1 Peter · chapter 3 · verse 10
1 Peter 3:10 in Hindi
क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे।
Kyonki jo koee jeevan kee ichchhaa rakhataa hai, aur achchhe din dekhanaa chaahataa hai, vah apanee jeebh ko buraaee se, aur apane honthom ko chhal kee baatem karane se roke rahe.
1 Peter 3:10 in English
- King James Version (KJV)
- For he that will love life, and see good days, let him refrain his tongue from evil, and his lips that they speak no guile:
- World English Bible (WEB)
- For, “He who would love life and see good days, let him keep his tongue from evil and his lips from speaking deceit.
- American Standard Version (ASV)
- For, He that would love life, And see good days, Let him refrain his tongue from evil, And his lips that they speak no guile:
- Bible in Basic English (BBE)
- For it is said, Let the man who has a love of life, desiring to see good days, keep his tongue from evil and his lips from words of deceit:
- Darby Translation (DBY)
- For he that will love life and see good days, let him cause his tongue to cease from evil and his lips that they speak no guile.
- Webster's Bible (WBS)
- For he that will love life, and see good days, let him restrain his tongue from evil, and his lips that they speak no guile:
- Young's Literal Translation (YLT)
- for 'he who is willing to love life, and to see good days, let him guard his tongue from evil, and his lips — not to speak guile;
Read in context
- 8निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
- 9बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।
- 10क्योंकि जो कोई जीवन की इच्छा रखता है, और अच्छे दिन देखना चाहता है, वह अपनी जीभ को बुराई से, और अपने होंठों को छल की बातें करने से रोके रहे।
- 11वह बुराई का साथ छोड़े, और भलाई की करे; वह मेल मिलाप को ढूंढ़े, और उस के यत्न में रहे।
- 12क्योंकि प्रभु की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उस की बिनती की ओर लगे रहते हैं, परन्तु प्रभु बुराई करनेवालों के विमुख रहता है।।
Cross references
- Psalm 34:12–16 भजन संहिता 34:12–16वह कौन मनुष्य है जो जीवन की इच्छा रखता, और दीर्घायु चाहता है ताकि भलाई देखे? अपनी जीभ को बुराई से रोक रख, और अपने मुंह की चौकसी कर कि उस से छल की बात न निकले। बुराई को छोड़ और भलाई कर; मेल को ढूंढ और उसी का पीछा कर।। यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं। यहोवा बुराई करनेवालों के विमुख रहता है, ताकि उनका स्मरण पृथ्वी पर से मिटा डाले।
- James 1:26 याकूब 1:26यदि कोई अपने आप को भक्त समझे, और अपनी जीभ पर लगाम न दे, पर अपने हृदय को धोखा दे, तो उस की भक्ति व्यर्थ है।
- 1 Peter 2:22 1 पतरस 2:22न तो उस ने पाप किया, और न उसके मुंह से छल की कोई बात निकली।
- 1 Peter 2:1 1 पतरस 2:1इसलिये सब प्रकार का बैरभाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके।
- Revelation 14:5 प्रकाशितवाक्य 14:5और उन के मुंह से कभी झूठ न निकला था, वे निर्दोष हैं।।
- James 3:1–10 याकूब 3:1–10हे मेरे भाइयों, तुम में से बहुत उपदेशक न बनें, क्योंकि जानते हो, कि हम उपदेशक और भी दोषी ठहरेंगे। इसलिये कि हम सब बहुत बार चूक जाते हैं: जो कोई वचन में नहीं चूकता, वही तो सिद्ध मनुष्य है; और सारी देह पर भी लगाम लगा सकता है। जब हम अपने वश में करने के लिये घोड़ों के मुंह में लगाम लगाते हैं, तो हम उन की सारी देह को भी फेर सकते हैं। देखो, जहाज भी, यद्यपि ऐसे बड़े होते हैं, और प्रचण्ड वायु से चलाए जाते हैं, तौभी एक छोटी सी पतवार के द्वारा मांझी की इच्छा के अनुसार घुमाए जाते हैं। वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े बन में आग लग जाती है। जीभ भी एक आग है: भी हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है। क्योंकि हर प्रकार के बन- पशु, पक्षी, और रेंगनेवाले जन्तु और जलचर तो मनुष्य जाति के वश में हो सकते हैं और हो भी गए हैं। पर जीभ को मनुष्यों में से कोई वश में नहीं कर सकता; वह एक ऐसी बला है जो कभी रूकती ही नहीं; वह प्राण नाशक विष से भरी हुई है। इसी से हम प्रभु और पिता की स्तुति करते हैं; और इसी से मनुष्यों को जो परमेश्वर के स्वरूप में उत्पन्न हुए हैं स्राप देते हैं। एक ही मुंह से धन्यवाद और स्राप दोनों निकलते हैं।
- John 1:47 यूहन्ना 1:47यीशु ने नतनएल को अपनी ओर आते देखकर उसके विषय में कहा, देखो, यह सचमुच इस्त्राएली है: इस में कपट नहीं।
- Proverbs 8:35 नीतिवचन 8:35क्योंकि जो मुझे पाता है, वह जीवन को पाता है, और यहोवा उस से प्रसन्न होता है।
- John 12:25 यूहन्ना 12:25जो अपने प्राण को प्रिय जानता है, वह उसे खो देता है; और जो इस जगत में अपने प्राण को अप्रिय जानता हे, वह उसे खो देता है; और जो इस जगत में अपने प्राण को अप्रिय जानता है; वह अनन्त जीवन के लिये उस की रक्षा करता करेगा।
- Proverbs 3:2 नीतिवचन 3:2क्योंकि ऐसा करने से तेरी आयु बढ़ेगी, और तू अधिक कुशल से रहेगा।
- Proverbs 4:22 नीतिवचन 4:22क्योंकि जिनकों वे प्राप्त होती हैं, वे उनके जीवित रहने का, और उनके सारे शरीर के चंगे रहने का कारण होती हैं।
- Matthew 13:16–17 मत्ती 13:16–17पर धन्य है तुम्हारी आंखें, कि वे देखती हैं; और तुम्हारे कान, कि वे सुनते हैं। क्योंकि मैं तुम से सच कहता हूं, कि बहुत से भविष्यद्वक्ताओं ने और धर्मियों ने चाहा कि जो बातें तुम देखते हो, देखें पर न देखीं; और जो बातें तुम सुनते हो, सुनें, पर न सुनीं।
Original words (Greek)
- For · G1063γάρ gár
- will · G2309θέλω thélō
- love · G25ἀγαπάω agapáō
- life · G2222ζωή zōḗ
- and · G2532καί kaí
- see · G1492εἴδω eídō
- good · G18ἀγαθός agathós
- days · G2250ἡμέρα hēméra
- refrain · G3973παύω paúō
- his · G846αὐτός autós
- tongue · G1100γλῶσσα glōssa
- from · G575ἀπό apó
- evil · G2556κακός kakós
- and · G2532καί kaí
- his · G846αὐτός autós
- lips · G5491χεῖλος cheîlos
- speak · G2980λαλέω laléō
- no · G3361μή mḗ
- guile · G1388δόλος dólos