2 Chronicles · chapter 20 · verse 14
2 Chronicles 20:14 in Hindi
तब आसाप के वंश में से यहजीएल नाम एक लेवीय जो जकर्याह का पुत्रा और बनायाह का पोता और मत्तन्याह के पुत्रा यीएल का परपोता था, उस में मण्डली के बीच यहोवा का आत्मा समाया।
Tab aasaap ke vansh mem se yahajeeel naam ek leveey jo jakaryaah kaa putraa aur banaayaah kaa potaa aur mattanyaah ke putraa yeeel kaa parapotaa thaa, us mem mandalee ke beech yahovaa kaa aatmaa samaayaa.
2 Chronicles 20:14 in English
- King James Version (KJV)
- Then upon Jahaziel the son of Zechariah, the son of Benaiah, the son of Jeiel, the son of Mattaniah, a Levite of the sons of Asaph, came the Spirit of the LORD in the midst of the congregation;
- World English Bible (WEB)
- Then the LORD’s Spirit came on Jahaziel the son of Zechariah, the son of Benaiah, the son of Jeiel, the son of Mattaniah, the Levite, of the sons of Asaph, in the middle of the assembly;
- American Standard Version (ASV)
- Then upon Jahaziel the son of Zechariah, the son of Benaiah, the son of Jeiel, the son of Mattaniah, the Levite, of the sons of Asaph, came the Spirit of Jehovah in the midst of the assembly;
- Bible in Basic English (BBE)
- Then, before all the meeting, the spirit of the Lord came on Jahaziel, the son of Zechariah, son of Benaiah, son of Jeiel, son of Mattaniah, a Levite and one of the family of Asaph;
- Darby Translation (DBY)
- And upon Jahaziel the son of Zechariah, the son of Benaiah, the son of Jeiel, the son of Mattaniah, a Levite of the sons of Asaph, upon him came the Spirit of Jehovah, in the midst of the congregation;
- Webster's Bible (WBS)
- Then upon Jehaziel the son of Zechariah, the son of Benaiah, the son of Jeiel, the son of Mattaniah, a Levite of the sons of Asaph, came the Spirit of the LORD in the midst of the congregation;
- Young's Literal Translation (YLT)
- And upon Jahaziel, son of Zechariah, son of Benaiah, son of Jeiel, son of Mattaniah, the Levite, of the sons of Asaph, hath the Spirit of Jehovah been, in the midst of the assembly,
Read in context
- 12हे हमारे परमेश्वर, क्या तू उनका न्याय न करेगा? यह जो बड़ी भीड़ हम पर चढ़ाई कर रही है, उसके साम्हने हमारा तो बस नहीं चलता और हमें हुछ सूझता नहीं कि क्या करना चाहिये? परन्तु हमारी आंखें तेरी ओर लगी हैं।
- 13और सब यहूदी अपने अपने बालबच्चों, स्त्रीयों और पुत्रों समेत यहोवा के सम्मुख खड़े रहे।
- 14तब आसाप के वंश में से यहजीएल नाम एक लेवीय जो जकर्याह का पुत्रा और बनायाह का पोता और मत्तन्याह के पुत्रा यीएल का परपोता था, उस में मण्डली के बीच यहोवा का आत्मा समाया।
- 15और वह कहने लगा, हे सब यहूदियो, हे यरूशलेम के रहनेवालो, हे राजा यहोशापात, तुम सब ध्यान दो; यहोवा तुम से यों कहता है, तुम इस बड़ी भीड़ से मत डरो और तुम्हारा मन कच्चा न हो; क्योंकि युठ्ठ तुम्हारा नहीं, परमेश्वर का है।
- 16कल उनका साम्हना करने को जाना। देखो वे सीस की चढ़ाई पर चढ़े आते हैं और यरूएल नाम जंगल के साम्हने नाले के सिरे पर तुम्हें मिलेंगे।
Cross references
- 2 Chronicles 15:1 2 इतिहास 15:1तब परमेश्वर का आत्मा ओदेद के पुत्रा अजर्याह में समा गया,
- 2 Chronicles 24:20 2 इतिहास 24:20और परमेश्वर का आत्मा यहोयादा याजक के पुत्रा जकर्याह में समा गया, और वह ऊंचे स्थन पर खड़ा होकर लोगों से कहने लगा, परमेश्वर यों कहता है, कि तुम यहोवा की आज्ञाओं को क्यों टालते हो? ऐसा करके तुम भाग्यवान नहीं हो सकते, देखो, तुम ने तो यहोवा को त्याग दिया है, इस कारण उस ने भी तुम को त्याग दिया।
- Daniel 9:20–21 दानिय्येल 9:20–21इस प्रकार मैं प्रार्थना करता, और अपने और अपने इस्राएली जाति भाइयों के पाप का अंगीकार करता हुआ, अपने परमेश्वर यहोवा के सम्मुख उसके पवित्रा पर्वत के लिये गिड़गिड़ाकर बिनती करता ही था, तब वह पुरूष जिब्राएल जिस मैं ने उस समय देखा जब मुझे पहिले दर्शन हुआ था, उस ने वेग से उड़ने की आज्ञा पाकर, सांझ के अन्नबलि के समय मुझ को छू लिया; और मुझे समझाकर मेरे साथ बातें करने लगा।
- Acts 10:4 प्रेरितों के काम 10:4उस ने उसे ध्यान से देखा; और डरकर कहा; हे प्रभु क्या है उस ने उस से कहा, तेरी प्रार्थनाएं और तेरे दान स्मरण के लिये परमेश्वर के साम्हने पहुंचे हैं।
- Isaiah 65:24 यशायाह 65:24उनके पुकारने से पहिले ही मैं उनको उत्तर दूंगा, और उनके मांगते ही मैं उनकी सुन लूंगा।
- Acts 10:31 प्रेरितों के काम 10:31और कहने लगा, हे कुरनेलियुस, तेरी प्रार्थना सुन ली गई, और तेरे दान परमेश्वर के साम्हने स्मरण किए गए हैं।
- Isaiah 58:9 यशायाह 58:9तब तू पुकारेगा और यहोवा उत्तर देगा; तू दोहाई देगा और वह कहेगा, मैं यहां हूं। यदि तू अन्धेर करना और उंगली मटकाना, और, दुष्ट बातें बोलना छोड़ दे,
- Numbers 11:25–26 गिनती 11:25–26तब यहोवा बादल में होकर उतरा और उस ने मूसा से बातें की, और जो आत्मा उस में थी उस में से लेकर उन सत्तर पुरनियों में समवा दिया; और जब वह आत्मा उन में आई तब वे नबूवत करने लगे। परन्तु फिर और कभी न की। परन्तु दो मनुष्य छावनी में रह गए थे, जिस में से एक का नाम एलदाद और दूसरे का मेदाद था, उन में भी आत्मा आई; ये भी उन्हीं में से थे जिनके नाम लिख लिये गये थे, पर तम्बू के पास न गए थे, और वे छावनी ही में नबूवत करने लगे।
- Numbers 24:2 गिनती 24:2और बिलाम ने आंखे उठाई, और इस्त्राएलियों को अपने गोत्रा गोत्रा के अनुसार बसे हुए देखा। और परमेश्वर का आत्मा उस पर उतरा।
Original words (Hebrew)
- Jahaziel · H3166יַחֲזִיאֵל Yachăzîyʼêl
- son · H1121בֵּן bên
- Zechariah · H2148זְכַרְיָה Zᵉkaryâh
- son · H1121בֵּן bên
- Benaiah · H1141בְּנָיָה Bᵉnâyâh
- son · H1121בֵּן bên
- Jeiel · H3273יְעִיאֵל Yᵉʻîyʼêl
- son · H1121בֵּן bên
- Mattaniah · H4983מַתַּנְיָה Mattanyâh
- Levite · H3881לֵוִיִּי Lêvîyîy
- sons · H1121בֵּן bên
- Asaph · H623אָסָף ʼÂçâph
- Spirit · H7307רוּחַ rûwach
- midst · H8432תָּוֶךְ tâvek
- congregation · H6951קָהָל qâhâl