2 Chronicles · chapter 23 · verse 18
2 Chronicles 23:18 in Hindi
तब यहोयादा ने यहोवा के भवन की सेवा के लिये उन लेवीय याजकों को ठहरा दिया, जिन्हें दाऊद ने यहोवा के भवन पर दल दल करके इसलिये ठहराया था, कि जैसे मूसा की रयवस्था में लिखा है, वैसे ही वे यहोवा को होमबलि चढ़ाया करें, और दाऊद की चलाई हुई विधि के अनुसार आनन्द करें और गाएं।
Tab yahoyaadaa ne yahovaa ke bhavan kee sevaa ke liye un leveey yaajakom ko thaharaa diyaa, jinhem daaood ne yahovaa ke bhavan par dal dal karake isaliye thaharaayaa thaa, ki jaise moosaa kee rayavasthaa mem likhaa hai, vaise hee ve yahovaa ko homabali chadhaayaa karem, aur daaood kee chalaaee huee vidhi ke anusaar aanand karem aur gaaen.
2 Chronicles 23:18 in English
- King James Version (KJV)
- Also Jehoiada appointed the offices of the house of the LORD by the hand of the priests the Levites, whom David had distributed in the house of the LORD, to offer the burnt offerings of the LORD, as [it is] written in the law of Moses, with rejoicing and with singing, [as it was ordained] by David.
- World English Bible (WEB)
- Jehoiada appointed the officers of the LORD’s house under the hand of the Levitical priests, whom David had distributed in the LORD’s house, to offer the burnt offerings of the LORD, as it is written in the law of Moses, with rejoicing and with singing, as David had ordered.
- American Standard Version (ASV)
- And Jehoiada appointed the officers of the house of Jehovah under the hand of the priests the Levites, whom David had distributed in the house of Jehovah, to offer the burnt-offerings of Jehovah, as it is written in the law of Moses, with rejoicing and with singing, according to the order of David.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Jehoiada put the work and the care of the house of the Lord into the hands of the priests and the Levites, who had been grouped in divisions by David to make burned offerings to the Lord, as it is recorded in the law of Moses, with joy and song as David had said.
- Darby Translation (DBY)
- And Jehoiada appointed the offices of the house of Jehovah under the hand of the priests, the Levites, whom David had set by classes over the house of Jehovah to offer up Jehovah's burnt-offerings, as it is written in the law of Moses, — with rejoicing and with singing according to the directions of David.
- Webster's Bible (WBS)
- Also Jehoiada appointed the offices of the house of the LORD by the hand of the priests the Levites, whom David had distributed in the house of the LORD, to offer the burnt-offerings of the LORD, as [it is] written in the law of Moses, with rejoicing and with singing, [as it was ordained] by David.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jehoiada putteth the offices of the house of Jehovah into the hand of the priests the Levites whom David had apportioned over the house of Jehovah, to cause to ascend the burnt-offerings of Jehovah, as written in the law of Moses, with joy, and with singing, by the hands of David;
