Proverbs · chapter 16 · verse 1
Proverbs 16:1 in Hindi
मन की युक्ति मनुष्य के वश में रहती है, परन्तु मुंह से कहना यहोवा की ओर से होता है।
Man kee yukti manushy ke vash mem rahatee hai, parantu munh se kahanaa yahovaa kee or se hotaa hai.
Proverbs 16:1 in English
- King James Version (KJV)
- The preparations of the heart in man, and the answer of the tongue, [is] from the LORD.
- World English Bible (WEB)
- The plans of the heart belong to man, but the answer of the tongue is from the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- The plans of the heart belong to man; But the answer of the tongue is from Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- The designs of the heart are man's, but the answer of the tongue comes from the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- The purposes of the heart are of man, but the answer of the tongue is from Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- The preparations of the heart in man, and the answer of the tongue, [are] from the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Of man [are] arrangements of the heart, And from Jehovah an answer of the tongue.
Read in context
- 1मन की युक्ति मनुष्य के वश में रहती है, परन्तु मुंह से कहना यहोवा की ओर से होता है।
- 2मनुष्य का सारा चालचलन अपनी दृष्टि में पवित्रा ठहरता है, परन्तु यहोवा मन को तौलता है।
- 3अपने कामों को यहोवा पर डाल दे, इस से तेरी कल्पनाएं सिद्ध होंगी।
Cross references
- Proverbs 19:21 नीतिवचन 19:21मनुष्य के मन में बहुत सी कल्पनाएं होती हैं, परन्तु जो युक्ति यहोवा करता है, वही स्थिर रहती है।
- Proverbs 16:9 नीतिवचन 16:9मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है।
- Luke 21:14–15 लूका 21:14–15इसलिये अपने अपने मन में ठान रखो कि हम पहिले से उत्तर देने की चिन्ता न करेंगे। क्योंकि मैं तुम्हें ऐसा बोल और बुद्धि दूंगा, कि तुम्हारे सब विरोधी साम्हना या खण्डन न कर सकेंगे।
- Philippians 2:13 फिलिप्पियों 2:13क्योंकि परमेश्वर ही है, जिस न अपनी सुइच्छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है।
- Proverbs 20:24 नीतिवचन 20:24मनुष्य का मार्ग यहोवा की ओर से ठहराया जाता है; आदमी क्योंकर अपना चलना समझ सके?
- Matthew 10:19–20 मत्ती 10:19–20जब वे तुम्हें पकड़वाएंगे तो यह चिन्ता न करता, कि हम किस रीति से; या क्या कहेंगे: क्योंकि जो कुछ तुम को कहना होगा, वह उसी घड़ी तुम्हें बता दिया जाएगा। क्योंकि बोलनेवाले तुम नहीं हो परन्तु तुम्हारे पिता का आत्मा तुम में बोलता है।
- Luke 12:11–12 लूका 12:11–12जब लोग तुम्हें सभाओं और हाकिमों और अधिकारियों के साम्हने ले जाएं, तो चिन्ता न करना कि हम किस रीति से या क्या उत्तर दें, या क्या कहें। क्योंकि पवित्रा आत्मा उसी घड़ी तुम्हें सिखा देगा, कि क्या कहना चाहिए।।
- Jeremiah 10:23 यिर्मयाह 10:23हे यहोवा, मैं जान गया हूँ, कि मनुष्य का मार्ग उसके वश में नहीं है, मनुष्य चलता तो हे, परन्तु उसके डग उसके अधीन नहीं हैं।
- Ezekiel 36:26–27 यहेजकेल 36:26–27मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकालकर तुम को मांस का हृदय दूंगा। और मैं अपना आत्मा तुम्हारे भीतर देकर ऐसा करूंगा कि तुम मेरी विधियों पर चलोगे और मेरे नियमों को मानकर उनके अनुसार करोगे।
- Proverbs 21:1 नीतिवचन 21:1राजा का मन नालियों के जल की नाई यहोवा के हाथ में रहता है, जिधर वह चाहता उधर उसको फेर देता है।
- Jeremiah 32:39–40 यिर्मयाह 32:39–40मैं उन को एक ही मन और एक ही चाल कर दूंगा कि वे सदा मेरा भय मानते रहें, जिस से उनका और उनके बाद उनके वंश का भी भला हो। मैं उन से यह वाचा बान्धूंगा, कि मैं कभी उनका संग छोड़ कर उनका भला करना न छोड़ूंगा; और अपना भय मैं उनके मन से ऐसा उपजाऊंगा कि वे कभी मुझ से अलग होना न चाहेंगे।
- Psalm 119:36 भजन संहिता 119:36मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे।