1 Kings · chapter 8 · verse 48
1 Kings 8:48 in Hindi
और यदि वे अपने उन शत्रुओं के देश में जो उन्हें बन्धुआ करके ले गए हों, अपने सम्पूर्ण मन और सम्पूर्ण प्राण से तेरी ओर फिरें और अपने इस देश की ओर जो तू ने उनके पुरूखाओं को दिया था, और इस नगर की ओर जिसे तू ने चुना है, और इस भवन की ओर जिसे मैं ने तेरे नाम का बनाया है, तुझ से प्रार्थना करें,
Aur yadi ve apane un shatruom ke desh mem jo unhem bandhuaa karake le gae hom, apane sampoorn man aur sampoorn praan se teree or phirem aur apane is desh kee or jo too ne unake purookhaaom ko diyaa thaa, aur is nagar kee or jise too ne chunaa hai, aur is bhavan kee or jise maim ne tere naam kaa banaayaa hai, tujh se praarthanaa karem,
1 Kings 8:48 in English
- King James Version (KJV)
- And [so] return unto thee with all their heart, and with all their soul, in the land of their enemies, which led them away captive, and pray unto thee toward their land, which thou gavest unto their fathers, the city which thou hast chosen, and the house which I have built for thy name:
- World English Bible (WEB)
- if they return to you with all their heart and with all their soul in the land of their enemies who carried them captive, and pray to you toward their land which you gave to their fathers, the city which you have chosen and the house which I have built for your name,
- American Standard Version (ASV)
- if they return unto thee with all their heart and with all their soul in the land of their enemies, who carried them captive, and pray unto thee toward their land, which thou gavest unto their fathers, the city which thou hast chosen, and the house which I have built for thy name:
- Bible in Basic English (BBE)
- And with all their heart and soul are turned again to you, in the land of those who took them prisoners, and make their prayer to you, turning their eyes to this land which you gave to their fathers, and to the town which you took for yourself, and the house which I made for your name:
- Darby Translation (DBY)
- and if they return unto thee with all their heart and with all their soul, in the land of their enemies who led them away captive, and pray unto thee toward their land which thou gavest unto their fathers, the city that thou hast chosen, and the house that I have built unto thy name;
- Webster's Bible (WBS)
- And [so] return to thee with all their heart, and with all their soul, in the land of their enemies, who led them away captive, and pray to thee towards their land, which thou gavest to their fathers, the city which thou hast chosen, and the house which I have built for thy name:
- Young's Literal Translation (YLT)
- yea, they have turned back unto Thee, with all their heart, and with all their soul, in the land of their enemies who have taken them captive, and have prayed unto Thee the way of their land, which Thou gavest to their fathers, the city which Thou hast chosen, and the house which I have builded for Thy name:
Read in context
- 46निष्पाप तो कोई मनुष्य नहीं है: यदि ये भी तेरे विरूद्ध पाप करें, और तू उन पर कोप करके उन्हें श.ाुओं के हाथ कर दे, और वे उनको बन्धुआ करके अपने देश को चाहे वह दूर हो, चाहे निकट ले जवएं,
- 47तो यदि वे बन्धुआई के देश में सोच विचार करें, और फिरकर अपने बन्धुआ करनेवालों के देश में तुझ से गिड़गिड़ाकर कहें कि हम ने पाप किया, और कुटिलता ओर दुष्टता की है;
- 48और यदि वे अपने उन शत्रुओं के देश में जो उन्हें बन्धुआ करके ले गए हों, अपने सम्पूर्ण मन और सम्पूर्ण प्राण से तेरी ओर फिरें और अपने इस देश की ओर जो तू ने उनके पुरूखाओं को दिया था, और इस नगर की ओर जिसे तू ने चुना है, और इस भवन की ओर जिसे मैं ने तेरे नाम का बनाया है, तुझ से प्रार्थना करें,
