Philippians · chapter 4 · verse 6
Philippians 4:6 in Hindi
किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
Kisee bhee baat kee chintaa mat karo: parantu har ek baat mem tumhaare nivedan, praarthanaa aur binatee ke dvaaraa dhanyavaad ke saath parameshvar ke sammukh apasthit kie jaaen.
Philippians 4:6 in English
- King James Version (KJV)
- Be careful for nothing; but in every thing by prayer and supplication with thanksgiving let your requests be made known unto God.
- World English Bible (WEB)
- In nothing be anxious, but in everything, by prayer and petition with thanksgiving, let your requests be made known to God.
- American Standard Version (ASV)
- In nothing be anxious; but in everything by prayer and supplication with thanksgiving let your requests be made known unto God.
- Bible in Basic English (BBE)
- Have no cares; but in everything with prayer and praise put your requests before God.
- Darby Translation (DBY)
- Be careful about nothing; but in everything, by prayer and supplication with thanksgiving, let your requests be made known to God;
- Webster's Bible (WBS)
- Be anxious for nothing; but in every thing by prayer and supplication with thanksgiving let your requests be made known to God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for nothing be anxious, but in everything by prayer, and by supplication, with thanksgiving, let your requests be made known unto God;
Read in context
- 4प्रभु में सदा आनन्दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्दित रहो।
- 5तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है।
- 6किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
- 7तब परमेश्वर की शान्ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी।।
- 8निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरनीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्रा हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्हीं पर ध्यान लगया करो।
Cross references
- Proverbs 3:5–6 नीतिवचन 3:5–6तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण करके सब काम करना, तब वे तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।
- 1 Peter 5:7 1 पतरस 5:7और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उस को तुम्हारा ध्यान है।
- Matthew 6:25–33 मत्ती 6:25–33इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्ता न करना कि हम क्या खाएंगे? और क्या पीएंगे? और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहिनेंगे? क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्त्रा से बढ़कर नहीं? आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते। तुम में कौन है, जो चिन्ता करके अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है? और वस्त्रा के लिये क्यों चिन्ता करते हो? जंगली सोसनों पर ध्यान करो, कि वै कैसे बढ़ते हैं, वे न तो परिश्रम करते हैं, न कातते हैं। तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे विभव में उन में से किसी के समान वस्त्रा पहिने हुए न था। इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्त्रा पहिनाता है, तो हे अल्पविश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहिनाएगा? इसलिये तुम चिन्ता करके यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहिनेंगे? क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए। इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं तुम्हें मिल जाएंगी।
- Psalm 55:22 भजन संहिता 55:22अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे सम्भालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा।।
- 1 Thessalonians 5:17–18 1 थिस्सलुनीकियों 5:17–18निरन्तर प्रार्थना मे लगे रहो। हर बात में धन्यवाद करो: क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यहीं इच्छा है।
- Matthew 7:7–8 मत्ती 7:7–8क्योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो ढूंढ़ता है, वह पाता है? और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा। तुम में से ऐसा कौन मनुष्य है, कि यदि उसका पुत्रा उस से रोटी मांगे, तो वह उसे पत्थर दे?
- Psalm 34:5–7 भजन संहिता 34:5–7जिन्हों ने उसकी ओर दृष्टि की उन्हों ने ज्योति पाई; और उनका मुंह कभी काला न होने पाया। इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया।। यहोवा के डरवैयों के चारों ओर उसका दूत छावनी किए हुए उनको बचाता है।
- Matthew 6:8 मत्ती 6:8सो तुम उन की नाई न बनो, क्योंकि तुम्हारा पिता तुम्हारे मांगने से पहिले ही जानता है, कि तुम्हारी क्या क्या आवश्यक्ता है।
- Jeremiah 33:3 यिर्मयाह 33:3मुझ से प्रार्थना कर और मैं तेरी सुन कर तुझे बढ़ी-बड़ी और कठिन बातें बताऊंगा जिन्हें तू अभी नहीं समझता।
- Psalm 62:8 भजन संहिता 62:8हे लोगो, हर समय उस पर भरोसा रखो; उस से अपने अपने मन की बातें खोलकर कहो; परमेश्वर हमारा शरणस्थान है।
- Proverbs 16:3 नीतिवचन 16:3अपने कामों को यहोवा पर डाल दे, इस से तेरी कल्पनाएं सिद्ध होंगी।
- Colossians 4:2 कुलुस्सियों 4:2प्रार्थना में लगे रहो, और धन्यवाद के साथ उस में जागृत रहो।
Original words (Greek)
- careful · G3309μεριμνάω merimnáō
- nothing · G3367μηδείς mēdeís
- but · G235ἀλλά allá
- in · G1722ἐν en
- thing · G3956πᾶς pâs
- prayer · G4335προσευχή proseuchḗ
- and · G2532καί kaí
- supplication · G1162δέησις déēsis
- with · G3326μετά metá
- thanksgiving · G2169εὐχαριστία eucharistía
- let · G1107γνωρίζω gnōrízō
- your · G5216ὑμῶν hymōn
- requests · G155αἴτημα aítēma
- known · G1107γνωρίζω gnōrízō
- unto · G4314πρός prós
- God · G2316θεός theós