12:6–8और जब कि उस अनुग्रह के अनुसार जो हमें दिया गया है, हमें भिन्न भिन्न बरदान मिले हैं, तो जिस को भविष्यद्वाणी का दान मिला हो, वह विश्वास के परिमाण के अनुसार भविष्यद्वाणी करे। यदि सेवा करने का दान मिला हो, तो सेवा में लगा रहे, यदि कोई सिखानेवाला हो, तो सिखाने में लगा रहे। जो उपदेशक हो, वह उपदेश देने में लगा रहे; दान देनेवाला उदारता से दे, जो अगुआई करे, वह उत्साह से करे, जो दया करे, वह हर्ष से करे।
- Matthew 23:10 मत्ती 23:10और स्वामी भी न कहलाना, क्योंकि तुम्हारा एक ही स्वामी है, अर्थात् मसीह।
- 1 Corinthians 8:6 1 कुरिन्थियों 8:6तौभी हमारे निकट तो एक ही परमेश्वर है: अर्थात् पिता जिस की ओर से सब वस्तुएं हैं, और हम उसी के लिये हैं, और एक ही प्रभु है, अर्थात् यीशु मसीह जिस के द्वारा सब वस्तुएं हुई, और हम भी उसी के द्वारा हैं।
- 1 Corinthians 12:28–29 1 कुरिन्थियों 12:28–29और परमशॆवर ने कलीसिया में अलग अलग व्यक्ति नियुक्त किए हैं; प्रथम प्रेरित, दूसरे भविष्यद्वक्ता, तीसरे शिक्षक, फिर सामर्थ के काम करनेवाले, फिर चंगा करनेवाले, और उपकार करनेवाले, और प्रधान, और नाना प्रकार की भाषा बालनेवाले। क्या सब प्रेरित हैं? क्या सब भविष्यद्वक्ता हैं? क्या सब उपदेशक हैं? क्या सब सामर्थ के काम करनेवाले हैं?
- Acts 10:36 प्रेरितों के काम 10:36जो वचन उस ने इस्त्राएलियों के पास भेजा, जब कि उस ने यीशु मसीह के द्वारा (जो सब का प्रभु है) शान्ति का सुसमाचार सुनाया।
- Philippians 2:11 फिलिप्पियों 2:11और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है॥