1 Kings · chapter 12 · verse 28
1 Kings 12:28 in Hindi
तो राजा ने सम्मति लेकर सोने के दो बछड़े बनाए और लोगों से कहा, यरूशलेम को जाना तुम्हारी शक्ति से बाहर है इसलिये हे इस्राएल अपने देवताओं को देखो, जो नुम्हें मिस्र देश से दिकाल लाए हैं।
To raajaa ne sammati lekar sone ke do bachhade banaae aur logom se kahaa, yarooshalem ko jaanaa tumhaaree shakti se baahar hai isaliye he israael apane devataaom ko dekho, jo numhem misr desh se dikaal laae hain.
1 Kings 12:28 in English
- King James Version (KJV)
- Whereupon the king took counsel, and made two calves [of] gold, and said unto them, It is too much for you to go up to Jerusalem: behold thy gods, O Israel, which brought thee up out of the land of Egypt.
- World English Bible (WEB)
- So the king took counsel, and made two calves of gold; and he said to them, “It is too much for you to go up to Jerusalem. Look and behold your gods, Israel, which brought you up out of the land of Egypt!”
- American Standard Version (ASV)
- Whereupon the king took counsel, and made two calves of gold; and he said unto them, It is too much for you to go up to Jerusalem: behold thy gods, O Israel, which brought thee up out of the land of Egypt.
- Bible in Basic English (BBE)
- So after taking thought the king made two oxen of gold; and he said to the people, You have been going up to Jerusalem long enough; see! these are your gods, O Israel, who took you out of the land of Egypt.
- Darby Translation (DBY)
- And the king took counsel, and made two calves of gold. And he said to them, It is too much for you to go up to Jerusalem: behold thy gods, Israel, which brought thee up out of the land of Egypt!
- Webster's Bible (WBS)
- Upon which the king took counsel, and made two calves [of] gold, and said to them, It is too much for you to go up to Jerusalem: behold thy gods, O Israel, which brought thee out of the land of Egypt.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the king taketh counsel, and maketh two calves of gold, and saith unto them, 'Enough to you of going up to Jerusalem; lo, thy gods, O Israel, which brought thee up out of the land of Egypt.'
Read in context
- 26तब यारोबाम सोचने लगा, कि अब राज्य दाऊद के घराने का हो जाएगा।
- 27यदि प्रजा के लोग यरूशलेम में बलि करने को जाएं, तो उनका मन अपने स्वामी यहूदा के राजा रहूगियाम की ओर फिरेगा, और वे मुझे घात करके यहूदा के राजा रहूबियाम के हो जाएंगे।
- 28तो राजा ने सम्मति लेकर सोने के दो बछड़े बनाए और लोगों से कहा, यरूशलेम को जाना तुम्हारी शक्ति से बाहर है इसलिये हे इस्राएल अपने देवताओं को देखो, जो नुम्हें मिस्र देश से दिकाल लाए हैं।
- 29तो उस ने एक बछड़े को बेतेल, और दूसरे को दान में स्थपित किया।
- 30और यह बात पाप का कारण हुई; क्योंकि लोग उस एक के साम्हने दणडवत करने को दान तक जाने लगे।
Cross references
- Exodus 32:4 निर्गमन 32:4और हारून ने उन्हें उनके हाथ से लिया, और एक बछड़ा ढालकर बनाया, और टांकी से गढ़ा; तब वे कहने लगे, कि हे इस्त्राएल तेरा परमेश्वर जो तुझे मि देश से छुड़ा लाया है वह यही है।
- Exodus 32:8 निर्गमन 32:8और जिस मार्ग पर चलने की आज्ञा मैं ने उनको दी थी उसको झटपट छोड़कर उन्हों ने एक बछड़ा ढालकर बना लिया, फिर उसको दण्डवत् किया, और उसके लिये बलिदान भी चढ़ाया, और यह कहा है, कि हे इस्त्राएलियों तुम्हारा परमेश्वर जो तुम्हें मि देश से छुड़ा ले आया है वह यही है।
- 2 Kings 17:16 2 राजा 17:16वरन उन्हों ने अपने परमेश्वर यहोवा की सब आज्ञाओं को त्याग दिया, और दो बछड़ों की मूरतें ढालकर बनाई, और अशेरा भी बनाई; और आकाश के सारे गणों को दणडवत की, और बाल की उपासना की।
- 2 Kings 10:29 2 राजा 10:29तौभी नबात के पुत्र यारोबाम, जिसने इस्राएल से पाप कराया था, उसके पापों के अनुसार करने, अर्थात बेतेल और दान में के सोने के बछड़ों की पूजा, उस से येहू अलग न हुआ।
- 2 Chronicles 11:15 2 इतिहास 11:15और उसने ऊंचे स्थानों और बकरों और अपने बनाए हुए बछड़ों के लिये, अपनी ओर से याजक ठहरा लिए।
- Hosea 8:4–7 होशे 8:4–7वे राजाओं को ठहराते रहे, परन्तु मेरी इच्छा से नहीं। वे हाकिमों को भी ठहराते रहे, परन्तु मेरे अनजाने में। उन्हों ने अपना सोना- चान्दी लेकर मूरतें बना लीं जिस से वे ही नाश हो जाएं। हे शोमरोन, उस ने तेरे बछड़े को मन से उतार दिया है, मेरा क्रोध उन पर भड़का है। वे निर्दोष होने में कब तक विलम्ब करेंगे? यह इस्राएल से हुआ है।। एक कारीगर ने उसे बनाया; वह परमेश्वर नहीं है। इस कारण शोमरोन का वह बछड़ा टुकड़े टुकड़े हो जाएगा।। वे वायु बोते हैं, और वे बवण्डर लवेंगे। उनके लिये कुछ खेत रहेगा नहीं न उनकी उपज से कुछ आटा होगा; और यदि हो भी तो परदेशी उसको खा डालेंगे।
- Deuteronomy 4:14–18 व्यवस्थाविवरण 4:14–18और मुझ को यहोवा ने उसी समय तुम्हें विधि और नियम सिखाने की आज्ञा दी, इसलिये कि जिस देश के अधिकारी होने को तुम पार जाने पर हो उस में तुम उनको माना करो। इसलिये तुम अपने विषय में बहुत सावधान रहना। क्योंकि जब यहोवा ने तुम से होरेब पर्वत पर आग के बीच में से बातें की तब तुम को कोई रूप न देख पड़ा, कहीं ऐसा न हो कि तुम बिगड़कर चाहे पुरूष चाहे स्त्री के, चाहे पृथ्वी पर चलनेवाले किसी पशु, चाहे आकाश में उड़नेवाले किसी पक्षी के, चाहे भूमि पर रेंगनेवाले किसी जन्तु, चाहे पृथ्वी के जल में रहनेवाली किसी मछली के रूप की कोई मूर्त्ति खोदकर बना लो,
- 1 Kings 12:8–9 1 राजा 12:8–9रहूबियाम ने उस सम्मति को छोड़ दिया, जो बूढ़ों ने उसको दी थी,और उन जवानों से सम्मति ली, जो उसके संग बड़े हुए थे, और उसके सम्मुख उपस्थित रहा करते थे। उन से उस ने पूछा, मैं प्रजा के लोगों को कैसा उत्तर दूं? उस में तुम क्या सम्मति देते हो? उन्हो ने तो मुझ से कहा है, कि जो जूआ तेरे पिता ने हम पर डाल रखा है, उसे तू हलका कर।
- Isaiah 30:10 यशायाह 30:10वे दर्शियों से कहते हैं, दर्शी मत बनो; और नबियों से कहते हैं, हमारे लिये ठीक नबूवत मत करो; हम से चिकनी चुपड़ी बातें बोलो, धोखा देनेवाली नबूवत करो।
- 2 Peter 2:19 2 पतरस 2:19वे उन्हें स्वतंत्रा होने की प्रतिज्ञा तो देते हैं, पर आप ही सड़ाहट के दास हैं, क्योंकि जो व्यक्ति जिस से हार गया है, वह उसका दास बन जाता है।
- Hosea 10:5–6 होशे 10:5–6सामरिया के निवासी बेतावेन के बछड़े के लिये डरते रहेंगे, और उसके लोग उसके लिये विलाप करेंगे; और उसके पुजारी जो उसके कारण मगन होते थे उसके प्रताप के लिये इस कारण विलाप करेंगे क्योंकि वह उन में से उठ गया है। वह यारेब राजा की भेंट ठहरने के लिये अश्शूर देश में पहुंचाया जएगा। एप्रैम लज्जित होगा, और इस्राएल भी अपनी युक्ति से लजाएगा।।
- Exodus 20:4 निर्गमन 20:4तू अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी कि प्रतिमा बनाना, जो आकाश में, वा पृथ्वी पर, वा पृथ्वी के जल में है।
Original words (Hebrew)
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- counsel · H3289יָעַץ yâʻats
- made · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- two · H8147שְׁנַיִם shᵉnayim
- calves · H5695עֵגֶל ʻêgel
- gold · H2091זָהָב zâhâb
- said · H559אָמַר ʼâmar
- much · H7227רַב rab
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- gods · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim