2 Chronicles · chapter 16 · verse 8
2 Chronicles 16:8 in Hindi
क्या कूशियों और लूबियों की सेना बड़ी न थी, और क्या उस में बहुत ही रथ, और सवार न थे? तौभी तू ने यहोवा पर भरोसा रखा था, इस कारण उस ने उनको तेरे हाथ में कर दिया।
Kyaa kooshiyom aur loobiyom kee senaa badee na thee, aur kyaa us mem bahut hee rath, aur savaar na the? Taubhee too ne yahovaa par bharosaa rakhaa thaa, is kaaran us ne unako tere haath mem kar diyaa.
2 Chronicles 16:8 in English
- King James Version (KJV)
- Were not the Ethiopians and the Lubims a huge host, with very many chariots and horsemen? yet, because thou didst rely on the LORD, he delivered them into thine hand.
- World English Bible (WEB)
- Weren’t the Ethiopians and the Lubim a huge army, with chariots and exceedingly many horsemen? Yet, because you relied on the LORD, he delivered them into your hand.
- American Standard Version (ASV)
- Were not the Ethiopians and the Lubim a huge host, with chariots and horsemen exceeding many? yet, because thou didst rely on Jehovah, he delivered them into thy hand.
- Bible in Basic English (BBE)
- Were not the Ethiopians and the Lubim a very great army, with war-carriages and horsemen more than might be numbered? but because your faith was in the Lord, he gave them up into your hands.
- Darby Translation (DBY)
- Were not the Ethiopians and the Libyans a huge army, with very many chariots and horsemen? but when thou didst rely on Jehovah, he delivered them into thy hand.
- Webster's Bible (WBS)
- Were not the Cushites and the Lubims a numerous army, with very many chariots and horsemen? yet, because thou didst rely on the LORD, he delivered them into thy hand.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Did not the Cushim and the Lubim become a very great force for multitude, for chariot, and for horsemen? and in thy leaning on Jehovah He gave them into thy hand,
Read in context
- 6तब राजा आसा ने पूरे यहूदा देश को साथ लिया और रामा के पत्थरों और लकड़ी को, जिन से बासा काम करता था, उठा ले गया, और उन से उस ने गेवा, और मिस्पा को दृढ़ किया।
- 7उस समय हनानी दश यहूदा के राजा आसा के पास जाकर कहने लगा, तू ने जो अपने परमेश्वर यहोवा पर भरोसा नही रखा वरन अराम के राजा ही पर भरोसा रखा है, इस कारण अराम के राजा की सेना तेरे हाथ से बच गई है।
- 8क्या कूशियों और लूबियों की सेना बड़ी न थी, और क्या उस में बहुत ही रथ, और सवार न थे? तौभी तू ने यहोवा पर भरोसा रखा था, इस कारण उस ने उनको तेरे हाथ में कर दिया।
- 9देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कमट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए। तूने यह काम मूर्खता से किया है, इसलिये अब से तू लड़ाइयों मे फंसा रहेगा।
- 10तब आसा दश पर क्रोधित हुआ और उसे काठ में ठोंकवा दिया, क्योंकि वहउसकी ऐसी बात के कारण उस पर क्रोधित था। और उसी समय से आसा प्रजा के कुछ लोगों को पीसने भी लगा।
Cross references
- 2 Chronicles 12:3 2 इतिहास 12:3बारह सौ रथ और साठ हजार सवार लिये हुए यरूशलेम पर चढ़ाई की, और जो लोग उसके संग मिस्र से आए, अर्थात् लूबी, सुक्किरयी, कूशी, ये अनगिनत थे।
- 2 Chronicles 16:7 2 इतिहास 16:7उस समय हनानी दश यहूदा के राजा आसा के पास जाकर कहने लगा, तू ने जो अपने परमेश्वर यहोवा पर भरोसा नही रखा वरन अराम के राजा ही पर भरोसा रखा है, इस कारण अराम के राजा की सेना तेरे हाथ से बच गई है।
- 2 Chronicles 13:16 2 इतिहास 13:16और इस्राएली यहूदा के साम्हने से भागे, और परमेश्वर ने उन्हें उनके हाथ में कर दिया।
- 2 Chronicles 14:9–12 2 इतिहास 14:9–12और उनके विरूद्ध दस लाख पुरूषों की सेना और तीन सौ रथ लिये हुए जेरह नाम एक कूशी निकला और मारेशा तक आ गया। तब आसा उसका साम्हना करने को चला और मारेशा के निकट सापता नाम तराई में युठ्ठ की पांति बान्धी गई। तब आसा ने अपने परमेश्वर यहोवा की यों दोहाई दी, कि हे यहोवा! जैसे तू सामथ की सहायता कर सकता है, वैसे ही शक्तिहीन की भी; हे हमारे परमेश्वर यहोवा! हमारी सहायता कर, क्योंकि हमारा भरोसा तुझी पर है और तेरे नाम का भरोसा करके हम इस भीड़ के विरूद्ध आए हैं। हे यहोवा, तू हमारा परमेश्वर है; मनुष्य तुझ पर प्रबल न होने पाएगा। तब यहोवा ने कूशियों को आसा और यहूदियों के साम्हने मारा और कूशी भाग गए।
- 2 Chronicles 13:18 2 इतिहास 13:18उस समय तो इस्राएली दब गए, और यहूदी इस कारण प्रबल हुए कि उन्हों ने अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा पर भरोसा रखा था।
- Psalm 9:9–10 भजन संहिता 9:9–10यहोवा पिसे हुओं के लिये ऊंचा गढ़ ठहरेगा, वह संकट के समय के लिये भी ऊंचा गढ़ ठहरेगा। और तेरे नाम के जाननेवाले तुझ पर भरोसा रखेंगे, क्योंकि हे यहोवा तू ने अपने खोजियों को त्याग नहीं दिया।।
- Psalm 37:39–40 भजन संहिता 37:39–40धर्मियों की मुक्ति यहोवा की ओर से होती है; संकट के समय वह उनका दृढ़ गढ़ है। और यहोवा उनकी सहायता करके उनको बचाता है; वह उनको दुष्टों से छुड़ाकर उनका उद्वार करता है, इसलिये कि उन्हों ने उस में अपनी शरण ली है।।