1 Samuel · chapter 15 · verse 22
1 Samuel 15:22 in Hindi
शमूएल ने कहा, क्या यहोवा होमबलियों, और मेलबलियों से उतना प्रसन्न होता है, जितना कि अपनी बात के माने जाने से प्रसन्न होता है? सुन मानना तो बलि चढ़ाने और कान लगाना मेढ़ों की चर्बी से उत्तम है।
Shamooel ne kahaa, kyaa yahovaa homabaliyom, aur melabaliyom se utanaa prasann hotaa hai, jitanaa ki apanee baat ke maane jaane se prasann hotaa hai? Sun maananaa to bali chadhaane aur kaan lagaanaa medhom kee charbee se uttam hai.
1 Samuel 15:22 in English
- King James Version (KJV)
- And Samuel said, Hath the LORD [as great] delight in burnt offerings and sacrifices, as in obeying the voice of the LORD? Behold, to obey [is] better than sacrifice, [and] to hearken than the fat of rams.
- World English Bible (WEB)
- Samuel said, “Has the LORD as great delight in burnt offerings and sacrifices, as in obeying the LORD’s voice? Behold, to obey is better than sacrifice, and to listen than the fat of rams.
- American Standard Version (ASV)
- And Samuel said, Hath Jehovah as great delight in burnt-offerings and sacrifices, as in obeying the voice of Jehovah? Behold, to obey is better than sacrifice, and to hearken than the fat of rams.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Samuel said, Has the Lord as much delight in offerings and burned offerings as in the doing of his orders? Truly, to do his pleasure is better than to make offerings, and to give ear to him than the fat of sheep.
- Darby Translation (DBY)
- And Samuel said, Has Jehovah delight in burnt-offerings and sacrifices, As in hearkening to the voice of Jehovah? Behold, obedience is better than sacrifice, Attention than the fat of rams.
- Webster's Bible (WBS)
- And Samuel said, Hath the LORD [as great] delight in burnt-offerings and sacrifices, as in obeying the voice of the LORD? Behold, to obey [is] better than sacrifice, [and] to hearken than the fat of rams.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Samuel saith, 'Hath Jehovah had delight in burnt-offerings and sacrifices as [in] hearkening to the voice of Jehovah? lo, hearkening than sacrifice is better; to give attention than fat of rams;
Read in context
- 20शाऊल ने शमूएल से कहा, नि:सन्देह मैं ने यहोवा की बात मानकर जिधर यहोवा ने मुझे भेजा उधर चला, और अमालेकियों को सत्यानाश किया है।
- 21परन्तु प्रजा के लोग लूट में से भेड़- बकरियों, और गाय- बैलों, अर्थात् सत्यानाश होने की उत्तम उत्तम वस्तुओं को गिलगाल में तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये बलि चढ़ाने को ले आए हैं।
- 22शमूएल ने कहा, क्या यहोवा होमबलियों, और मेलबलियों से उतना प्रसन्न होता है, जितना कि अपनी बात के माने जाने से प्रसन्न होता है? सुन मानना तो बलि चढ़ाने और कान लगाना मेढ़ों की चर्बी से उत्तम है।
- 23देख बलवा करना और भावी कहनेवालों से पूछना एक ही समान पाप है, और हठ करना मूरतों और गृहदेवताओं की पूजा के तुल्य है। तू ने जो यहोवा की बात को तुच्छ जाना, इसलिये उस ने तुझे राजा होने के लिये तुच्छ जाना है।
- 24शाऊल ने शमूएल से कहा, मैं ने पाप किया है; मैं ने तो अपनी प्रजा के लोगों का भय मानकर और उनकी बात सुनकर यहोवा की आज्ञा और तेरी बातों का उल्लंघन किया है।
Cross references
- Hosea 6:6 होशे 6:6क्योंकि मैं बलिदान से नहीं, स्थिर प्रेम ही से प्रसन्न होता हूं, और होमबलियों से अधिक यह चाहता हूं कि लोग परमेश्वर का ज्ञान रखें।।
- Psalm 51:16–17 भजन संहिता 51:16–17क्योकि तू मेलबलि में प्रसन्न नहीं होता, नहीं तो मैं देता; होमबलि से भी तू प्रसन्न नहीं होता। टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता।।
- Proverbs 21:3 नीतिवचन 21:3धर्म और न्याय करना, यहोवा को बलिदान से अधिक अच्छा लगता है।
- Amos 5:21–24 आमोस 5:21–24मैं तुम्हारे पर्वों से बैर रखता, और उन्हें निकम्मा जानता हूं, और तुम्हारी महासभाओं से मैं प्रसन्न नहीं। चाहे तुम मेरे लिये होमबलि और अन्नबलि चढ़ाओ, तौभी मैं प्रसन्न न हूंगा, और तुम्हारे पाले हुए पशुओं के मेलबलियों की ओर न ताकूंगा। अपने गीतों को कोलाहल मुझ से दूर करो; तुम्हारी सारंगियों का सुन मैं न सुनूंगा। परन्तु न्याय को नदी की नाईं, और धर्म महानद की नाईं बहने दो।
- Mark 12:33 मरकुस 12:33और उस से सारे मन और सारी बुद्धि और सारे प्राण और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना और पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना, सारे होमों और बलिदानों से बढ़कर है।
- Matthew 9:13 मत्ती 9:13सो तुम जाकर इस का अर्थ सीख लो, कि मैं बलिदान नहीं परन्तु दया चाहता हूं; क्योंकि मैं धर्मियों को नहीं परन्तु पापियों को बुलाने आया हूं।।
- Micah 6:6–8 मीका 6:6–8मैं क्या लेकर यहोवा के सम्मुख आऊं, और ऊपर रहनेवाले परमेश्वर के साम्हने झुकूं? क्या मैं होमबलि के लिये एक एक वर्ष के बछड़े लेकर उसके सम्मुख आऊं? क्या यहोवा हजारों मेढ़ों से, वा तेल की लाखों नदियों से प्रसन्न होगा? क्या मैं अपने अपराध के प्रायश्चित्त में अपने पहिलौठे को वा अपने पाप के बदले में अपने जन्माए हुए किसी को दूं? हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले?
