1 Samuel · chapter 2 · verse 1
1 Samuel 2:1 in Hindi
और हन्ना ने प्रार्थना करके कहा, मेरा मन यहोवा के कारण मगन है; मेरा सींग यहोवा के कारण ऊंचा, हुआ है। मेरा मुंह मेरे शत्रुओं के विरूद्ध खुल गया, क्योंकि मैं तेरे किए हुए उद्धार से आनन्दित हूं।
Aur hannaa ne praarthanaa karake kahaa, meraa man yahovaa ke kaaran magan hai; meraa seeng yahovaa ke kaaran oonchaa, huaa hai. Meraa munh mere shatruom ke virooddh khul gayaa, kyonki maim tere kie hue uddhaar se aanandit hoon.
1 Samuel 2:1 in English
- King James Version (KJV)
- And Hannah prayed, and said, My heart rejoiceth in the LORD, mine horn is exalted in the LORD: my mouth is enlarged over mine enemies; because I rejoice in thy salvation.
- World English Bible (WEB)
- Hannah prayed, and said, “My heart exults in the LORD! My horn is exalted in the LORD. My mouth is enlarged over my enemies, because I rejoice in your salvation.
- American Standard Version (ASV)
- And Hannah prayed, and said: My heart exulteth in Jehovah; My horn is exalted in Jehovah; My mouth is enlarged over mine enemies; Because I rejoice in thy salvation.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Hannah, in prayer before the Lord, said, My heart is glad in the Lord, my horn is lifted up in the Lord: my mouth is open wide over my haters; because my joy is in your salvation.
- Darby Translation (DBY)
- And Hannah prayed, and said, My heart exulteth in Jehovah, my horn is lifted up in Jehovah; my mouth is opened wide over mine enemies; for I rejoice in thy salvation.
- Webster's Bible (WBS)
- And Hannah prayed, and said, My heart rejoiceth in the LORD, my horn is exalted in the LORD; my mouth is enlarged over my enemies; because I rejoice in thy salvation.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Hannah prayeth, and saith: 'My heart hath exulted in Jehovah, My horn hath been high in Jehovah, My mouth hath been large over mine enemies, For I have rejoiced in Thy salvation.
Read in context
- 1और हन्ना ने प्रार्थना करके कहा, मेरा मन यहोवा के कारण मगन है; मेरा सींग यहोवा के कारण ऊंचा, हुआ है। मेरा मुंह मेरे शत्रुओं के विरूद्ध खुल गया, क्योंकि मैं तेरे किए हुए उद्धार से आनन्दित हूं।
- 2यहोवा के तुल्य कोई पवित्रा नहीं, क्योंकि तुझ को छोड़ और कोई है ही नहीं; और हमारे परमेश्वर के समान कोई चट्टान नहीं है।।
- 3फूलकर अहंकार की ओर बातें मत करो, और अन्धेर की बातें तुम्हारे मुंह से न निकलें; क्योंकि यहोवा ज्ञानी ईश्वर है, और कामों को तौलनेवाला है।।
Cross references
- Luke 1:46–56 लूका 1:46–56तब मरियम ने कहा, मेरा प्राण प्रभु की बड़ाई करता है। और मेरी आत्मा मेरे उद्धार करनेवाले परमेश्वर से आनन्दित हुई। क्योंकि उस ने अपनी दासी की दीनता पर दृष्टि की है, इसलिये देखो, अब से सब युग युग के लोग मुझे धन्य कहेंगे। क्योंकि उस शक्तिमान ने मेरे लिये बड़े बड़े काम किए हैं, और उसका नाम पवित्रा है। और उस की दया उन पर, जो उस से डरते हैं, पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है। उस ने अपना भुजबल दिखाया, और जो अपने आप को बड़ा समझते थे, उन्हें तित्तर- बित्तर किया। उस ने बलवानों को सिंहासनों से गिरा दिया; और दीनों को ऊंचा किया। उस ने भूखों को अच्छी वस्तुओं से तृप्त किया, और धनवानों को छूछे हाथ निकाल दिया। उस ने अपने सेवक इस्राएल को सम्भाल लिया। कि अपनी उस दया को स्मरण करे, जो इब्राहीम और उसके वंश पर सदा रहेगी, जैसा उस ने हमारे बाप- दादों से कहा था। मरियम लगभग तीन महीने उसके साथ रहकर अपने घर लोट गई।।