- 49तो तू अपने स्वग य निवासस्थान में से उनकी प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट सुनना; और उनका न्याय करना,
- 50और जो पाप तेरी प्रजा के लोग तेरे विरूद्ध करेंगे, और जितने अपराध वे तेरे विरूद्ध करेंगे, सब को क्षमा करके, उनके बन्धुआ करनेवालों के मन में ऐसी दया उपजाना कि वे उन पर दया करें।
Cross references
- Daniel 6:10 दानिय्येल 6:10जब दानिरयेल को मालूम हुआ कि उस पत्रा पर हस्ताक्षर किया गया है, तब वह अपने घर में गया जिसकी उपरौठी कोठरी की खिड़कियां यरूशलेम के सामने खुली रहती थीं, और अपनी रीति के अनुसार जैसा वह दिन में तीन बार अपने परमेश्वर के साम्हने घुटने टेककर प्रार्थना और धन्यवाद करता था, वैसा ही तब भी करता रहा।
- Jeremiah 29:12–14 यिर्मयाह 29:12–14तब उस समय तुम मुझ को पुकारोगे और आकर मुझ से प्रार्थना करोगे और मैं तुम्हारी सुनूंगा। तुम मुझे ढूंढ़ोगे और पाओगे भी; क्योंकि तुम अपने सम्पूर्ण मन से मेरे पास आओगे। मैं तुम्हें मिलूंगा, यहोवा की यह वाणी है, और बंधुआई से लौटा ले आऊंगा; और तुम को उन सब जातियों और स्थानों में से जिन में मैं ने तुम को बरबस निकाल दिया है, और तुम्हें इकट्ठा करके इस स्थान में लौटा ले आऊंगा जहां से मैं ने तुम्हें बंधुआ करवाके निकाल दिया था, यहोवा की यही वाणी है।
- Deuteronomy 4:29 व्यवस्थाविवरण 4:29परन्तु वहां भी यदि तुम अपने परमेश्वर यहोवा को ढूंढ़ोगे, तो वह तुम को मिल जाएगा, शर्त यह है कि तुम अपने पूरे मन से और अपने सारे प्राण से उसे ढूंढ़ो।
- Nehemiah 1:9 नहेमायाह 1:9परन्तु यदि तुम मेरी ओर फिरो, और मेरी आज्ञाएं मानो, और उन पर चलो, तो चाहे तुम में से निकाले हुए लोग आकाश की छोर में भी हों, तौभी मैं उनको वहां से इकट्ठा करके उस स्थान में पहुंचाऊंगा, जिसे मैं ने अपने नाम के निवास के लिये चुन लिया है।
- 1 Samuel 7:3–4 1 शमूएल 7:3–4तब शमूएल ने इस्राएल के सारे घराने से कहा, यदि तुम अपने पूर्ण मन से यहोवा की ओर फिरे हो, तो पराए देवताओं और अश्तोरेत देवियों को अपने बीच में से दूर करो, और यहोवा की ओर अपना मन लगाकर केवल उसी की उपासना करो, तब वह तुम्हें पलिश्तियों के हाथ से छुड़ाएगा। तब इस्राएलियों ने बाल देवताओं और अशतोरेत देवियों को दूर किया, और केवल यहोवा ही की उपासना करने लगे।।
- Jonah 2:4 योना 2:4तब मैं ने कहा, मैं तेरे साम्हने से निकाल दिया गया हूं; तौभी तेरे पवित्रा मन्दिर की ओर फिर ताकूंगा।
- Psalm 119:145 भजन संहिता 119:145मैं ने सारे मन से प्रार्थना की है, हे यहोवा मेरी सुन लेना! मैं तेरी विधियों को पकड़े रहूंगा।
- Jeremiah 3:10 यिर्मयाह 3:10इतने पर भी उसकी विश्वासघाती बहिन यहूदा पूर्ण मन से मेरी ओर नहीं फिरी, परन्तु कपट से, यहोवा की यही वाणी है।
- Psalm 119:2 भजन संहिता 119:2क्या ही धन्य हैं वे जो उसकी चितौनियों को मानते हैं, और पूर्ण मन से उसके पास आते हैं!
- Hosea 14:1–2 होशे 14:1–2हे इस्राएल, अपने परमेश्वर यहोवा के पास लौट आ, क्योंकि तू ने अपने अधर्म के कारण ठोकर खाई है। बातें सीखकर और यहोवा की ओर फिरकर, उस से कह, सब अधर्म दूर कर; अनुग्रह से हम को ग्रहण कर; तब हम धन्यवाद रूपी बलि चढ़ाएंगे।
- Romans 10:10 रोमियों 10:10क्योंकि धार्मिकता के लिये मन से विश्वास किया जाता है, और उद्धार के लिये मुंह से अंगीकार किया जाता है।
- Isaiah 55:6–7 यशायाह 55:6–7जब जब यहोवा मिल सकता है तब तक उसकी खोज में रहो, जब तक वह निकट है तब तक उसे पुकारो; दुष्ट अपनी चालचलन और अनर्थकारी अपने सोच विचार छोड़कर यहोवा ही की ओर फिरे, वह उस पर दया करेगा, वह हमारे परमेश्वर की ओर फिरे और वह पूरी रीति से उसको क्षमा करेगा।
Original words (Hebrew)
- return · H7725שׁוּב shûwb
- heart · H3824לֵבָב lêbâb
- soul · H5315נֶפֶשׁ nephesh
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- enemies · H341אֹיֵב ʼôyêb
- captive · H7617שָׁבָה shâbâh
- pray · H6419פָּלַל pâlal
- toward · H1870דֶּרֶךְ derek
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- gavest · H5414נָתַן nâthan
- fathers · H1אָב ʼâb
- city · H5892עִיר ʻîyr
- chosen · H977בָּחַר bâchar
- house · H1004בַּיִת bayith
- built · H1129בָּנָה bânâh
- name · H8034שֵׁם shêm