- Jeremiah 7:22–23 यिर्मयाह 7:22–23क्योंकि जिस समय मैं ने तुम्हारे पूर्वजों को मिस्र देश में से निकाला, उस समय मैं ने उन्हें होमबलि और मेलबलि के विष्य कुछ आज्ञा न दी थी। परन्तु मैं ने तो उनको यह आज्ञा दी कि मेरे वचन को मानो, तब मैं तुम्हारा परमेश्वर हूंगा, और तुम मेरी प्रजा ठहरोगे; और जिस मार्ग की मैं तुम्हें आज्ञा दूं उसी में चलो, तब तुम्हारा भला होगा।
- Psalm 40:6–8 भजन संहिता 40:6–8मेलबलि और अन्नबलि से तू प्रसन्न नहीं होता तू ने मेरे कान खोदकर खोले हैं। होमबलि और पापबलि तू ने नहीं चाहा। तब मैं ने कहा, देख, मैं आया हूं; क्योंकि पुस्तक में मेरे विषय ऐसा ही लिखा हुआ है। हे मेरे परमेश्वर मैं तेरी इच्छा पूरी करने से प्रसन्न हूं; और तेरी व्यवस्था मेरे अन्त:करण में बनी है।।
- Ecclesiastes 5:1 सभोपदेशक 5:1जब तू परमेश्वर के भवन में जाए, तब सावधानी से चलना; सुनने के लिये समीप जाना मूर्खों के बलिदान चढ़ाने से अच्छा है; क्योंकि वे नहीं जानते कि बुरा करते हैं।
- Isaiah 1:11–17 यशायाह 1:11–17यहोवा यह कहता है, तुम्हारे बहुत से मेलबलि मेरे किस काम के हैं? मैं तो मेढ़ों के होमबलियों से और पाले हुए पशुओं की चर्बी से अघा गया हूं; मैं बछड़ों वा भेड़ के बच्चों वा बकरों के लोहू से प्रसन्न नहीं होता।। तुम जब अपने मुंह मुझे दिखाने के लिये आते हो, तब यह कौन चाहता है कि तुम मेरे आंगनों को पांव से रौंदो? व्यर्थ अन्नबलि फिर मत लाओ; धूप से मुझे घृणा है। नये चांद और विश्रामदिन का मानना, और सभाओं का प्रचार करना, यह मुझे बुरा लगता है। महासभा के साथ ही साथ अनर्थ काम करना मुझ से सहा नहीं जाता। तुम्हारे नये चांदों और नियत पर्वों के मानने से मैं जी से बैर रखता हूं; वे सब मुझे बोझ से जान पड़ते हैं, मैं उनको सहते सहते उकता गया हूं। जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुंह फेर लूंगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तौभी मैं तुम्हारी न सुनूंगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं। अपने को धोकर पवित्रा करो: मेरी आंखों के साम्हने से अपने बुरे कामों को दूर करो; भविष्य में बुराई करता छोड़ दो, भलाई करना सीखो; यत्न से न्याय करो, उपद्रवी को सुधारो; अनाथ का न्याय चुकाओ, विधवा का मुक मा लड़ो।।
- Matthew 12:7 मत्ती 12:7यदि तुम इस का अर्थ जानते कि मैं दया से प्रसन्न हूं, बलिदान से नहीं, तो तुम निर्दोष को दोषी न ठहराते।
Original words (Hebrew)
- Samuel · H8050שְׁמוּאֵל Shᵉmûwʼêl
- said · H559אָמַר ʼâmar
- delight · H2656חֵפֶץ chêphets
- offerings · H5930עֹלָה ʻôlâh
- sacrifices · H2077זֶבַח zebach
- obeying · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- voice · H6963קוֹל qôwl
- obey · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- better · H2896טוֹב ṭôwb
- sacrifice · H2077זֶבַח zebach
- hearken · H7181קָשַׁב qâshab
- fat · H2459חֶלֶב cheleb
- rams · H352אַיִל ʼayil