2 Chronicles · chapter 6 · verse 38
2 Chronicles 6:38 in Hindi
सो यदि वे अपनी बन्धुआई के देश में जहां वे उन्हें बन्धुआ कर के ले गए हों अपने पूरे मन और सारे जीव से तेरी ओर फिरें, और अपने इस देश की ओर जो तू ने उनके पुरखाओं को दिया था, और इस नगर की ओर जिसे तू ने चुना है, और इस भवन की ओर जिसे मैं ने तेरे नाम का बनाया है, मुंह किए हुए तुझ से प्रार्थना करें,
So yadi ve apanee bandhuaaee ke desh mem jahaam ve unhem bandhuaa kar ke le gae hom apane poore man aur saare jeev se teree or phirem, aur apane is desh kee or jo too ne unake purakhaaom ko diyaa thaa, aur is nagar kee or jise too ne chunaa hai, aur is bhavan kee or jise maim ne tere naam kaa banaayaa hai, munh kie hue tujh se praarthanaa karem,
2 Chronicles 6:38 in English
- King James Version (KJV)
- If they return to thee with all their heart and with all their soul in the land of their captivity, whither they have carried them captives, and pray toward their land, which thou gavest unto their fathers, and [toward] the city which thou hast chosen, and toward the house which I have built for thy name:
- World English Bible (WEB)
- if they return to you with all their heart and with all their soul in the land of their captivity, where they have been taken captive, and pray toward their land which you gave to their fathers, and the city which you have chosen, and toward the house which I have built for your name;
- American Standard Version (ASV)
- if they return unto thee with all their heart and with all their soul in the land of their captivity, whither they have carried them captive, and pray toward their land, which thou gavest unto their fathers, and the city which thou hast chosen, and toward the house which I have built for thy name:
- Bible in Basic English (BBE)
- If with all their heart and soul they are turned again to you, in the land where they are prisoners, the land where they have been taken, and make their prayers, turning their eyes to their land which you gave to their fathers, and to the town which you took for yourself, and the house which I have made for your name:
- Darby Translation (DBY)
- and if they return unto thee with all their heart and with all their soul in the land of their captivity, whither they have carried them captives, and pray toward their land which thou gavest unto their fathers, and the city that thou hast chosen, and the house that I have built unto thy name;
- Webster's Bible (WBS)
- If they return to thee with all their heart and with all their soul in the land of their captivity, whither they have carried them captives, and pray towards their land which thou gavest to their fathers, and [towards] the city which thou hast chosen, and towards the house which I have built for thy name:
- Young's Literal Translation (YLT)
- yea, they have turned back unto Thee with all their heart, and with all their soul, in the land of their captivity, whither they have taken them captive, and they have prayed the way of their land that Thou hast given to their fathers, and of the city that Thou hast chosen, and of the house that I have built for Thy name:
Read in context
- 36निष्पाप तो कोई मनुष्य नहीं है, यदि वे भी तेरे विरुद्ध पाप करें और तू उन पर कोप कर के उन्हें शत्रुओं के हाथ कर दे, और वे उन्हें बन्धुआ कर के किसी देश को, चाहे वह दूर हो, चाहे निकट, ले जाएं,
- 37तो यदि वे बन्धुआई के देश में सोच विचार करें, और फिर कर अपनी बन्धुआई करने वालों के देश में तुझ से गिड़गिड़ाकर कहें, कि हम ने पाप किया, और कुटिलता और दुष्टता की है;
- 38सो यदि वे अपनी बन्धुआई के देश में जहां वे उन्हें बन्धुआ कर के ले गए हों अपने पूरे मन और सारे जीव से तेरी ओर फिरें, और अपने इस देश की ओर जो तू ने उनके पुरखाओं को दिया था, और इस नगर की ओर जिसे तू ने चुना है, और इस भवन की ओर जिसे मैं ने तेरे नाम का बनाया है, मुंह किए हुए तुझ से प्रार्थना करें,
- 39तो तू अपने स्वगींय निवास स्थान में से उनकी प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट सुनना, और उनका न्याय करना और जो पाप तेरी प्रजा के लोग तेरे विरुद्ध करें, उन्हें क्षमा करना।
- 40और हे मेरे परमेश्वर! जो प्रार्थना इस स्थान में की जाए उसकी ओर अपनी आंखें खोले रह और अपने कान लगाए रख।
Cross references
- Joel 2:12–13 योएल 2:12–13तौभी यहोवा की यह वाणी है, अभी भी सुनो, उपवास के साथ रोते- पीटते अपने पूरे मन से फिरकर मेरे पास आओ। अपने वस्त्रा नहीं, अपने मन ही को फाड़कर अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो; क्योंकि वह अनुग्रहकारी, दयालु, विलम्ब से क्रोध करनेवाला, करूणानिधान और दु:ख देकर पछतानेहारा है।
- 2 Chronicles 33:11–13 2 इतिहास 33:11–13तब यहोवा ने उन पर अश्शूर के सेनापतियों से चढ़ाई कराई, और ये मनश्शे को नकेल डालकर, और पीतल की बेड़ियां जकड़कर, उसे बाबेल को ले गए। तब संकट में पड़कर वह अपने परमेश्वर यहोवा को मानने लगा, और अपने पूर्वजों के परमेश्वर के साम्हने बहुत दीन हुआ, और उस से प्रार्थना की। तब उस ने प्रसन्न होकर उसकी बिनती सुनी, और उसको यरूशलेम में पहुंचाकर उसका राज्य लौटा दिया। तब मनश्शे को निश्चय हो गया कि यहोवा ही परमेश्वर है।
- Daniel 9:3–4 दानिय्येल 9:3–4तब मैं अपना मुख परमेश्वर की ओर करके गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थना करने लगा, और उपवास कर, टाट पहिन, राख में बैठकर वरदान मांगने लगा। मैं ने अपने परमेश्वर यहोवा से इस प्रकार प्रार्थना की और पाप का अंगीकार किया, हे प्रभु, तू महान और भययोग्य परमेश्वर है, जो अपने प्रेम रखने और आज्ञा माननेवालों के साथ अपनी वाचा को पूरा करता और करूणा करता रहता है,
- Hosea 14:1–4 होशे 14:1–4हे इस्राएल, अपने परमेश्वर यहोवा के पास लौट आ, क्योंकि तू ने अपने अधर्म के कारण ठोकर खाई है। बातें सीखकर और यहोवा की ओर फिरकर, उस से कह, सब अधर्म दूर कर; अनुग्रह से हम को ग्रहण कर; तब हम धन्यवाद रूपी बलि चढ़ाएंगे। अश्शूर हमारा उद्धार न करेगा, हम घोड़ों पर सवार न होंगे; और न हम फिर अपनी बनाई हुई वस्तुओं से कहेंगे, तुम हमारे ईश्वर हो; क्योंकि अनाथ पर तू ही दया करता है।। मैं उनकी भटक जाने की आदत को दूर करूंगा; मैं सेंतमेंत उन से प्रेम करूंगा, क्योंकि मेरा क्रोध उन पर से उतर गया है।
- Deuteronomy 30:2–6 व्यवस्थाविवरण 30:2–6और अपनी सन्तान सहित अपने सारे मन और सारे प्राण से अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरकर उसके पास लौट आए, और इन सब आज्ञाओं के अनुसार जो मैं आज तुझे सुनाता हूं उसकी बातें माने; तब तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को बन्धुआई से लौटा ले आएगा, और तुझ पर दया करके उन सब देशों के लोगों में से जिनके मध्य में वह तुझ को तित्तर बित्तर कर देगा फिर इकट्ठा करेगा। चाहे धरती के छोर तक तेरा बरबस पहुंचाया जाना हो, तौभी तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को वहां से ले आकर इकट्ठा करेगा। और तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे उसी देश में पहुंचाएगा जिसके तेरे पुरखा अधिकारी हुए थे, और तू फिर उसका अधिकारी होगा; और वह तेरी भलाई करेगा, और तुझ को तेरे पुरखाओं से भी गिनती में अधिक बढ़ाएगा। और तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे और तेरे वंश के मन का खतना करेगा, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा से अपने सारे मन और सारे प्राण के साथ प्रेम करे, जिस से तू जीवित रहे।
- Daniel 6:10 दानिय्येल 6:10जब दानिरयेल को मालूम हुआ कि उस पत्रा पर हस्ताक्षर किया गया है, तब वह अपने घर में गया जिसकी उपरौठी कोठरी की खिड़कियां यरूशलेम के सामने खुली रहती थीं, और अपनी रीति के अनुसार जैसा वह दिन में तीन बार अपने परमेश्वर के साम्हने घुटने टेककर प्रार्थना और धन्यवाद करता था, वैसा ही तब भी करता रहा।
- Jeremiah 29:12–14 यिर्मयाह 29:12–14तब उस समय तुम मुझ को पुकारोगे और आकर मुझ से प्रार्थना करोगे और मैं तुम्हारी सुनूंगा। तुम मुझे ढूंढ़ोगे और पाओगे भी; क्योंकि तुम अपने सम्पूर्ण मन से मेरे पास आओगे। मैं तुम्हें मिलूंगा, यहोवा की यह वाणी है, और बंधुआई से लौटा ले आऊंगा; और तुम को उन सब जातियों और स्थानों में से जिन में मैं ने तुम को बरबस निकाल दिया है, और तुम्हें इकट्ठा करके इस स्थान में लौटा ले आऊंगा जहां से मैं ने तुम्हें बंधुआ करवाके निकाल दिया था, यहोवा की यही वाणी है।
- 2 Chronicles 6:34 2 इतिहास 6:34जब तेरी प्रजा के लोग जहां कहीं तू उन्हें भेजे वहां अपने शत्रुओं से लड़ाई करने को निकल जाएं, और इस नगर की ओर जिसे तू ने चुना है, और इस भवन की ओर जिसे मैं ने तेरे नाम का बनाया है, मुंह किए हुए तुझ से प्रार्थना करें,
Original words (Hebrew)
- return · H7725שׁוּב shûwb
- heart · H3820לֵב lêb
- soul · H5315נֶפֶשׁ nephesh
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- captivity · H7628שְׁבִי shᵉbîy
- captives · H7617שָׁבָה shâbâh
- pray · H6419פָּלַל pâlal
- toward · H1870דֶּרֶךְ derek
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- gavest · H5414נָתַן nâthan
- fathers · H1אָב ʼâb
- city · H5892עִיר ʻîyr
- chosen · H977בָּחַר bâchar
- house · H1004בַּיִת bayith
- built · H1129בָּנָה bânâh
- name · H8034שֵׁם shêm