1 Timothy · chapter 1 · verse 3
1 Timothy 1:3 in Hindi
जैसे मैं ने मकिदुनिया को जाते समय तुझे समझाया था, कि इफिसुस में रहकर कितनों को आज्ञा दे कि और प्रकार की शिक्षा न दें।
Jaise maim ne makiduniyaa ko jaate samay tujhe samajhaayaa thaa, ki iphisus mem rahakar kitanom ko aajnyaa de ki aur prakaar kee shikshaa na den.
1 Timothy 1:3 in English
- King James Version (KJV)
- As I besought thee to abide still at Ephesus, when I went into Macedonia, that thou mightest charge some that they teach no other doctrine,
- World English Bible (WEB)
- As I urged you when I was going into Macedonia, stay at Ephesus that you might command certain men not to teach a different doctrine,
- American Standard Version (ASV)
- As I exhorted thee to tarry at Ephesus, when I was going into Macedonia, that thou mightest charge certain men not to teach a different doctrine,
- Bible in Basic English (BBE)
- It was my desire, when I went on into Macedonia, that you might make a stop at Ephesus, to give orders to certain men not to put forward a different teaching,
- Darby Translation (DBY)
- Even as I begged thee to remain in Ephesus, [when I was] going to Macedonia, that thou mightest enjoin some not to teach other doctrines,
- Webster's Bible (WBS)
- As I besought thee to abide still at Ephesus, when I went into Macedonia, that thou mightest charge some that they teach no other doctrine,
- Young's Literal Translation (YLT)
- according as I did exhort thee to remain in Ephesus — I going on to Macedonia — that thou mightest charge certain not to teach any other thing,
Read in context
- 1पौलुस की ओर से जो हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर, और हमारी आशा- स्थान मसीह यीशु की आज्ञा से मसीह यीशु का प्रेरित है, तिमुथियुस के नाम जो विश्वास में मेरा सच्चा पुत्रा है।।
- 2पिता परमेश्वर, और हमारे प्रभु मसीह यीशु से, तुझे अनुग्रह और दया, और शान्ति मिलती रहे।।
- 3जैसे मैं ने मकिदुनिया को जाते समय तुझे समझाया था, कि इफिसुस में रहकर कितनों को आज्ञा दे कि और प्रकार की शिक्षा न दें।
- 4और उन ऐसी कहानियों और अनन्त वंशावलियों पर मन न लगाएं, जिन से विवाद होते हैं; और परमेश्वर के उस प्रबन्ध के अनुसार नहीं, जो विश्वास से सम्बन्ध रखता है; वैसे ही फिर भी कहता हूं।
- 5आज्ञा का सारांश यह है, कि शुद्ध मन और अच्छे विवेक, और कपटरहित विश्वास से प्रेम उत्पन्न हो।
Cross references
- 1 Timothy 6:3 1 तीमुथियुस 6:3यदि कोई और ही प्रकार का उपदेश देना है; और खरी बातों को, अर्थात् हमारे प्रभु यीशु मसीह की बातों को और उस उपदेश को नहीं मानता, जो भक्ति के अनुसार है।
- Galatians 1:6–7 गलातियों 1:6–7मुझे आश्चर्य होता है, कि जिस ने तुम्हें मसीह के अनुग्रह से बुलाया उस से तुम इतनी जल्दी फिर कर और ही प्रकार के सुसमाचार की ओर झुकने लगे। परन्तु वह दूसरा सुसमाचार है ही नहीं: पर बात यह है, कि कितने ऐसे हैं, जो तुम्हें घबरा देते, और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं।
- 2 John 1:9–10 2 यूहन्ना 1:9–10जो कोई आगे बढ़ जाता है, और मसीह की शिक्षा में बना नहीं रहता, उसके पास परमेश्वर नहीं: जो कोई उस की शिक्षा में स्थिर रहता है, उसके पास पिता भी है, और पुत्रा भी। यदि कोई तुम्हारे पास आए, और यही शिक्षा न दे, उसे न तो घर मे आने दो, और न नमस्कार करो।
- Titus 1:9–11 तीतुस 1:9–11और विश्वासयोग्य वचन पर जो धर्मोपदेश के अनुसार है, स्थिर रहे; कि खरी शिक्षा से उपदेश दे सके; और विवादियों का मुंह भी बन्द कर सके।। क्योंकि बहुत से लोग निरंकुश बकवादी और धोखा देनेवाले हैं; विशेष करके खतनावालों में से। इन का मुंह बन्द करना चाहिए: ये लोग नीच कमाई के लिये अनुचित बातें सिखाकर घर के घर बिगाड़ देते हैं।
- 2 John 1:7 2 यूहन्ना 1:7क्योंकि बहुत से ऐसे भरमानेवाले जगत में निकल आए हैं, जो यह नहीं मानते, कि यीशु मसीह शरीर में होकर आया: भरमानेवाला और मसीह का विरोधी यही है।
- 1 Timothy 4:11 1 तीमुथियुस 4:11इन बातों की आज्ञा कर, और सिखाता रह।
- 1 Timothy 4:6 1 तीमुथियुस 4:6यदि तू भाइयों को इन बातों की सुधि दिलाता रहेगा, तो मसीह यीशु का अच्छा सेवक ठहरेगा: और विश्वास और उस अच्छे उपदेश की बातों से, जा तू मानता आया है, तेरा पालन- पोषण होता रहेगा।
- Acts 20:1–3 प्रेरितों के काम 20:1–3जब हुल्लड़ थम गया, तो पौलुस ने चेलों को बुलवाकर समझाया, और उन से विदा होकर मकिदुनिया की और चल दिया। और उस सारे देश में से होकर और उन्हें बहुत समझाकर, वह यूनान में आया। जब तीन महीने रहकर जहाज पर सूरिया की ओर जाने पर था, तो यहूदी उस की घात में लगे, इसलिये उस ने यह सलाह की कि मकिदुनिया होकर लोट आए।
- Colossians 2:6–11 कुलुस्सियों 2:6–11सो जैसे तुम ने मसीह यीशु को प्रभु करके ग्रहण कर लिया है, वैसे ही उसी में चलते रहो। और उसी में जड़ पकड़ते और बढ़ते जाओ; और जैसे तुम सिखाए गए वैसे ही विश्वास में दृढ़ होते जाओ, और अत्यन्त धन्यवाद करते रहो।। चौकस रहो कि कोई तुम्हें उस तत्व- ज्ञान और व्यर्थ धोखे के द्वारा अहेर न करे ले, जो मनुष्यों के परम्पराई मत और संसार की आदि शिक्षा के अनुसार है, पर मसीह के अनुसार नहीं। क्योंकि उस में ईश्वरत्व की सारी परिपूर्णता सदेह वास करती है। और तुम उसी में भरपूर हो गए हो जो सारी प्रधानता और अधिकार का शिरोमणि है। उसी में तुम्हारा ऐसा खतना हुआ है, जो हाथ से नहीं होता, अर्थात् मसीह का खतना, जिस से शारीरिक देह उतार दी जाती है।
- Acts 19:1–10 प्रेरितों के काम 19:1–10और जब अपुल्लोस कुरिन्थुस में था, तो पौलुस ऊपर से सारे देश से होकर इफिसुस में आया, और कई चेलों को देखकर। उन से कहा; क्या तुम ने विश्वास करते समय पवित्रा आत्मा पाया? उन्हों ने उस से कहा, हम ने तो पवित्रा आत्मा की चर्चा भी नहीं सुनी। उस ने उन से कहा; तो फिर तुम ने किस का बपतिस्मा लिया? उन्हों ने कहा; यूहन्ना का बपतिस्मा। पौलुस ने कहा; यूहन्ना ने यह कहकर मन फिराव का बपतिस्मा दिया, कि जो मेरे बाद आनेवाला है, उस पर अर्थात् यीशु पर विश्वास करना। यह सुनकर उन्हों ने प्रभु यीशु के नाम का बपतिस्मा लिया। और जब पौलुस ने उन पर हाथ रखे, तो उन पर पवित्रा आत्मा उतरा, और वे भिन्न भाषा बोलने और भविष्यद्ववाणी करने लगे। ये सब लगभग बारह पुरूष थे।। और वह आराधनालय में जाकर तीन महीने तक निडर होकर बोलता रहा, और परमेश्वर के राज्य के विषय में विवाद करता और समझाता रहा। परन्तु जब कितनों ने कठोर होकर उस की नहीं मानी बरन लोगों के साम्हने इस मार्ग को बुरा कहने लगे, तो उस ने उन को छोड़कर चेलों को अलग कर लिया, और प्रति दिन तुरन्नुस की पाठशाला में विवाद किया करता था। दो वर्ष तक यही होता रहा, यहां तक कि आसिया के रहनेवाले क्या यहूदी, क्या यूनानी सब ने प्रभु का वचन सुन लिया।
- Philippians 2:24 फिलिप्पियों 2:24और मुझे प्रभु में भरोसा है, कि मैं आप भी शीघ्र आऊंगा।
- 1 Timothy 6:10 1 तीमुथियुस 6:10क्योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्त करने का प्रयत्न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटककर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।।
Original words (Greek)
- As · G2531καθώς kathṓs
- besought · G3870παρακαλέω parakaléō
- thee · G4571σέ sé
- still · G4357προσμένω prosménō
- at · G1722ἐν en
- Ephesus · G2181Ἔφεσος Éphesos
- went · G4198πορεύομαι poreúomai
- into · G1519εἰς eis
- Macedonia · G3109Μακεδονία Makedonía
- that · G2443ἵνα hína
- charge · G3853παραγγέλλω parangéllō
- some · G5100τὶς tìs
- teach · G2085ἑτεροδιδασκαλέω heterodidaskaléō
- no · G3361μή mḗ
- doctrine · G2085ἑτεροδιδασκαλέω heterodidaskaléō