Matthew · chapter 12 · verse 7
Matthew 12:7 in Hindi
यदि तुम इस का अर्थ जानते कि मैं दया से प्रसन्न हूं, बलिदान से नहीं, तो तुम निर्दोष को दोषी न ठहराते।
Yadi tum is kaa arth jaanate ki maim dayaa se prasann hoom, balidaan se naheem, to tum nirdosh ko doshee na thaharaate.
Matthew 12:7 in English
- King James Version (KJV)
- But if ye had known what [this] meaneth, I will have mercy, and not sacrifice, ye would not have condemned the guiltless.
- World English Bible (WEB)
- But if you had known what this means, ‘I desire mercy, and not sacrifice,’ you wouldn’t have condemned the guiltless.
- American Standard Version (ASV)
- But if ye had known what this meaneth, I desire mercy, and not sacrifice, ye would not have condemned the guiltless.
- Bible in Basic English (BBE)
- But if these words had been in your minds, My desire is for mercy and not for offerings, you would not have been judging those who have done no wrong.
- Darby Translation (DBY)
- But if ye had known what is: I will have mercy and not sacrifice, ye would not have condemned the guiltless.
- Webster's Bible (WBS)
- But if ye had known what [this] meaneth, I will have mercy, and not sacrifice, ye would not have condemned the guiltless.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and if ye had known what is: Kindness I will, and not sacrifice — ye had not condemned the blameless,
Read in context
- 5या तुम ने व्यवस्था में नहीं पढ़ा, कि याजक सब्त के दिन मन्दिर में सब्त के दिन के विधि को तोड़ने पर भी निर्दोष ठहरते हैं।
- 6पर मैं तुम से कहता हूं, कि यहां वह है, जो मन्दिर से भी बड़ा है।
- 7यदि तुम इस का अर्थ जानते कि मैं दया से प्रसन्न हूं, बलिदान से नहीं, तो तुम निर्दोष को दोषी न ठहराते।
- 8मनुष्य का पुत्रा तो सब्त के दिन का भी प्रभु है।।
- 9वहां से चलकर वह उन की सभा के घर में आया।
Cross references
- Hosea 6:6 होशे 6:6क्योंकि मैं बलिदान से नहीं, स्थिर प्रेम ही से प्रसन्न होता हूं, और होमबलियों से अधिक यह चाहता हूं कि लोग परमेश्वर का ज्ञान रखें।।
- Matthew 9:13 मत्ती 9:13सो तुम जाकर इस का अर्थ सीख लो, कि मैं बलिदान नहीं परन्तु दया चाहता हूं; क्योंकि मैं धर्मियों को नहीं परन्तु पापियों को बुलाने आया हूं।।
- Micah 6:6–8 मीका 6:6–8मैं क्या लेकर यहोवा के सम्मुख आऊं, और ऊपर रहनेवाले परमेश्वर के साम्हने झुकूं? क्या मैं होमबलि के लिये एक एक वर्ष के बछड़े लेकर उसके सम्मुख आऊं? क्या यहोवा हजारों मेढ़ों से, वा तेल की लाखों नदियों से प्रसन्न होगा? क्या मैं अपने अपराध के प्रायश्चित्त में अपने पहिलौठे को वा अपने पाप के बदले में अपने जन्माए हुए किसी को दूं? हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले?
- Isaiah 1:11–17 यशायाह 1:11–17यहोवा यह कहता है, तुम्हारे बहुत से मेलबलि मेरे किस काम के हैं? मैं तो मेढ़ों के होमबलियों से और पाले हुए पशुओं की चर्बी से अघा गया हूं; मैं बछड़ों वा भेड़ के बच्चों वा बकरों के लोहू से प्रसन्न नहीं होता।। तुम जब अपने मुंह मुझे दिखाने के लिये आते हो, तब यह कौन चाहता है कि तुम मेरे आंगनों को पांव से रौंदो? व्यर्थ अन्नबलि फिर मत लाओ; धूप से मुझे घृणा है। नये चांद और विश्रामदिन का मानना, और सभाओं का प्रचार करना, यह मुझे बुरा लगता है। महासभा के साथ ही साथ अनर्थ काम करना मुझ से सहा नहीं जाता। तुम्हारे नये चांदों और नियत पर्वों के मानने से मैं जी से बैर रखता हूं; वे सब मुझे बोझ से जान पड़ते हैं, मैं उनको सहते सहते उकता गया हूं। जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुंह फेर लूंगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तौभी मैं तुम्हारी न सुनूंगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं। अपने को धोकर पवित्रा करो: मेरी आंखों के साम्हने से अपने बुरे कामों को दूर करो; भविष्य में बुराई करता छोड़ दो, भलाई करना सीखो; यत्न से न्याय करो, उपद्रवी को सुधारो; अनाथ का न्याय चुकाओ, विधवा का मुक मा लड़ो।।
- Proverbs 17:15 नीतिवचन 17:15जो दोषी को निर्दोष, और जो निर्दोष को दोषी ठहराता है, उन दोनों से यहोवा घृणा करता है।
- Acts 13:27 प्रेरितों के काम 13:27क्योंकि यरूशलेम के रहनेवालों और उनके सरदारों ने, न उसे पहचाना, और न भविष्यद्वक्ताओं की बातें समझी; जो हर सब्त के दिन पढ़ी जाती हैं, इसलिये उसे दोषी ठहराकर उन को पूरा किया।
- Matthew 22:29 मत्ती 22:29यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, कि तुम पवित्रा शास्त्रा और परमेश्वर की सामर्थ नहीं जानते; इस कारण भूल में पड़ गए हो।
- Psalm 109:31 भजन संहिता 109:31क्योंकि वह दरिद्र की दहिनी ओर खड़ा रहेगा, कि उसको घात करनेवाले न्यायियों से बचाए।।
- James 5:6 याकूब 5:6तुम ने धर्मी को दोषी ठहरा कर मार डाला; वह तुम्हारा साम्हना नहीं करता॥
- Psalm 94:21 भजन संहिता 94:21वे धर्मी का प्राण लेने को दल बान्धते हैं, और निर्दोष को प्राणदण्ड देते हैं।
- Job 32:3 अय्यूब 32:3फिर अरयूब के तीनों मित्रों के विरूद्ध भी उसका क्रोध इस कारण भड़का, कि वे अरयूब को उत्तर न दे सके, तौभी उसको दोषी ठहराया।