1 Samuel · chapter 20 · verse 1
1 Samuel 20:1 in Hindi
फिर दाऊद रामा के नबायोत से भागा, और योनातन के पास जा कर कहने लगा, मैं ने क्या किया है? मुझ से क्या पाप हुआ? मैं ने तेरे पिता की दृष्टि में ऐसा कौन सा अपराध किया है, कि वह मेरे प्राण की खोज में रहता है?
Phir daaood raamaa ke nabaayot se bhaagaa, aur yonaatan ke paas jaa kar kahane lagaa, maim ne kyaa kiyaa hai? Mujh se kyaa paap huaa? Maim ne tere pitaa kee drushti mem aisaa kaun saa aparaadh kiyaa hai, ki vah mere praan kee khoj mem rahataa hai?
1 Samuel 20:1 in English
- King James Version (KJV)
- And David fled from Naioth in Ramah, and came and said before Jonathan, What have I done? what [is] mine iniquity? and what [is] my sin before thy father, that he seeketh my life?
- World English Bible (WEB)
- David fled from Naioth in Ramah, and came and said to Jonathan, “What have I done? What is my iniquity? What is my sin before your father, that he seeks my life?”
- American Standard Version (ASV)
- And David fled from Naioth in Ramah, and came and said before Jonathan, What have I done? what is mine iniquity? and what is my sin before thy father, that he seeketh my life?
- Bible in Basic English (BBE)
- And David went in flight from Naioth in Ramah and came to Jonathan and said, What have I done? What is my crime and my sin against your father that he is attempting to take my life?
- Darby Translation (DBY)
- And David fled from Naioth by Ramah, and came and said before Jonathan, What have I done? what is mine iniquity, and what is my sin before thy father, that he seeks my life?
- Webster's Bible (WBS)
- And David fled from Naioth in Ramah, and came and said before Jonathan, What have I done? what [is] my iniquity? and what [is] my sin before thy father, that he seeketh my life?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And David fleeth from Naioth in Ramah, and cometh, and saith before Jonathan, 'What have I done? what [is] mine iniquity? and what my sin before thy father, that he is seeking my life?'
Read in context
- 1फिर दाऊद रामा के नबायोत से भागा, और योनातन के पास जा कर कहने लगा, मैं ने क्या किया है? मुझ से क्या पाप हुआ? मैं ने तेरे पिता की दृष्टि में ऐसा कौन सा अपराध किया है, कि वह मेरे प्राण की खोज में रहता है?
- 2उसने उस से कहा, ऐसी बात नहीं है; तू मारा न जाएगा। सुन, मेरा पिता मुझ को बिना जताए न तो कोई बड़ा काम करता है और न कोई छोटा; फिर वह ऐसी बात को मुझ से क्यों छिपाएगा? ऐसी कोई बात नहीं है।
- 3फिर दाऊद ने शपथ खाकर कहा, तेरा पिता निश्चय जानता है कि तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर है; और वह सोचता होगा, कि योनातन इस बात को न जानने पाए, ऐसा न हो कि वह खेदित हो जाए। परन्तु यहोवा के जीवन की शपथ और तेरे जीवन की शपथ, नि:सन्देह, मेरे और मृत्यु के बीच डग ही भर का अन्तर है।
Cross references
- 2 Peter 2:9 2 पतरस 2:9तो प्रभु के भक्तों को परीक्षा में से निकाल लेना और अधर्मियों को न्याय के दिन तक दण्ड की दशा में रखना भी जानता है।
- 1 John 3:21 1 यूहन्ना 3:21हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है।
- 2 Corinthians 1:12 2 कुरिन्थियों 1:12क्योंकि हम अपने विवेक की इस गवाही पर घमण्ड करते हैं, कि जगत में और विशेष करके तुम्हारे बीच हमारा चरित्रा परमेश्वर के योग्य ऐसी पवित्राता और सच्चाई सहित था, जो शारीरिक ज्ञान से नहीं, परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह के साथ था।
- 1 Samuel 24:11 1 शमूएल 24:11फिर, हे मेरे पिता, देख, अपने बागे की छोर मेरे हाथ में देख; मैं ने तेरे बागे की छोर तो काट ली, परन्तु तुझे घात न किया; इस से निश्चय करके जान ले, कि मेरे मन में कोई बुराई वा अपराध का सोच नहीं है। और मैं ने तेरा कुछ अपराध नहीं किया, परन्तु तू मेरे प्राण लेने को मानो उसका अहेर करता रहता है।
- 1 Samuel 19:19–24 1 शमूएल 19:19–24जब शाऊल ने दाऊद के पकड़ लाने के लिये दूत भेजे; और जब शाऊल के दूतों ने नबियों के दल को नबूवत करते हुए देखा, तब परमेश्वर का आत्मा उन पर चढ़ा, और वे भी नबूवत करने लगे। तब शाऊल ने दाऊद के पकड़ लाने के लिये दूत भेजे; और जब शाऊल के दूतों ने नबियों के दल को नबूवत करते हुए, और शमूएल को उनकी प्रधानता करते हुए देखा, तब परमेश्वर का आत्मा उन पर चढ़ा, और वे भी नबूवत करने लगे। इसका समाचार पाकर शाऊल ने और दूत भेजे, और वे भी नबूवत करने लगे। फिर शाऊल ने तीसरी बार दूत भेजे, और वे भी नबूवत करने लगे। तब वह आप ही राता को चला, और उस बड़े गड़हे पर जो सेकू में है पहुंचकर पूछने लगा, कि शमूएल और दाऊद कहां है? किसी ने कहा, वे तो रामा के नबायोत में हैं। तब वह उधर, अर्थात् रामा के नबायोत को चला; और परमेश्वर का आत्मा उस पर भी चढ़ा, और वह रामा के नबायोत को पहुंचने तक नबूवत करता हुआ चला गया। और उस ने भी अपने वस्त्रा उतारे, और शमूएल के साम्हने नबूवत करने लगा, और भूमि पर गिरकर दिन और रात नंगा पड़ा रहा। इस कारण से यह कहावत चली, कि क्या शाऊल भी नबियों में से है?
- 1 Samuel 24:9 1 शमूएल 24:9और दाऊद ने शाऊल से कहा, जो मनुष्य कहते हैं, कि दाऊद तेरी हानि चाहता है उनकी तू क्यों सुनता है?
- Psalm 124:6–8 भजन संहिता 124:6–8धन्य है यहोवा, जिस ने हम को उनके दातों तले जाने न दिया! हमार जीव पक्षी की नाईं चिड़ीमार के जाल से छूट गया; जाल फट गया, हम बच निकले! यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्त्ता है, हमारी सहायता उसी के नाम से होती है।
- 1 Samuel 24:17 1 शमूएल 24:17फिर उस ने दाऊद से कहा, तू मुझ से अधिक धर्मी है; तू ने तो मेरे साथ भलाई की है, परन्तु मैं ने तेरे साथ बुराई की।
- 1 Samuel 12:3 1 शमूएल 12:3मैं उपस्थित हूं; इसलिये तुम यहोवा के साम्हने, और उसके अभिषिक्त के सामने मुझ पर साक्षी दो, कि मैं ने किस का बैल ले लिया? वा किस का गदहा ले लियेा? वा किस पर अन्धेर किया? वा किस को पीसा? वा किस के हाथ से अपनी आंखें बन्द करने के लिये घूस लिया? बताओ, और मैं वह तुम को फेर दूंगा?
- Psalm 18:20–24 भजन संहिता 18:20–24यहोवा ने मुझ से मेरे धर्म के अनुसार व्यवहार किया; और मेरे हाथों की शुद्धता के अनुसार उस ने मुझे बदला दिया। क्योंकि मैं यहोवा के मार्गों पर चलता रहा, और दुष्टता के कारण अपने परमेश्वर से दूर न हुआ। क्योंकि उसके सारे निर्णय मेरे सम्मुख बने रहे और मैं ने उसकी विधियों को न त्यागा। और मैं उसके सम्मुख सिद्ध बना रहा, और अधर्म से अपने को बचाए रहा। यहोवा ने मुझे मेरे धर्म के अनुसार बदला दिया, और मेरे हाथों की उस शुद्धता के अनुसार जिसे वह देखता था।।
- Psalm 7:3–5 भजन संहिता 7:3–5हे मेरे परमेश्वर यहोवा, यदि मैं ने यह किया हो, यदि मेरे हाथों से कुटिल काम हुआ हो, यदि मैं ने अपने मेल रखनेवालों से भलाई के बदले बुराई की हो, (वरन मैं ने उसको जो अकारण मेरा बैरी था बचाया है) तो शत्रु मेरे प्राण का पीछा करके मुझे आ पकड़े, वरन मेरे प्राण को भूमि पर रौंदे, और मेरी महिमा को मिट्टी में मिला दे।।
- 1 Samuel 23:26–28 1 शमूएल 23:26–28शाऊल तो पहाड़ की एक ओर, और दाऊद अपेन जनों समेत पहाड़ की दूसरी ओर जा रहा था; और दाऊद शाऊल के डर के मारे जल्दी जा रहा था, और शाऊल अपने जनों समेत दाऊद और उसके जनों को पकड़ने के लिये घेरा बनाना चाहता था, कि एक दूत ने शाऊल के पास आकर कहा, फुर्ती से चला आ; क्योंकि पलिश्तियों ने देश पर चढ़ाई की है। यह सुन शाऊल दाऊद का पीछा छोड़कर पलिश्तियों का साम्हना करने को चला; इस कारण उस स्थान का नाम सेलाहम्महलकोत पड़ा।
Original words (Hebrew)
- David · H1732דָּוִד Dâvid
- fled · H1272בָּרַח bârach
- Naioth · H5121נָוִית Nâvîyth
- Ramah · H7414רָמָה Râmâh
- came · H935בּוֹא bôwʼ
- said · H559אָמַר ʼâmar
- before · H6440פָּנִים pânîym
- Jonathan · H3083יְהוֹנָתָן Yᵉhôwnâthân
- done · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- iniquity · H5771עָוֺן ʻâvôn
- sin · H2403חַטָּאָה chaṭṭâʼâh
- before · H6440פָּנִים pânîym
- father · H1אָב ʼâb
- seeketh · H1245בָּקַשׁ bâqash
- life · H5315נֶפֶשׁ nephesh