Read in context
- 16तब यहोयादा ने अपने और सारी प्रजा के और राजा के बीच यहोवा की प्रजा होने की वाचा बन्धवाई।
- 17तब सब लोगों ने बाल के भवन को जाकर ढा दिया; और उसकी वेदियों और मूरतों को टुकड़े टुकड़े किया, और मत्तान नाम बाल के याजक को वेदियों के साम्हने ही घात किया।
- 18तब यहोयादा ने यहोवा के भवन की सेवा के लिये उन लेवीय याजकों को ठहरा दिया, जिन्हें दाऊद ने यहोवा के भवन पर दल दल करके इसलिये ठहराया था, कि जैसे मूसा की रयवस्था में लिखा है, वैसे ही वे यहोवा को होमबलि चढ़ाया करें, और दाऊद की चलाई हुई विधि के अनुसार आनन्द करें और गाएं।
- 19और उस ने यहोवा के भवन के फाटकों पर द्वारपालों को इसलिये खड़ा किया, कि जो किसी रीति से अशुठ्ठ हो, वह भीतर जाने न पाए।
- 20और वह शतपतियों और रईसों और प्रजा पर प्रभुता करनेवालों और देश के सब लोगों को साथ करके राजा को यहोवा के भवन से नीचे ले गया और ऊंचे फाटक से होकर राजभवन में आया, और राजा को राजगद्दी पर बैठाया।
Cross references
- Numbers 28:1–31 गिनती 28:1–31फिर यहोवा ने मूसा से कहा, इस्त्राएलियों को यह आज्ञा सुना कि मेरा चढ़ावा, अर्थात् मुझे सुखदायक सुगन्ध देनेवाला मेरा हव्यरूपी भोजन, तुम लोग मेरे लिये उनके नियत समयों पर चढ़ाने के लिये स्मरण रखना। और तू उन से कह, कि जो जो तुम्हें यहोवा के लिये चढ़ाना होगा वे ये हैं; अर्थात् नित्य होमबलि के लिये एक एक वर्ष के दो निर्दोष भेड़ी के बच्चे प्रतिदिन चढ़ाया करे। एक बच्चे को भोर को और दूसरे को गोधूलि के समय चढ़ाना; और भेड़ के बच्चे के पीछे एक चौथाई हीन कूटके निकाले हुए तेल से सने हुए एपा के दसवें अंश मैदे का अन्नबलि चढ़ाना। यह नित्य होमबलि है, जो सीनै पर्वत पर यहोवा का सुखदायक सुगन्धवाला हव्य होने के लिये ठहराया गया। और उसका अर्घ प्रति एक भेड़ के बच्चे के संग एक चौथाई हीन हो; मदिरा का यह अर्घ यहोवा के लिये पवित्रास्थान में देना। और दूसरे बच्चे को गोधूलि के समय चढ़ाना; अन्नबलि और अर्घ समेत भोर के होमबलि की नाई उसे यहोवा को सुखदायक सुगन्ध देनेवाला हव्य करके चढ़ाना।। फिर विश्रामदिन को दो निर्दोष भेड़ के एक साल के नर बच्चे, और अन्नबलि के लिये तेल से सना हुआ एपा का दो दसवां अंश मैदा अर्घ समेत चढ़ाना। नित्य होमबलि और उसके अर्घ के अलावा प्रत्येक विश्रामदिन का यही होमबलि ठहरा है।। फिर अपने महीनों के आरम्भ में प्रतिमास यहोवा के लिये होमबलि चढ़ाना; अर्थात् दो बछड़े, एक मेढ़ा, और एक एक वर्ष के निर्दोष भेड़ के सात बच्चे; और बछड़े पीछे तेल से सना हुआ एपा का तीन दसवां अंश मैदा, और उस एक मेढ़े के साथ तेल से सना हुआ एपा का दो दसवां अंश मैदा; और प्रत्येक भेड़ के बच्चे के पीछे तेल से सना हुआ एपा का दसवां अंश मैदा, उन सभों को अन्नबलि करके चढ़ाना; वह सुखदायक सुगन्ध देने के लिये होमबलि और यहोवा के लिये हव्य ठहरेगा। और उनके साथ ये अर्घ हों; अर्थात् बछड़े पीछे आध हीन, मेढ़े के साथ तिहाई हीन, और भेड़ के बच्चे पीछे चौथाई हीन दाखमधु दिया जाए; वर्ष के सब महीनों में से प्रति एक महीने का यही होमबलि ठहरे। और एक बकरा पापबलि