1 Kings · chapter 21 · verse 14
1 Kings 21:14 in Hindi
तब उन्हों ने ईज़ेबेल के पास यह कहला भेजा कि नाबोत पत्थरवाह करके मार डाला गया है।
Tab unhom ne eejebel ke paas yah kahalaa bhejaa ki naabot pattharavaah karake maar daalaa gayaa hai.
1 Kings 21:14 in English
- King James Version (KJV)
- Then they sent to Jezebel, saying, Naboth is stoned, and is dead.
- World English Bible (WEB)
- Then they sent to Jezebel, saying, “Naboth has been stoned and is dead.”
- American Standard Version (ASV)
- Then they sent to Jezebel, saying, Naboth is stoned, and is dead.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they sent word to Jezebel, saying, Naboth has been stoned and is dead.
- Darby Translation (DBY)
- And they sent to Jezebel saying, Naboth is stoned, and is dead.
- Webster's Bible (WBS)
- Then they sent to Jezebel, saying, Naboth is stoned, and is dead.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they send unto Jezebel, saying, 'Naboth was stoned, and is dead.'
Read in context
- 12और नाबोत को लोगों के साम्हने ऊंचे स्थान पर बैठाया।
- 13तब दो नीच जन आकर उसके सम्मुख बैठ गए; और उन नीच जनों ने लोगों लोगों के साम्हने नाबोत के विम्ठ्ठ यह साक्षी दी, कि नाबोत ने परमेश्वर और राजा दोनों की निन्दा की। इस पर उन्हों ने उसे नगर से बाहर ले जाकर उसको पत्थरवाह किया, और वह मर गया।
- 14तब उन्हों ने ईज़ेबेल के पास यह कहला भेजा कि नाबोत पत्थरवाह करके मार डाला गया है।
- 15यह सुनते ही कि नाबोत पत्थरवाह करके मारडाला गया है, ईज़ेबेल ने अहाब से कहा, उठकर यिज्रेली नाबोत की दाख की बारी को जिसे उस ने तुझे रूपया लेकर देने से भी इनकार किया था अपने अधिकार में ले, क्योंकि नाबोत जीवित नहीं परन्तु वह मर गया है।
- 16यिज्रेली नाबोत की मृत्यु का समाचार पाते ही अहाब उसकी दाख की बारी अपने अधिकार में लेने के लिये वहां जाने को उठ खड़ा हुआ।
Cross references
- Ecclesiastes 5:8 सभोपदेशक 5:8यदि तू किसी प्रान्त में निर्धनों पर अन्धेर और न्याय और धर्म को बिगड़ता देखे, तो इस से चकित न होना; क्योंकि एक अधिकारी से बड़ा दूसरा रहता है जिसे इन बातों की सुधि रहती है, और उन से भी ओर अधिक बड़े रहते हैं।
- Ecclesiastes 8:14 सभोपदेशक 8:14एक व्यर्थ बात पृथ्वी पर होती है, अर्थात् ऐसे धर्मी हैं जिनकी वह दशा होती है जो दुष्टों की होनी चाहिये, और ऐसे दुष्ट हैं जिनकी वह दशा होती है हो धर्मियों की होनी चाहिये। मैं ने कह कि यह भी व्यर्थ ही है।
- 2 Samuel 11:14–24 2 शमूएल 11:14–24बिहान को दाऊद ने योआब के नाम पर एक चिट्ठी लिखकर ऊरिरयाह के हाथ से भेजदी। उस चिट्ठी में यह लिखा था, कि सब से घोर युद्ध के साम्हने ऊरिरयाह को रखना, तब उसे छोडकर लौट आबो, कि वह घायल हो कर मर जाए। और योआब ने नगर को अच्छी रीति से देख भालकर जिस स्थान में वह जानता था कि वीर हैं, उसी में ऊरिरयाह को ठहरा दिया। तब नगर के पुरूषों ने निकलकर योआब से युद्ध किया, और लागों में से, अर्थात् दाऊद के सेवकों में से कितने खेत आए; और उन में हित्ती ऊरिरयह भी मर गया। तब योआब ने भेजकर दाऊद को युद्ध का पूरा हाल बताया; और दूत को आज्ञा दी, कि जब तू युद्धका पूरा हाल राजा को बता चुके, तब यदि राजा जलकर कहने लगे, कि तुम लाग लड़ने को नगर के ऐसे निकट क्यों गए? क्या तुम न जानते थे कि वे शहरपनाह पर से तीर छोड़ेंगे? यरूब्बेशेत के पुत्रा अबीमेलेक को किसने मार डाला? क्या एक स्त्री ने शहरपनाह पर से चक्की का उपरला पाट उस पर ऐसा न डाला कि वह तेबेस में मर गया? फिर तुम हाहरपनाह के एसे निकट क्यों गए? तो तू यों कहना, कि तेरा दास ऊरिरयाह हित्ती भी मर गया। तब दूत चल दिया, और जाकर दाऊद से योआब की सब बातें चर्णन कीं। दूत ने दाऊद से कहा, कि वे लोग हम पर प्रबल होकर मैदान में हमारे पास निकल आए, फिर हम ने उन्हें फाटक तक खदेड़ा। तब धनुर्धारियों ने शहरपनाह पर से तेरे जनों पर तीर छोड़े; और राजा के कितने जन मर गए, और तेरा दास ऊरिरयाह हित्ती भी मर गया।