2 Chronicles · chapter 28 · verse 23
2 Chronicles 28:23 in Hindi
और उस ने दमिश्क के देवताओं के लिये जिन्हों ने उसको मारा था, बलि चढ़ाया; क्योंकि उस ने यह सोचा, कि आरामी राजाओं के देवताओं ने उनकी यहायता की, तो मैं उनके लिये बलि चढ़ाऊंगा कि वे मेरी सहायता करें। परन्तु वे उसके और सारे इस्राएल के पतन का कारण हुए।
Aur us ne damishk ke devataaom ke liye jinhom ne usako maaraa thaa, bali chadhaayaa; kyonki us ne yah sochaa, ki aaraamee raajaaom ke devataaom ne unakee yahaayataa kee, to maim unake liye bali chadhaaoongaa ki ve meree sahaayataa karen. Parantu ve usake aur saare israael ke patan kaa kaaran hue.
2 Chronicles 28:23 in English
- King James Version (KJV)
- For he sacrificed unto the gods of Damascus, which smote him: and he said, Because the gods of the kings of Syria help them, [therefore] will I sacrifice to them, that they may help me. But they were the ruin of him, and of all Israel.
- World English Bible (WEB)
- For he sacrificed to the gods of Damascus which had defeated him. He said, “Because the gods of the kings of Syria helped them, I will sacrifice to them, that they may help me.” But they were the ruin of him and of all Israel.
- American Standard Version (ASV)
- For he sacrificed unto the gods of Damascus, which smote him; and he said, Because the gods of the kings of Syria helped them, [therefore] will I sacrifice to them, that they may help me. But they were the ruin of him, and of all Israel.
- Bible in Basic English (BBE)
- For he made offerings to the gods of Damascus, who were attacking him, and said, Because the gods of the kings of Aram are giving them help, I will make offerings to them so that they may give me help. But they were the cause of his downfall, and of that of all Israel.
- Darby Translation (DBY)
- And he sacrificed to the gods of Damascus, which had smitten him; and he said, Since the gods of the kings of Syria help them, I will sacrifice to them, that they may help me. But they were the ruin of him, and of all Israel.
- Webster's Bible (WBS)
- For he sacrificed to the gods of Damascus, which smote him: and he said, Because the gods of the kings of Syria help them, [therefore] will I sacrifice to them, that they may help me. But they were the ruin of him, and of all Israel.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he sacrificeth to the gods of Damascus — those smiting him, and saith, 'Because the gods of the kings of Aram are helping them, to them I sacrifice, and they help me,' and they have been to him to cause him to stumble, and to all Israel.
Read in context
- 21आहाज ने तो यहोवा के भवन और राजभवन और हाकिमों के घरों में से धन निकालकर अश्शूर के राजा को दिया, परन्तु इससे उसकी कुछ सहायता न हुई।
- 22और क्लेश के समय राजा आहाज ने यहोवा से और भी विश्वासघात किया।
- 23और उस ने दमिश्क के देवताओं के लिये जिन्हों ने उसको मारा था, बलि चढ़ाया; क्योंकि उस ने यह सोचा, कि आरामी राजाओं के देवताओं ने उनकी यहायता की, तो मैं उनके लिये बलि चढ़ाऊंगा कि वे मेरी सहायता करें। परन्तु वे उसके और सारे इस्राएल के पतन का कारण हुए।
- 24फिर आहाज ने परमेश्वर के भवन के पात्रा बटोरकर तुड़वा डाले, और यहोवा के भवन के द्वारों को बन्द कर दिया; और यरूशलेम के सब कोनों में वेदियां बनाई।
- 25और यहूदा के एक एक नगर में उस ने पराये देवताओं को धूप जलाने के लिये ऊंचे स्थान बनाए, और अपने मितरों के परमेश्वर यहोवा को रिस दिलाई।
Cross references
- 2 Chronicles 25:14 2 इतिहास 25:14जब अमस्याह एदोनियों का संहार करके लौट आया, तब उस ने सेईरियों के देवताओं को ले आकर अपने देवता करके खड़ा किया, और उन्हीं के साम्हने दणडवत करने, और उन्हीं के लिये धूप जलाने लगा।
- Habakkuk 1:11 हबक्कूक 1:11तब वे वायु की नाई चलते और मर्यादा छोड़कर दोषी ठहरते हैं, क्योंकि उनका बल ही उनका देवता है।।