करके यहोवा के लिये चढ़ाया जाए; यह नित्य होमबलि और उसके अर्घ के अलावा चढ़ाया जाए।। फिर पहिले महीने के चौदहवें दिन को यहोवा का फसह हुआ करे। और उसी महीने के पन्द्रहवें दिन को पर्ब्ब लगा करे; सात दिन तक अखमीरी रोटी खाई जाए। पहिले दिन पवित्रा सभा हो; और उस दिन परिश्रम का कोई काम न किया जाए; उस में तुम यहोवा के लिये हव्य, अर्थात् होमबलि चढ़ाना; सो दो बछड़े, एक मेढ़ा, और एक एक वर्ष के सात भेड़ के बच्चे हों; ये सब निर्दोष हों; और उनका अन्नबलि तेल से सने हुए मैदे का हो; बछड़े पीछे एपा का तीन दसवां अंश और मेढ़े के सात एपा का दो दसवां अंश मैदा हो। और सातों भेड़ के बच्चों में से प्रति एक बच्चे पीछे एपा का दसवां अंश चढ़ाना। और एक बकरा भी पापबलि करके चढ़ाना, जिस से तुम्हारे लिये प्रायश्चित्त हो। भोर का होमबलि जो नित्य होमबलि ठहरा है, उसके अलावा इनको चढ़ाना। इस रीति से तुम उन सातों दिनों में भी हव्य का भोजन चढ़ाना, जो यहोवा को सुखदायक सुगन्ध देने के लिये हो; यह नित्य होमबलि और उसके अर्घ के अलावा चढ़ाया जाए। और सातवें दिन भी तुम्हारी पवित्रा सभा हो; और उस दिन परिश्रम का कोई काम न करना।। फिर पहिली उपज के दिन में, जब तुम अपने अठवारे नाम पर्ब्ब में यहोवा के लिये नया अन्नबलि चढ़ाओगे, तब भी तुम्हारी पवित्रा सभा हो; और परिश्रम का कोई काम न करना। और एक होमबलि चढ़ाना, जिस से यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्ध हो; अर्थात् दो बछड़े, एक मेढ़ा, और एक एक वर्ष के सात भेड़ के बच्चे; और उनका अन्नबलि तेल से सने हुए मैदे का हो; अर्थात् बछड़े पीछे एपा का तीन दसवां अंश, और मेढ़े के संग एपा का दो दसवां अंश, और सातों भेड़ के बच्चों में से एक एक बच्चे के पीछे एपा का दसवां अंश मैदा चढ़ाना। और एक बकरा भी चढ़ाना, जिस से तुम्हारे लिये प्रायश्चित्त हो। ये सब निर्दोष हों; और नित्य होमबलि और उसके अन्नबलि और अर्घ के अलावा इसको भी चढ़ाना।।
- 2 Chronicles 5:5 2 इतिहास 5:5और लेवीय याजक सन्दूक और मिलाप का तम्बू और जितने पवित्रा पात्रा उस तम्बू में थे उन सभों को ऊपर ले गए।
- 1 Chronicles 23:1–24 1 इतिहास 23:1–24दाऊद तो बूढ़ा वरन बहुत बूढा हो गया था, इसलिये उस ने अपने पुत्रा सुलैमान को इसगाएल पर राजा नियुक्त कर दिया। तब उस ने इस्राएल के सब हाकिमों और याजकों और लेमियों को इकट्ठा किया। और जितने लेवीय तीस वर्ष के और उस से अधिक अवस्था के थे, वे गिने एए, और एक एक पुरूष के गिनने से उनकी गिनती अड़तीस हजार हुई। इन में से चौबीस हजार तो यहोवा के भवन का काम चलाने के लिये नियुक्त हुए, और छे हजार सरदार और न्यायी। और चार हजार द्वारपाल नियुक्त हुए, और चार हजार उन बाजों से यहोवा की स्तुति करने के लिये ठहराए गए जो दाऊद ने स्तुति करने के लिये बनाए थे। फिर दाऊद ने उनको गेश न, कहात और मरारी नाम लेवी के पुत्रों के अनुसार दलों में अलग अलग कर दिया। गेश नियों में से तो लादान और शिमी थे। और लादान के पुत्रा: सरदार यहीएल, फिर जेताम और योएल ये तीन थे। और शिमी के पुत्रा: शलेमीत, हजीएल और हारान से तीन थे। लादान के कुल के पूर्वजों के घरानों के मुख्य पुरूष ये ही थे। फिर शिमी के पुत्रा: यहत, जीना, यूश, और वरीआ के पुत्रा शिमी यही चार थे। यहत मुख्य था, और जीजा दूसरा; यूश और बरीआ के वहुत बेटे न हुए, इस कारण वे सब मिलकर पितरों का एक ही घराना ठहरे। कहात के पुत्रा: अम्राम, यिसहार, हेब्रोन और उज्जीएल चार। अम्राम के पुत्रा: हारून और मूसा। हारून तो इसलिये अलग किया गया, कि वह और उसके सन्तान सदा परमपवित्रा वस्तुओं को पवित्रा ठहराएं, और सदा यहोवा के सम्मुख धूप जलाया करें और उसकी सेवा टहल करें, और उसके नाम से आशीर्वाद दिया करें। परन्तु परमेश्वर के भक्त मूसा के पुत्रों के नाम लेवी के गोत्रा के बीच गिने गए। मूसा के पुत्रा, गेश म और एलीएजेर। और गेश म का पुत्रा शबूएल मुख्य था। और एलीएजेर के पुत्रा: रहब्याह मुख्य; और एलीएजेर के और कोई पुत्रा न हुआ, परन्तु रहब्याह के बहुत से बेटे हुए। यिसहार के पुत्रों में से शलोमीत मुख्य ठहरा। हेब्रोन के पुत्रा: यरीरयाह मुख्य, दूसरा अमर्याह, तीसरा यहजीएल, और चौथा यकमाम था। उज्जीएल के पुत्रों में से मुख्य तो मीका और दूसरा यिश्शिरयाह था। मरारी के पुत्रा: महली और मूशी। महली के पुत्रा: एलीआजर और कीश थे। एलीआजर पुत्राहीन मर गया, उसके केवल बेटियां हुई; सो कीश के पुत्रों ने जो उनके भाई थे उन्हें ब्याह लिया। मूशी के पुत्रा: महली; एदोर और यरेमोत यह तीन थे। लेवीय पितरों के घरानों के मुख्य पुरूष ये ही थे, ये नाम ले लेकर, एक एक पुरूष करके गिने गए, और बीस वर्ष की वा उस से अधिक अवस्था के थे और यहोवा के भवन में सेवा टहल करते थे।
- 2 Chronicles 29:25 2 इतिहास 29:25फिर उस ने दाऊद और राजा के दश गाद, और नातान नबी की आज्ञा के अनुसार जो यहोवा की ओर से उसके नबियों के द्वारा आई थी, झांझ, सारंगियां और वीणाएं लिए हुए लेवियों को यहोवा के भवन में खड़ा किया।
- 1 Chronicles 25:1–31 1 इतिहास 25:1–31फिर दाऊद और सेनापतियोंने आसाप, हेमान और यदूतून के कितने पुत्रोंको सेवकाई के लिथे अलग किया कि वे वीणा, सारंगी और फांफ बजा बजाकर नबूवत करें। और इस सेवकाई के काम करनेवाले मनुष्योंकी गिनती यह यी: अर्यात् आसाप के पुत्रोंमें से तो जक्कूर, योसेप, नतन्याह और अशरेला, आसाप के थे पुत्र आसाप ही की आज्ञा में थे, जो राजा की आज्ञा के अनुसार नबूवत करता या। फिर यदूतून के पुत्रोंमें से गदल्याह, सरीयशायाह, हसब्याह, मत्तित्याह, थे ही छ: अपके पिता यदूतून की आज्ञा में होकर जो यहोवा का धन्यवाद और स्तुति कर करके नबूवत करता या, वीणा बजाते थे। और हेमान के पुत्रोंमें से, मुक्किय्याह, मत्तन्याह, लज्जीएल, शबूएल, यरीमोत, हनन्याह, हनानी, एलीआता, गिद्दलती, रोममतीएजेर, योशबकाशा, मल्लोती, होतीर और महजीओत। परमेश्वर की प्रतिज्ञानुकूल जो उसका नाम बढ़ाने की यी, थे सब हेमान के पुत्र थे जो राजा का दशीं या; क्योंकि परमेश्वर ने हेमान को चौदह बेटे और तीन बेटियां दीं यीं। थे सब यहोवा के भवन में गाने के लिथे अपके अपके पिता के अधीन रहकर, परमेश्वर के भवन, की सेवकाई में फांफ, सारंगी और वीणा बजाते थे। और आसाप, यदूतून और हेमान राजा के अधीन रहते थे। इन सभोंकी गिनती भाइयोंसमेत जो यहोवा के गीत सीखे हुए और सब प्रकार से निपुण थे, दो सौ अठासी यी। और उन्होंने क्या बड़ा, क्या छोटा, क्या गुरू, क्या चेला, अपक्की अपक्की बारी के लिथे चिट्ठी डाली। और पहिली चिट्ठी आसाप के बेटोंमें से योसेप के नाम पर निकली, दूसरी गदल्याह के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। तीसरी जक्कूर के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। चौयी