1 Kings · chapter 15 · verse 24
1 Kings 15:24 in Hindi
परन्तु उसके बुढ़ापे में तो उसे पांवों का रोग लग गया। निदान आसा अपने पुरखाओं के संग सो गया, और उसे उसके मूलपुरूष दाऊद के नगर में उन्हीं के पास पिट्टी दी गई और उसका पुत्रा यहोशापात उसके स्थान पर राज्य करने लगा।
Parantu usake budhaape mem to use paanvom kaa rog lag gayaa. Nidaan aasaa apane purakhaaom ke sang so gayaa, aur use usake moolapuroosh daaood ke nagar mem unheem ke paas pittee dee gaee aur usakaa putraa yahoshaapaat usake sthaan par raajy karane lagaa.
1 Kings 15:24 in English
- King James Version (KJV)
- And Asa slept with his fathers, and was buried with his fathers in the city of David his father: and Jehoshaphat his son reigned in his stead.
- World English Bible (WEB)
- Asa slept with his fathers, and was buried with his fathers in his father David’s city; and Jehoshaphat his son reigned in his place.
- American Standard Version (ASV)
- And Asa slept with his fathers, and was buried with his fathers in the city of David his father; and Jehoshaphat his son reigned in his stead.
- Bible in Basic English (BBE)
- So Asa went to rest with his fathers and was put into the earth in the town of David his father: and Jehoshaphat his son became king in his place.
- Darby Translation (DBY)
- And Asa slept with his fathers, and was buried with his fathers in the city of David his father. And Jehoshaphat his son reigned in his stead.
- Webster's Bible (WBS)
- And Asa slept with his fathers, and was buried with his fathers in the city of David his father: and Jehoshaphat his son reigned in his stead.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Asa lieth with his fathers, and is buried with his fathers in the city of David his father, and Jehoshaphat his son reigneth in his stead.
Read in context
- 22तब राजा आसा ने सारे यहूदा में प्रचार करवाया और कोई अनसुना न रहा, तब वे रामा के पत्थ्रों और लकड़ी को जिन से बासा उसे दृढ़ करता था उठा ले गए, और उन से राजा आसा ने बिन्यामीन के गेबा और मिस्पा को दृढ़ किया।
- 23आसा के और काम और उसकी वीरता और जो कुछ उस ने किया, और जो नगर उस ने दृढ़ किए, यह सब क्या यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखा है?
- 24परन्तु उसके बुढ़ापे में तो उसे पांवों का रोग लग गया। निदान आसा अपने पुरखाओं के संग सो गया, और उसे उसके मूलपुरूष दाऊद के नगर में उन्हीं के पास पिट्टी दी गई और उसका पुत्रा यहोशापात उसके स्थान पर राज्य करने लगा।
- 25यहूदा के राजा आसा के दूसरे वर्ष में यारोबाम का पुत्रा नादाब इस्राएल पर राज्य करने लगा; और दो वर्ष तक राज्य करता रहा।
- 26उस ने वह काम किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा था और अपने पिता के मार्ग पर वही पाप करता हुआ चलता रहा जो उस ने इस्राएल से करवाया था।
Cross references
- Matthew 1:8 मत्ती 1:8और सुलैमान से रहबाम उत्पन्न हुआ; और रहबाम से अबिरयाह उत्पन्न हुआ; और अबिरयाह से आसा उत्पन्न हुआ; और आसा से यहोशफात उत्पन्न हुआ; और यहोशाफात से योराम उत्पन्न हुआ, और योराम से उज्जियाह उत्पन्न हुआ।
- 1 Kings 22:41–43 1 राजा 22:41–43इस्राएल के राजा अहाब के चौथे वर्ष में आसा का पुत्रा यहोशापात यहूदा पर राज्य करने लगा। जब यहोशापात राज्य करने लगा, तब वह पैंतीस वर्ष का था। और पचीस पर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उसकी माता का नाम अजूबा था, जो शिल्ही की बेटी थी। और उसकी चाल सब प्रकार से उसके पिता आसा की सी थी, अर्थात जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है वही वह करता रहा, और उस से कुछ न मुड़ा। तौभी ऊंचे स्थान ढाए न गए, प्रजा के लोग ऊंचे स्थानों पर उस समय भी बलि किया करते थे और धूप भी जलाया करते थे।
- 2 Chronicles 17:1–9 2 इतिहास 17:1–9और उसका पुत्रा यहोशापात उसके स्थान पर राज्य करने लगा, और इस्राएल के विरूद्ध अपना बल बढ़ाया। और उस ने यहूदा के सब गढ़वाले नगरों में सिपाहियों के दल ठहरा दिए, और यहूदा के देश में और एप्रैम के उन नगरों में भी जो उसके पिता आसा ने ले लिये थे, सिपाहियों की चौकियां बैठा दीं। और यहोवा यहोशापात के संग रहा, क्योंकि वह अपने मूलपुरूष दाऊद की प्राचीन चाल सी चाल चला और बाल देवताओं की खोज में न लगा। वरन वह अपने पिता के परमेश्वर की खोज में लगा रहता था और उसी की आज्ञाओं पर चलता था, और इस्राएल के से काम नहीं करता था। इस कारए यहोवा ने रज्य को उसके हाथ में दृढ़ किया, और सारे यहूदी उसके पास भेंट लाया करते थे, और उसके पास बहुत धन और उसका विभव बढ़ गया। और यहोवा के माग पर चलते चलते उसका मन मगन हो गया; फिर उस ने यहूदा से ऊंचे स्थान और अशेरा नाम मूरतें दूर कर दीं। और उस ने अपने राज्य के तीसरे वर्ष में बेन्हैल, ओबद्याह, जकर्याह, नतनेल और मीकायाह नामक अपने हाकिमों को यहूदा के नगरों में शिक्षा देने को भेज दिया। और उनके साथ शमायाह, नतन्याह, जबद्याह, असाहेल, शमीरामोत, यहोनातान, अदोनिरयाह, तोबिरयाह और तोबदोनिरयाह, नाम लेवीय और उनके संग एलीशामा और यहोराम नामक याजक थे। सो उन्हों ने यहोवा की रयवस्था की पुस्तक अपने साथ लिये हुए यहूदा में शिक्षा दी, वरन वे यहूदा के सब नगरों में प्रजा को सिखाते हुए घूमे।