2 Chronicles · chapter 1 · verse 3
2 Chronicles 1:3 in Hindi
और सुलैमान पूरी मण्डली समेत गिबोन के ऊंचे स्थान पर गया, क्योंकि परमेश्वर का मिलापवाला तम्बू, जिसे यहोवा के दास मूसा ने जंगल में बनाया था, वह वहीं पर था।
Aur sulaimaan pooree mandalee samet gibon ke oonche sthaan par gayaa, kyonki parameshvar kaa milaapavaalaa tamboo, jise yahovaa ke daas moosaa ne jangal mem banaayaa thaa, vah vaheem par thaa.
2 Chronicles 1:3 in English
- King James Version (KJV)
- So Solomon, and all the congregation with him, went to the high place that [was] at Gibeon; for there was the tabernacle of the congregation of God, which Moses the servant of the LORD had made in the wilderness.
- World English Bible (WEB)
- Then Solomon, and all the assembly with him, went to the high place that was at Gibeon; for God’s Tent of Meeting was there, which the LORD’s servant Moses had made in the wilderness.
- American Standard Version (ASV)
- So Solomon, and all the assembly with him, went to the high place that was at Gibeon; for there was the tent of meeting of God, which Moses the servant of Jehovah had made in the wilderness.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then Solomon, and all the men of Israel with him, went to the high place at Gibeon, because the Tent of meeting of God, which Moses, the servant of the Lord, had made in the waste land, was there.
- Darby Translation (DBY)
- and Solomon, and all the congregation with him, went to the high place at Gibeon; for there was God's tent of meeting which Moses the servant of Jehovah had made in the wilderness.
- Webster's Bible (WBS)
- So Solomon, and all the congregation with him, went to the high place that [was] at Gibeon: for there was the tabernacle of the congregation of God, which Moses the servant of the LORD had made in the wilderness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they go — Solomon, and all the assembly with him — to the high place that [is] in Gibeon, for there hath been God's tent of meeting, that Moses, servant of Jehovah, made in the wilderness,
Read in context
- 1दाऊद का पुत्रा सुलैमान राज्य में स्थिर हो गया, और उसका परमेश्वर यहोवा उसके संग रहा और उसको बहुत ही बढ़ाया।
- 2और सुलैमान ने सारे इस्राएल से, अर्थात् सहस्रपतियों, शतपतियों, न्यायियों और इस्राएल के सब रईसों से जो पितरों के घरानों के मुख्य मुख्य पुरूष थे, बातें कीं।
- 3और सुलैमान पूरी मण्डली समेत गिबोन के ऊंचे स्थान पर गया, क्योंकि परमेश्वर का मिलापवाला तम्बू, जिसे यहोवा के दास मूसा ने जंगल में बनाया था, वह वहीं पर था।
- 4परन्तु परमेश्वर के सन्दूक को दाऊद किर्यत्यारीम से उस स्थान पर ले आया था जिसे उस ने उसके लिये तैयार किया था, उस ने तो उसके लिये यरूशलेम में एक तम्बू खड़ा कराया था।
- 5और पीतल की जो वेदी ऊरी के पुत्रा बसलेल ने, जो हूर का पोता था, बनाई थी, वह गिबोन में यहोवा के निवास के साम्हने थी। इसलिये सुलैमान मण्डली समेत उसके पास गया।
Cross references
- 1 Chronicles 16:39 1 इतिहास 16:39फिर उस ने सादोक याजक और उसके भाई याजकों को यहोवा के निवास के साम्हने, जो गिबोन के ऊंचे स्थान में था, ठहरा दिया,
- 1 Chronicles 21:29 1 इतिहास 21:29यहोवा का निवास जो मूसा ने जंगल में बनाया था, और होमबलि की वेदी, ये दोनों उस समय गिबोन के ऊंचे स्थान पर थे।
- Exodus 36:8 निर्गमन 36:8और काम करनेवाले जितने बुद्धिमान थे उन्हों ने निवास के लिये बटी हुई सूक्ष्म सनी के कपड़े के, और नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपड़े के दस पटों को काढ़े हुए करूबों सहित बनाया।