यिस्री के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। पांचक्कीं नतन्याह के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। छठीं बुक्किय्याह के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। सातवीं यसरेला के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। आठवीं यशायाह के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। नौवीं मतन्याह के नाम पर निकली, जिसके पुत्र और भाई समेत बारह थे। दसवीं शिमी के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। ग्यारहवीं अजरेल के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। बारहवीं हशब्याह के नाम पर निकली, जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। तेरहवी शूबाएल के नाम पर निकली, जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। चौदहवीं मत्तिय्याह के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। पन्द्रहवीं यरेमोत के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। सोलहवीं हनन्याह के नाम पर निकली, जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। सत्रहवीं योशबकाशा के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। अठारहवीं हरानी के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। उन्नीसवीं मल्लोती के नाम पर निकली, जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। बीसवीं इलिय्याता के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। इक्कीसवीं होतीर के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। बाईसवीं गिद्दलती के नाम पर तिकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। तेईसवीं महजीओत के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे। और चौबीसवीं चिट्ठी रोममतीएजेर के नाम पर निकली जिसके पुत्र और भाई उस समेत बारह थे।
- 1 Chronicles 23:28–31 1 इतिहास 23:28–31क्योंकि उनका काम तो हारून की सन्तान की सेवा टहल करना था, अर्थात यह कि वे आंगनों और कोठरियों में, और सब पवित्रा वस्तुओं के शुठ्ठ करने में और परमेश्वर के भवन की उपासना के सब कामों में सेवा टहल करें। और भेंट की रोटी का, अन्नबलियों के मैदे का, और अखमीरी पपड़ियों का, और तवे पर बनाए हुए और सने हुए का, और मापने और तौलने के सब प्रकार का काम करें। और प्रति भोर और प्रति सांझ को यहोवा का धन्यवाद और उसकी स्तुति करने के लिये खड़े रहा करें। और विश्रामदिनों और नये चान्द के दिनों, और नियत परव में गिनती के नियम के अनुसार नित्य यहोवा के सब होपबलियों को बढ़ाएं।
Original words (Hebrew)
- Jehoiada · H3077יְהוֹיָדָע Yᵉhôwyâdâʻ
- appointed · H7760שׂוּם sûwm
- offices · H6486פְּקֻדָּה pᵉquddâh
- house · H1004בַּיִת bayith
- hand · H3027יָד yâd
- priests · H3548כֹּהֵן kôhên
- Levites · H3881לֵוִיִּי Lêvîyîy
- David · H1732דָּוִד Dâvid
- distributed · H2505חָלַק châlaq
- house · H1004בַּיִת bayith
- offer · H5927עָלָה ʻâlâh
- offerings · H5930עֹלָה ʻôlâh
- written · H3789כָּתַב kâthab
- law · H8451תּוֹרָה tôwrâh
- Moses · H4872מֹשֶׁה Môsheh
- rejoicing · H8057שִׂמְחָה simchâh
- singing · H7892שִׁיר shîyr
- by · H3027יָד yâd
- David · H1732דָּוִד Dâvid