- Jeremiah 44:20–28 यिर्मयाह 44:20–28तब यिर्मयाह ने, क्या स्त्री, क्या पुरूष, जितने लोगों ने यह उत्तर दिया, उन सब से कहा, तुम्हारे पुरखा और तुम जो अपने राजाओं और हाकिमों और लोगों समेत यहूदा देश के नगरों और यरूशलेम की सड़कों में धूप जलाते थे, क्या वह यहोवा के ध्यान में नहीं आया? क्या उस ने उसको स्मरण न किया? सो जब यहोवा तुम्हारे बुरे और सब घृणित कामों को और अधिक न सह सका, तब तुम्हारा देश उजड़कर निर्जन और सुनसान हो गया, यहां तक कि लोग उसकी उपमा देकर शाप दिया करते हैं, जैसे कि आज होता है। क्योंकि तुम धूप जलाकर यहोवा के विरूद्व पाप करते और उसकी नहीं सुनते थे, और उसकी व्यवस्था और विधियों और चितौनियों के अनुसार नहीं चले, इस कारण यह विपत्ति तुम पर आ पड़ी है, जैसे कि आज है। फिर यिर्मयाह ने उन सब लोगों से और उन सब स्त्रियों से कहा, हे सारे मिस्र देश में रहनेवाले यहूदियो, यहोवा का वचन सुनोे इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा, यों कहता है, कि तुम ने और तुम्हारी स्त्रियों ने मन्नतें मानी और यह कहकर उन्हें पूरी करते हो कि हम ने स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलाने और तपावन देने की जो जो मन्नतें मानी हैं उन्हें हम अवश्य ही पूरी करेंगे; और तुम ने अपने हाथों से ऐसा ही किया। सो अब तुुम अपनी अपनी मन्नतों को मानकर पूरी करो! परन्तु हे मिस्र देश में रहनेवाले सारे यहूदियो यहोवा का वचन सुनोे सुनो, मैं ने अपने बड़े नाम की शपथ खाई है कि अब पूरे मिस्र देश में कोई यहूदी मनुष्य मेरा नाम लेकर फिर कभी यह न कहने पाएगा कि "प्रभु यहोवा के जीवन की सौगन्ध"। सुनो, अब मैं उनकी भलाई नहीं, हानि ही की चिन्ता करूंगा; सो मिस्र देश में रहनेवाले सब यहूदी, तलवार और महंगी के द्वारा मिटकर नाश हो जाएंगे जब तक कि उनका सर्वनाश न हो जाए। और जो तलवार से बचकर और मिस्र देश से लौटकर यहूदा देश में पहुंचेंगे, वे थोड़े ही होंगे; और मिस्र देश में रहने के लिये आए हुए सब यहूदियों में से जो बच पाएंगे, वे जान लेंगे कि किसका वचन पूरा हुआ, मेरा वा उनका।
- Jeremiah 44:15–18 यिर्मयाह 44:15–18तब मिस्र देश के पत्रोस में रहनेवाले जितने पुरूष जानते थे कि उनकी स्त्रियां दूसरे देवताओं के लिये धूप जलाती हैं, और जितनी स्त्रियां बड़ी मण्डली में पास खड़ी थी, उन सभों ने यिर्मयाह को यह उत्तर दिया, जो वचन तू ने हम को यहोवा के नाम से सुनाया है, उसको हम नहीं सुनने की। जो जो मन्नतें हम मान चुके हैं उन्हें हम निश्चय पूरी करेंगी, हम स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलाएंगे और तपावन देंगे, जैसे कि हमारे पुरखा लोग और हम भी अपने राजाओं और और हाकिमों समेत यहूदा के नगरों में और यरूशलेम की सड़कों में करते थे; क्योंकि उस समय हम पेट भरके खाते और भले चंगे रहते और किसी विपत्ति में नहीं पड़ते थे। परन्तु जब से हम ने स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलाना और तपावन देना छोड़ दिया, तब से हम को सब वस्तुओं की घटी है; और हम तलवार और महंगी के द्वारा मिट चले हैं।
- Isaiah 1:28 यशायाह 1:28परन्तु बलवाइयों और पापियों का एक संग नाश होगा, और जिन्हों ने यहोवा को न्यागा है, उनका अन्त हो जाएगा।
- Jeremiah 10:5 यिर्मयाह 10:5वे खरादकर ताड़ के पेड़ के समान गोल बनाई जाती हैं, पर बोल नहीं सकतीं; उन्हें उठाए फिरना पड़ता है, क्योंकि वे चल नहीं सकतीं। उन से मत डरो, क्योंकि, न तो वे कुछ बुरा कर सकती हैं और न कुछ भला।
- 2 Kings 16:12–13 2 राजा 16:12–13जब राजा दमिश्क से आया तब उस ने उस वेदी को देखा, और उसके निकट जाकर उस पर बलि चढ़ाए। उसी वेदी पर उस ने अपना होमबलि और अन्नबलि जलौया, और अर्ध दिया और मेलबलियों का लोहू छिड़क दिया।
- Hosea 13:9 होशे 13:9हे इस्राएल, तेरे विनाश का कारण यह है, कि तू मेरा अर्थात् अपने सहायक का विरोधी है।
Original words (Hebrew)
- sacrificed · H2076זָבַח zâbach
- gods · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- Damascus · H1834דַּמֶּשֶׂק Dammeseq
- smote · H5221נָכָה nâkâh
- said · H559אָמַר ʼâmar
- gods · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- kings · H4428מֶלֶךְ melek
- Syria · H758אֲרָם ʼĂrâm
- help · H5826עָזַר ʻâzar
- sacrifice · H2076זָבַח zâbach
- help · H5826עָזַר ʻâzar
- ruin · H3782כָּשַׁל kâshal
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl