1 Samuel · chapter 24 · verse 9
1 Samuel 24:9 in Hindi
और दाऊद ने शाऊल से कहा, जो मनुष्य कहते हैं, कि दाऊद तेरी हानि चाहता है उनकी तू क्यों सुनता है?
Aur daaood ne shaaool se kahaa, jo manushy kahate haim, ki daaood teree haani chaahataa hai unakee too kyom sunataa hai?
1 Samuel 24:9 in English
- King James Version (KJV)
- And David said to Saul, Wherefore hearest thou men’s words, saying, Behold, David seeketh thy hurt?
- World English Bible (WEB)
- David said to Saul, “Why do you listen to men’s words, saying, ‘Behold, David seeks to harm you’?
- American Standard Version (ASV)
- And David said to Saul, Wherefore hearkenest thou to men’s words, saying, Behold, David seeketh thy hurt?
- Bible in Basic English (BBE)
- And David said to Saul, Why do you give any attention to those who say that it is my desire to do you wrong?
- Darby Translation (DBY)
- And David said to Saul, Why dost thou listen to words of men, saying, Behold, David seeks thy hurt?
- Webster's Bible (WBS)
- And David said to Saul, Why hearest thou men's words, saying, Behold, David seeketh thy hurt?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And David saith to Saul, 'Why dost thou hear the words of man, saying, Lo, David is seeking thine evil?
Read in context
- 7ऐसी बातें कहकर दाऊद ने अपने जनों को घुड़की लगाई और उन्हें शाऊल की हानि करने को उठने न दिया। फिर शाऊल उठकर गुफा से निकला और अपना मार्ग लिया।
- 8उसके पीछे दाऊद भी उठकर गुफा से निकला और शाऊल को पीछे से पुकार के बोला, हे मेरे प्रभु, हे राजा। जब शाऊल ने फिर के देखा, तब दाऊद ने भूमि की ओर सिर झुकाकर दण्डवत् की।
- 9और दाऊद ने शाऊल से कहा, जो मनुष्य कहते हैं, कि दाऊद तेरी हानि चाहता है उनकी तू क्यों सुनता है?
- 10देख, आज तू ने अपनी आंखों से देखा है कि यहोवा ने आज गुफा में तुझे मेरे हाथ सौंप दिया था; और किसी किसी ने तो मुझ से तुझे मारने को कहा था, परन्तु मुझे तुझ पर तरस आया; और मैं ने कहा, मैं अपने प्रभु पर हाथ न चलाऊंगा; क्योंकि वह यहोवा का अभिषिक्त है।
- 11फिर, हे मेरे पिता, देख, अपने बागे की छोर मेरे हाथ में देख; मैं ने तेरे बागे की छोर तो काट ली, परन्तु तुझे घात न किया; इस से निश्चय करके जान ले, कि मेरे मन में कोई बुराई वा अपराध का सोच नहीं है। और मैं ने तेरा कुछ अपराध नहीं किया, परन्तु तू मेरे प्राण लेने को मानो उसका अहेर करता रहता है।
Cross references
- Proverbs 29:12 नीतिवचन 29:12जब हाकिम झूठी बात की ओर कान लगाता है, तब उसके सब सेवक दुष्ट हो जाते हैं।
- Ecclesiastes 7:21–22 सभोपदेशक 7:21–22जितनी बातें कही जाएं सब पर कान न लगाना, ऐसा न हो कि तू सुने कि तेरा दास तुझी को शाप देता है; क्योंकि तू आप जानता है कि तू ने भी बहुत बेर औरों को शाप दिया है।।
- 1 Samuel 26:19 1 शमूएल 26:19अब मेरा प्रभु राजा, अपने दास की बातें सुन ले। यदि यहोवा नेतुझे मेरे विरूद्ध उसकाया हो, तब तो वह भेंट ग्रहण करे; परन्तु यदि आदमियों ने ऐसा किया हो, तो वे यहोवा की ओर से शापित हों, क्योंकि उन्हों ने अब मुझे निकाल दिया हैकि मैं यहोवा के निज भाग में न रहूं, और उन्हों ने कहा है, कि जा पराए देवताओं की उपासना कर।
- Psalm 141:6 भजन संहिता 141:6जब उनके न्यायी चट्टान के पास गिराए गए, तब उन्हों ने मेरे वचन सुन लिए; क्योंकि वे मधुर हैं।
- Proverbs 16:28 नीतिवचन 16:28टेढ़ा मनुष्य बहुत झगड़े को उठाता है, और कानाफूसी करनेवाला परम मित्रों में भी फूट करा देता है।
- Proverbs 18:8 नीतिवचन 18:8कानाफूसी करनेवाले के वचन स्वादिष्ट भोजन की नाईं लगते हैं; वे पेट में पच जाते हैं।
- Psalm 101:5 भजन संहिता 101:5जो छिपकर अपने पड़ोसी की चुगली खाए, उसको मैं सत्यानाश करूंगा; जिसकी आंखें चढ़ी हों और जिसका मन घमण्डी है, उसकी मैं न सहूंगा।।
- Proverbs 26:20–22 नीतिवचन 26:20–22जैसे लकड़ी न होने से आग बुझती है, उसी प्रकार जहां कानाफूसी करनेवाला नहीं वहां झगड़ा मिट जाता है। जैसा अंगारों में कोयला और आग में लकड़ी होती है, वैसा ही झगड़े के बढ़ाने के लिये झगडालू होता है। कानाफूसी करनेवाले के वचन, स्वादिष्ट भोजन के समान भीतर उतर जाते हैं।
- Proverbs 17:4 नीतिवचन 17:4कुकर्मी अनर्थ बात को ध्यान देकर सुनता है, और झूठा मनुष्य दुष्टता की बात की ओर कान लगाता है।
- Proverbs 25:23 नीतिवचन 25:23जैसे उत्तरीय वायु वर्षा को लाती है, वैसे ही चुगली करने से मुख पर क्रोध छा जाता है।
- James 3:6 याकूब 3:6जीभ भी एक आग है: भी हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है।
- Proverbs 26:28 नीतिवचन 26:28जिस ने किसी को झूठी बातों से घायल किया हो वह उस से बैर रखता है, और चिकनी चुपड़ी बात बोलनेवाला विनाश का कारण होता है।।