1 Corinthians · chapter 5 · verse 10
1 Corinthians 5:10 in Hindi
यह नहीं, कि तुम बिलकुल इस जगत के व्यभिचारियों, या लोभियों, या अन्धेर करनेवालों, या मूत्तिपूजकों की संगति न करो; क्योंकि इस दशा में तो तुम्हें जगत में से निकल जाना ही पड़ता।
Yah naheem, ki tum bilakul is jagat ke vyabhichaariyom, yaa lobhiyom, yaa andher karanevaalom, yaa moottipoojakom kee sangati na karo; kyonki is dashaa mem to tumhem jagat mem se nikal jaanaa hee padataa.
1 Corinthians 5:10 in English
- King James Version (KJV)
- Yet not altogether with the fornicators of this world, or with the covetous, or extortioners, or with idolaters; for then must ye needs go out of the world.
- World English Bible (WEB)
- yet not at all meaning with the sexual sinners of this world, or with the covetous and extortionists, or with idolaters, for then you would have to leave the world.
- American Standard Version (ASV)
- not at all [meaning] with the fornicators of this world, or with the covetous and extortioners, or with idolaters; for then must ye needs go out of the world:
- Bible in Basic English (BBE)
- But I had not in mind the sinners who are outside the church, or those who have a desire for and take the property of others, or those who give worship to images; for it is not possible to keep away from such people without going out of the world completely:
- Darby Translation (DBY)
- not altogether with the fornicators of this world, or with the avaricious and rapacious, or idolaters, since [then] ye should go out of the world.
- Webster's Bible (WBS)
- Yet not altogether with lewd persons of this world, or with the covetous, or extortioners, or with idolaters: for then ye must needs go out of the world.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and not certainly with the whoremongers of this world, or with the covetous, or extortioners, or idolaters, seeing ye ought then to go forth out of the world —
Read in context
- 8सो आओ हम उत्सव में आनन्द मनावें, न तो पुराने खमीर से और न बुराई और दुष्टता के खमीर से, परन्तु सीधाई और सच्चाई की अखमीरी रोटी से।।
- 9मैं ने अपनी पत्री में तुम्हें लिखा है, कि व्यभिचारियों की संगति न करना।
- 10यह नहीं, कि तुम बिलकुल इस जगत के व्यभिचारियों, या लोभियों, या अन्धेर करनेवालों, या मूत्तिपूजकों की संगति न करो; क्योंकि इस दशा में तो तुम्हें जगत में से निकल जाना ही पड़ता।
- 11मेरा कहना यह है; कि यदि कोई भाई कहलाकर, व्यभिचारी, या लोभी, या मूत्तिपूजक, या गाली देनेवाला, या पियक्कड़, या अन्धेर करनेवाला हो, तो उस की संगति मत करना; बरन ऐसे मनुष्य के साथ खाना भी न खाना।
- 12क्योंकि मुझे बाहरवालों का न्याय करने से क्या काम? क्या तुम भीतरवालों का न्याय नहीं करते?
Cross references
- 1 Corinthians 10:27 1 कुरिन्थियों 10:27और यदि अविश्वायिों में से कोई तुम्हें नेवता दे, और तुम जाना चाहो, तो जो कुछ तुम्हारे साम्हने रखा जाए वही खाओ: और विवेक के कारण कुछ न पूछो।
- John 17:15–16 यूहन्ना 17:15–16मैं यह बिनती नहीं करता, कि तू उन्हें जगत से उठा ले, परन्तु यह कि तू उन्हें उस दुष्ट से बचाए रख। जैसे मैं संसार का नहीं, वैसे ही वे भी संसार के नहीं।
- Ephesians 2:2 इफिसियों 2:2जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात् उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न माननेवालों में कारर्य करता है।
- Matthew 5:14–16 मत्ती 5:14–16तुम जगत की ज्योति हो; जो नगर पहाड़ पर बसा हुआ है वह छिप नहीं सकता। और लोग दिया जलाकर पैमाने के नीचे नहीं परन्तु दीवट पर रखते हैं, तब उस से घर के सब लोगों को प्रकाश पहुंचता है। उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें।।
- John 15:19 यूहन्ना 15:19यदि तुम संसार के होते, तो संसार अपनों से प्रीति रखता, परन्तु इस कारण कि तुम संसार में से चुन लिया है इसी लिये संसार तुम से बैर रखता है।
- Philippians 2:15 फिलिप्पियों 2:15ताकि तुम निर्दोष और भोले होकर टेढ़े और हठीले लोगों के बीच परमेश्वर के निष्कलंक सन्तान बने रहो, (जिन के बीच में तुम जीवन का वचन लिए हुए जगत में जलते दीपकों की नाईं दिखाई देते हो)।
- 1 John 5:19 1 यूहन्ना 5:19हम जानते हैं, कि हम परमेश्वर से हैं, और सारा संसार उस दुष्ट के वंश में पड़ा है।
- John 8:23 यूहन्ना 8:23उस ने उन से कहा, तुम नीचे के हो, मैं ऊपर का हूं; तुम संसार के हो, मैं संसार का नहीं।
- 1 Corinthians 1:20 1 कुरिन्थियों 1:20कहां रहा ज्ञानवान? कहां रहा शास्त्री? कहां इस संसार का विवादी? क्या परमेश्वर ने संसार के ज्ञान को मूर्खता नहीं ठहराया?
- 1 John 4:5 1 यूहन्ना 4:5वे संसार के हैं, इस कारण वे संसार की बातें बोलते हैं, और संसार उन की सुनता है।
- 2 Corinthians 4:4 2 कुरिन्थियों 4:4और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके।
- Revelation 12:9 प्रकाशितवाक्य 12:9और वह बड़ा अजगर अर्थात् वही पुराना सांप, जो इब्लीस और शैतान कहलाता है, और सारे संसार का भरमानेवाला है, पृथ्वी पर गिरा दिया गया; और उसके दूत उसके साथ गिरा दिए गए।
Original words (Greek)
- Yet · G2532καί kaí
- not · G3756οὐ ou
- altogether · G3843πάντως pántōs
- fornicators · G4205πόρνος pórnos
- this · G5127τούτου toútou
- world · G2889κόσμος kósmos
- or · G2228ἤ ḗ
- covetous · G4123πλεονέκτης pleonéktēs
- or · G2228ἤ ḗ
- extortioners · G727ἅρπαξ hárpax
- or · G2228ἤ ḗ
- idolaters · G1496εἰδωλολάτρης eidōlolátrēs
- for · G1893ἐπεί epeí
- then · G686ἄρα ára
- needs · G3784ὀφείλω opheílō
- out · G1831ἐξέρχομαι exérchomai
- of · G1537ἐκ ek
- world · G2889κόσμος kósmos