2 Chronicles · chapter 29 · verse 36
2 Chronicles 29:36 in Hindi
तब हिजकिरयाह और सारी प्रजा के लोग उस काम के कारण आनन्दित हुए, जो यहोवा ने अपनी प्रजा के लिये तैयार किया था; क्योंकि वह काम एकाएक हो गया था।
Tab hijakirayaah aur saaree prajaa ke log us kaam ke kaaran aanandit hue, jo yahovaa ne apanee prajaa ke liye taiyaar kiyaa thaa; kyonki vah kaam ekaaek ho gayaa thaa.
2 Chronicles 29:36 in English
- King James Version (KJV)
- And Hezekiah rejoiced, and all the people, that God had prepared the people: for the thing was [done] suddenly.
- World English Bible (WEB)
- Hezekiah and all the people rejoiced because of that which God had prepared for the people; for the thing was done suddenly.
- American Standard Version (ASV)
- And Hezekiah rejoiced, and all the people, because of that which God had prepared for the people: for the thing was done suddenly.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Hezekiah and all the people were full of joy, because God had made the people ready: for the thing was done suddenly.
- Darby Translation (DBY)
- And Hezekiah rejoiced, and all the people, that God had prepared the people; for the thing was done suddenly.
- Webster's Bible (WBS)
- And Hezekiah rejoiced, and all the people, that God had prepared the people: for the thing was [done] suddenly.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and rejoice doth Hezekiah and all the people, because of God's giving preparation to the people, for the thing hath been suddenly.
Read in context
- 34परन्तु याजक ऐसे थेड़े थे, कि वे सब होमबलि पशुओं की खालें न उतार सके, तब उनके भाई लेवीय उस समय तक उनकी सहायता करते रहे जब तक वह काम निपट न गया, और याजकों ने अपने को पवित्रा न किया; क्योंकि लेवीय अपने को पवित्रा करने के लिये पवित्रा याजकों से अधिक सीधे मन के थे।
- 35और फिर होमबलि पशु बहुत थे, और मेलबलि पशुओं की चब भी बहुत थी, और एक एक होमबलि के साथ अर्ध भी देना पड़ा। यों यहोवा के भवन में की उपासना ठीक की गई।
- 36तब हिजकिरयाह और सारी प्रजा के लोग उस काम के कारण आनन्दित हुए, जो यहोवा ने अपनी प्रजा के लिये तैयार किया था; क्योंकि वह काम एकाएक हो गया था।
Cross references
- Acts 2:41 प्रेरितों के काम 2:41सो जिन्हों ने उसका वचन ग्रहण किया उन्हों ने बपतिस्मा लिया; और उसी दिन तीन हजार मनुष्यों के लगभग उन में मिल गए।
- Psalm 10:17 भजन संहिता 10:17हे यहोवा, तू ने नम्र लोगों की अभिलाषा सुनी है; तू उनका मन तैयार करेगा, तू कान लगाकर सुनेगा
- Proverbs 16:1 नीतिवचन 16:1मन की युक्ति मनुष्य के वश में रहती है, परन्तु मुंह से कहना यहोवा की ओर से होता है।
- 1 Thessalonians 3:8–9 1 थिस्सलुनीकियों 3:8–9क्योंकि अब यदि तुम प्रभु में स्थिर रहो तो हम जीवित हैं। और जैसा आनन्द हमें तुम्हारे कारण अपने परमेश्वर के साम्हने है, उसके बदले तुम्हारे विषय में हम किस रीति से परमेश्वर का धन्यवाद करें?
- 1 Chronicles 29:9 1 इतिहास 29:9तब प्रजा के लोग आनन्दित हुए, क्योंकि हाकिमों ने प्रसन्न हो कर खरे मन और अपनी अपनी इच्छा से यहोवा के लिये भेंट दी थी; और दाऊद राजा बहुत ही आनन्दित हुआ।
- Ezra 6:22 एज्रा 6:22और अखमीरी रोटी का वर्व सात दिन तक आनन्द के साथ मनाते रहे; क्योंकि यहोवा ने उन्हें आनन्दित किया था, और अश्शूर के राजा का मन उनकी ओर ऐसा फेर दिया कि वह परमेश्वर अर्थात् इस्राएल के परमेश्वर के भवन के काम में उनकी सहायता करे।
- 1 Chronicles 29:17–18 1 इतिहास 29:17–18और हे मेरे परमेश्वर! मैं जानता हूँ कि तू मन को जांचता है और सिधाई से प्रसन्न रहता है; मैं ने तो यह सब कुछ मन की सिधाई और अपनी इच्छा से दिया है; और अब मैं ने आनन्द से देखा है, कि तेरी प्रजा के लोग जो यहां उपस्थित हैं, वह अपनी इच्छा से तेरे लिये भेंट देते हैं। हे यहोवा! हे हमारे पुरखा इब्राहीम, इसहाक और इस्राएल के परमेश्वर! अपनी प्रजा के मन के विचारों में यह बात बनाए रख और उनके मन अपनी ओर लगाए रख।
- 2 Chronicles 30:12 2 इतिहास 30:12और यहूदा में भी परमेश्वर की ऐसी शक्ति हुई, कि वे एक मन होकर, जो आज्ञा राजा और हाकिमों ने यहोवा के वचन के अनुसार दी थी, उसे मानने को तैयार हुए।