John · chapter 1 · verse 47
John 1:47 in Hindi
यीशु ने नतनएल को अपनी ओर आते देखकर उसके विषय में कहा, देखो, यह सचमुच इस्त्राएली है: इस में कपट नहीं।
Yeeshu ne natanael ko apanee or aate dekhakar usake vishay mem kahaa, dekho, yah sachamuch istraaelee hai: is mem kapat naheen.
John 1:47 in English
- King James Version (KJV)
- Jesus saw Nathanael coming to him, and saith of him, Behold an Israelite indeed, in whom is no guile!
- World English Bible (WEB)
- Jesus saw Nathanael coming to him, and said about him, “Behold, an Israelite indeed, in whom is no deceit!”
- American Standard Version (ASV)
- Jesus saw Nathanael coming to him, and saith of him, Behold, an Israelite indeed, in whom is no guile!
- Bible in Basic English (BBE)
- Jesus saw Nathanael coming to him and said of him, See, here is a true son of Israel in whom there is nothing false.
- Darby Translation (DBY)
- Jesus saw Nathanael coming to him, and says of him, Behold [one] truly an Israelite, in whom there is no guile.
- Webster's Bible (WBS)
- Jesus saw Nathanael coming to him, and saith of him, Behold an Israelite indeed, in whom is no guile!
- Young's Literal Translation (YLT)
- Jesus saw Nathanael coming unto him, and he saith concerning him, 'Lo, truly an Israelite, in whom guile is not;'
Read in context
- 45फिलिप्पुस ने नतनएल से मिलकर उस से कहा, कि जिस का वर्णन मूसा ने व्यवस्था में और भविष्यद्वक्ताओं ने किया है, वह हम को मिल गया; वह यूसुफ का पुत्रा, यीशु नासरी है।
- 46नतनएल ने उस से कहा, क्या कोई अच्छी वस्तु भी नासरत से निकल सकती है? फिलिप्पुस ने उस से कहा, चलकर देख ले।
- 47यीशु ने नतनएल को अपनी ओर आते देखकर उसके विषय में कहा, देखो, यह सचमुच इस्त्राएली है: इस में कपट नहीं।
- 48नतनएल ने उस से कहा, तू मुझे कहां से जानता है? यीशु ने उस को उत्तर दिया; उस से पहिले कि फिलिप्पुस ने तुझे बुलाया, जब तू अंजीर के पेड़ के तले था, तब मैं ने तुझे देखा था।
- 49नतनएल ने उस से कहा, तू मुझे कहां से जानता है? यीशु ने उस को उत्तर दिया; उस से पहिले कि फिलिप्पुस ने तुझे बुलाया, जब तू अंजीर के पेड़ के तले था, तब मैं ने तुझे देखा था।
Cross references
- Revelation 14:5 प्रकाशितवाक्य 14:5और उन के मुंह से कभी झूठ न निकला था, वे निर्दोष हैं।।
- Psalm 32:2 भजन संहिता 32:2क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो।।
- Psalm 73:1 भजन संहिता 73:1सचमुच इस्त्राएल के लिये अर्थात् शुद्ध मनवालों के लिये परमेश्वर भला है।
- Romans 9:4 रोमियों 9:4वे इस्त्राएली हैं; और लेपालकपन का हक्क और महिमा और वाचाएं और व्यवस्था और उपासना और प्रतिज्ञाएं उन्हीं की हैं।
- John 8:39 यूहन्ना 8:39उन्हों ने उन को उत्तर दिया, कि हमारा पिता तो इब्राहीम है: यीशु ने उन से कहा; यदि तुम इब्राहीम के सन्तान होते, तो इब्राहीम के समान काम करते।
- Romans 9:6 रोमियों 9:6परन्तु यह नहीं, कि परमेश्वर का वचन टल गया, इसलिये कि जो इस्त्राएल के वंश हैं, वे सब इस्त्राएली नहीं।
- Romans 2:28–29 रोमियों 2:28–29क्योंकि वह यहूदी नहीं, पर प्रगट में है, और देह में है। पर यहूदी वही है, जो मन में है; और खतना वही है, जो हृदय का और आत्मा में है; न कि लेख का: ऐसे की प्रशंसा मनुष्यों की ओर से नहीं, परन्तु परमेश्वर की ओर से होती है।।
- John 8:31 यूहन्ना 8:31तब यीशु ने उन यहूदियों से जिन्हों ने उन की प्रतीति की थी, कहा, यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे, तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे।
- 1 Peter 2:1 1 पतरस 2:1इसलिये सब प्रकार का बैरभाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके।
- 1 Peter 2:22 1 पतरस 2:22न तो उस ने पाप किया, और न उसके मुंह से छल की कोई बात निकली।
- Philippians 3:3 फिलिप्पियों 3:3क्योंकि खतनावाले तो हम ही हैं जो परमेश्वर के आत्मा की अगुवाई से उपासना करते हैं, और मसीह यीशु पर घमण्ड करते हैं और शरीर पर भरोसा नहीं रखते।