- Psalm 13:5 भजन संहिता 13:5परन्तु मैं ने तो तेरी करूणा पर भरोसा रखा है; मेरा हृदय तेरे उद्धार से मगन होगा।
- Isaiah 12:2–3 यशायाह 12:2–3परमेश्वर मेरा उद्धार है, मैं भरोसा रखूंगा और न थरथराऊंगा; क्योंकि प्रभु यहोवा मेरा बल और मेरे भजन का विषय है, और वह मेरा उद्धारकर्ता हो गया है।। तुम आनन्दपूर्वक उद्धार के सोतों से जल भरोगे।
- Philippians 4:6 फिलिप्पियों 4:6किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
- Psalm 92:10 भजन संहिता 92:10परन्तु मेरा सींग तू ने जंगली सांढ़ का सा ऊंचा किया है; मैं टटके तेल से चुपड़ा गया हूं।
- Psalm 89:17 भजन संहिता 89:17क्योंकि तू उनके बल की शोभा है, और अपनी प्रसन्नता से हमारे सींग को ऊंचा करेगा।
- Psalm 9:14 भजन संहिता 9:14ताकि मैं सिरयोन के फाटकों के पास तेरे सब गुणों का वर्णन करूं, और तेरे किए हुए उद्धार से मगन होऊं।।
- Psalm 35:9 भजन संहिता 35:9परन्तु मैं यहोवा के कारण अपने मन में मगन होऊंगा, मैं उसके किए हुए उद्वार से हर्षित होऊंगा।
- Psalm 20:5 भजन संहिता 20:5तब हम तेरे उद्धार के कारण ऊंचे स्वर से हर्षित होकर गाएंगे, और अपने परमेश्वर के नाम से झण्डे खड़े करेंगे। यहोवा तुझे मुंह मांगा बरदान दे्
- Philippians 4:4 फिलिप्पियों 4:4प्रभु में सदा आनन्दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्दित रहो।
- Psalm 118:14 भजन संहिता 118:14परमेश्वर मेरा बल और भजन का विषय है; वह मेरा उद्धार ठहरा है।।
- 1 Samuel 2:1–10 1 शमूएल 2:1–10और हन्ना ने प्रार्थना करके कहा, मेरा मन यहोवा के कारण मगन है; मेरा सींग यहोवा के कारण ऊंचा, हुआ है। मेरा मुंह मेरे शत्रुओं के विरूद्ध खुल गया, क्योंकि मैं तेरे किए हुए उद्धार से आनन्दित हूं। यहोवा के तुल्य कोई पवित्रा नहीं, क्योंकि तुझ को छोड़ और कोई है ही नहीं; और हमारे परमेश्वर के समान कोई चट्टान नहीं है।। फूलकर अहंकार की ओर बातें मत करो, और अन्धेर की बातें तुम्हारे मुंह से न निकलें; क्योंकि यहोवा ज्ञानी ईश्वर है, और कामों को तौलनेवाला है।। शूरवीरों के धनुष टूट गए, और ठोकर खानेवालों की कटि में बल का फेंटा कसा गया।। जो पेट भरते थे उन्हें रोटी के लिये मजदूरी करनी पड़ी, जो भूखे थे वे फिर ऐसे न रहे। वरन जो बांझ थी उसके सात हुए, और अनेक बालकों की माता घुलती जाती है। यहोवा मारता है और जिलाता भी है; वही अधोलोक में उतारता और उस से निकालता भी है।। यहोवा निर्धन करता है और धनी भी बनाता है, वही नीचा करता और ऊंचा भी करता है। वह कंगाल को धूलि में से उठाता; और दरिद्र को घूरे में से निकाल खड़ा करता है, ताकि उनको अधिपतियों के संग बिठाए, और महिमायुक्त सिंहासन के अधिकारी बनाए। क्योंकि पृथ्वी के खम्भे यहोवा के हैं, और उस ने उन पर जगत को धरा है। वह अपने भक्तों के पावों को सम्भाले रहेगा, परन्तु दुष्ट अन्धियारे में चुपचाप पड़े रहेंगे; क्योंकि कोई मनुष्य अपने बल के कारण प्रबल न होगा।। जो यहोवा से झगड़ते हैं वे चकनाचूर होंगे; वह उनके विरूद्ध आकाश में गरजेगा। यहोवा पृथ्वी की छोर तक न्याय करेगा; और अपने राजा को बल देगा, और अपने अभिषिक्त के सींग को ऊंचा करेगा।।
Original words (Hebrew)
- Hannah · H2584חַנָּה Channâh
- prayed · H6419פָּלַל pâlal
- said · H559אָמַר ʼâmar
- heart · H3820לֵב lêb
- rejoiceth · H5970עָלַץ ʻâlats
- horn · H7161קֶרֶן qeren
- exalted · H7311רוּם rûwm
- mouth · H6310פֶּה peh
- enlarged · H7337רָחַב râchab
- enemies · H341אֹיֵב ʼôyêb
- rejoice · H8055שָׂמַח sâmach
- salvation · H3444יְשׁוּעָה yᵉshûwʻâh