- Deuteronomy 34:5 व्यवस्थाविवरण 34:5तब यहोवा के कहने के अनुसार उसका दास मूसा वहीं मोआब देश में मर गया,
- Leviticus 1:1 लैव्यव्यवस्था 1:1यहोवा ने मिलापवाले तम्बू में से मूसा को बुलाकर उस से कहा,
- 1 Kings 3:4–15 1 राजा 3:4–15और राजा गिबोन को बलि चढ़ाने गया, क्योंकि मुख्य ऊंचा स्थान वही था, तब वहां की वेदी पर सुलैमान ने एक हज़ार होमबलि चढ़ाए। गिबोन में यहोवा ने रात को स्वप्न के द्वारा सुलैमान को दर्शन देकर कहा, जो कुछ तू चाहे कि मैं तुझे दूं, वह मांग। सुलैमान ने कहा, तू अपने दास मेरे पिता दाऊद पर बड़ी करूणा करता रहा, क्योंकि वह अपने को तेरे सम्मुख जानकर तेरे साथ सच्चाई और धर्म और मनकी सीधाई से चलता रहा; और तू ने यहां तक उस पर करूणा की थी कि उसे उसकी गद्दी पर बिराजनेवाला एक पुत्रा दिया है, जैसा कि आज वर्तमान है। और अब हे मेरे परमेश्वर यहोवा! तूने अपने दास को मेरे पिता दाऊद के स्थान पर राजा किया है, परन्तु मैं छोटा लड़का सा हूँ जो भीतर बाहर आना जाना नहीं जानता। फिर तेरा दास तेरी चुनी हुई प्रजा के बहुत से लोगों के मध्य में है, जिनकी गिनती बहुतायत के मारे नहीं हो सकती। तू अपने दास को अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये समझने की ऐसी शक्ति दे, कि मैं भले बुरे को परख सकूं; क्योंकि कौन ऐसा है कि तेरी इतनी बड़ी प्रजा का न्याय कर सके? इस बात से प्रभु प्रसन्न हुआ, कि सुलैमान ने ऐसा वरदान मांगा है। तब परमेश्वर ने उस से कहा, इसलिये कि तू ने यह वरदान मांगा है, और न तो दीर्धयु और न धन और न अपने शत्रुओं का नाश मांगा है, परन्तु सपझने के विवेक का वरदान मांगा है इसलिये सुन, मैं तेरे वचन के अनुसार करता हूँ, तुझे बुध्दि और विवेक से भरा मन देता हूँ, यहा तक कि तेरे समान न तो तुझ से पहिले कोई कभी हुआ, और न बाद में कोई कभी होगा। फिर जो तू ने नहीं मांगा, अर्थात् धन और महिमा, वह भी मैं तुझे यहां तक देता हूँ, कि तेरे जीवन भर कोई राजा तेरे तुल्य न होगा। फिर यदि तू अपने पिता दाऊद की नाई मेरे माग में चलता हुआ, मेरी विधियों और आज्ञाओं को मानता रहेगा तो मैं तेरी आयु को बढ़ाऊंगा। तब सुलैमान जाग उठा; और देखा कि यह स्वप्न था; फिर वह यरूशलेम को गया, और यहोवा की वाचा के सन्दूक के साम्हने खड़ा होकर, होमबलि और मेलबलि चढ़ाए, और अपने सब कर्मचारियों के लिये जेवनार की।
- Exodus 26:1–37 निर्गमन 26:1–37फिर निवासस्थान के लिये दस परदे बनवाना; इनको बटी हुई सनीवाले और नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपड़े का कढ़ाई के काम किए हुए करूबों के साथ बनवाना। एक एक परदे की लम्बाई अट्ठाईस हाथ और चौड़ाई चार हाथ की हो; सब परदे एक ही नाप के हों। पांच परदे एक दूसरे से जुड़े हुए हों; और फिर जो पांच परदे रहेंगे वे भी एक दूसरे से जुड़े हुए हों। और जहां ये दोनों परदे जोड़े जाएं वहां की दोनों छोरों पर नीली नीली फलियां लगवाना। दोनों छोरों में पचास पचास फलियां ऐसे लगवाना कि वे आम्हने साम्हने हों। और सोने के पचास अंकड़े बनवाना; और परदों के पंचो को अंकड़ों के द्वारा एक दूसरे से ऐसा जुड़वाना कि निवासस्थान मिलकर एक ही हो जाए। फिर निवास के ऊपर तम्बू का काम देने के लिये बकरी के बाल के ग्यारह परदे बनवाना। एक एक परदे की लम्बाई तीस हाथ और चौड़ाई चार हाथ की हो; ग्यारहों परदे एक ही नाप के हों। और पांच परदे अलग और फिर छ: परदे अलग जुड़वाना, और छटवें परदे को तम्बू के साम्हने मोड़ कर दुहरा कर देना। और तू पचास अंकउे़ उस परदे की छोर में जो बाहर से मिलाया जाएगा और पचास ही अंकड़े दूसरी ओर के परदे की छोर में जो बाहर से मिलाया जाएगा बनवाना। और पीतल के पचास अंकड़े बनाना, और अंकड़ों को फलियों में लगाकर तम्बू को ऐसा जुड़वाना कि वह मिलकर एक ही हो जाए। और तम्बू के परदों का लटका हुआ भाग, अर्थात् जो आधा पट रहेगा, वह निवास की पिछली ओर लटका रहे। और तम्बू के परदों की लम्बाई मे से हाथ भर इधर, और हाथ भर उधर निवास के ढांकने के लिये उसकी दोनों अलंगों पर लटका हुआ रहे। फिर तम्बू के लिये लाल रंग से रंगी हुई मेढों की खालों का एक ओढ़ना और उसके ऊपर सूइसों की खालों का भी एक ओढ़ना बनवाना।। फिर निवास को खड़ा करने के लिये बबूल की लकड़ी के तख्ते बनवाना। एक एक तख्ते की लम्बाई दस हाथ और चौड़ाई डेढ़ हाथ की हो। एक एक तख्ते में एक दूसरे से जोड़ी हुई दो दो चूलें हों; निवास के सब तख्तों को इसी भांति से बनवाना। और निवास के लिये जो तख्ते तू बनवाएगा उन में से बीस तख्ते तो दक्खिन की ओर के लिये हों; और बीसों तख्तों के नीचे चांदी की चालीस कुर्सियां बनवाना, अर्थात् एक एक तख्ते के नीचे उसके चूलों के लिये दो दो कुर्सियां। और निवास की दूसरी अलंग, अर्थात् उत्तर की ओर बीस तख्ते बनवाना। और उनके लिये चांदी की चालीस कुर्सियां बनवाना, अर्थात् एक एक तख्ते के नीचे दो दो कुर्सियां हों। और निवास की पिछली अलंग, अर्थात् एक एक तख्ते के नीचे दो दो कुर्सियां हों। और पिछले अलंग में निवास के कोनों के लिये दो तख्ते बनवाना; और ये नीचे से दो दो भाग के हों और दोनों भाग ऊपर के सिरे तक एक एक कड़े में मिलाये जाएं; दोनों तख्तों का यही रूप हो; ये तो दोनों कोनों के लिये हों। और आठ तख्तें हों, और उनकी चांदी की सोलह कुर्सियां हों; अर्थात् एक एक तख्ते के नीचे दो दो कुर्सियां हों। फिर बबूल की लकड़ी के बेंड़े बनवाना, अर्थात् निवास की एक अलंग के तख्तों के लिये पांच, और निवास की दूसरी अलंग के तख्तों के लिये पांच बेंडे, और निवास की जो अलंग पश्चिम की ओर पिछले भाग में होगी, उसके लिये पांच बेंड़े बनवाना। और बीचवाला बेंड़ा जो तख्तों के मध्य में होगा वह तम्बू के एक सिरे से दूसरे सिरे तक पहुंचे। फिर तख्तों को सोने से मढ़वाना, और उनके कड़े जो बेंड़ों के घरों का काम देंगे उन्हें भी सोने के बनवाना; और बेड़ों को भी सोने से मढ़वाना। और निवास को इस रीति खड़ा करना जैसा इस पर्वत पर तुझे दिखाया गया है।। फिर नीले, बैजनी और लाल रंग के और बटी हुई सूक्ष्म सनीवाले कपड़े का एक बीचवाला पर्दा बनवाना; वह कढ़ाई के काम किये हुए करूबों के साथ बने। और उसको सोने से मढ़े हुए बबूल के चार ख्म्भों पर लटकाना, इनकी अंकड़ियां सोने की हों, और ये चांदी की चार कुर्सियों पर खड़ी रहें। और बीचवाले पर्दे को अंकड़ियों के नीचे लटकाकर, उसकी आड़ में साक्षीपत्रा का सन्दूक भीतर लिवा ले जाना; सो वह बीचवाला पर्दा तुम्हारे लिये पवित्रास्थान को परमपवित्रास्थान से अलग किये रहे। फिर परमपवित्रा स्थान में साक्षीपत्रा के सन्दूक के ऊपर प्रायश्चित्त के ढकने को रखना। और उस पर्दे के बाहर निवास की उत्तर अलग मेज़ रखना; और उसकी दक्खिन अलंग मेज़ के साम्हने दीवट को रखना। फिर तम्बू के द्वार के लिये नीले, बैंजनी और लाल रंग के और बटी हुई सूक्ष्म सनीवाले कपड़े का कढ़ाई का काम किया हुआ एक पर्दा बनवाना। और इस पर्दे के लिये बबूल के पांच खम्भे बनवाना, और उनको सोने से मढ़वाना; उनकी कडियां सोने की हो, और उनके लिये पीतल की पांच कुर्सियां ढलवा कर बनवाना।।
- Exodus 40:2 निर्गमन 40:2पहिले महीने के पहिले दिन को तू मिलापवाले तम्बू के निवास को खड़ा करा देना।
- Exodus 40:34 निर्गमन 40:34तब बादल मिलापवाले तम्बू पर छा गया, और यहोवा का तेज निवासस्थान में भर गया।
Original words (Hebrew)
- Solomon · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh
- congregation · H6951קָהָל qâhâl
- went · H3212יָלַךְ yâlak
- place · H1116בָּמָה bâmâh
- Gibeon · H1391גִּבְעוֹן Gibʻôwn
- tabernacle · H168אֹהֶל ʼôhel
- congregation · H4150מוֹעֵד môwʻêd
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- Moses · H4872מֹשֶׁה Môsheh
- servant · H5650עֶבֶד ʻebed
- made · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- wilderness · H4057מִדְבָּר midbâr