2 Chronicles · chapter 7 · verse 11
2 Chronicles 7:11 in Hindi
यों सुलैमान यहोवा के भवन और राजभवन को बना चुका, और यहोवा के भवन में और अपने भवन में जो कुछ उस ने बनाना चाहा, उस में उसका मनोरथ पूरा हुआ।
Yom sulaimaan yahovaa ke bhavan aur raajabhavan ko banaa chukaa, aur yahovaa ke bhavan mem aur apane bhavan mem jo kuchh us ne banaanaa chaahaa, us mem usakaa manorath pooraa huaa.
2 Chronicles 7:11 in English
- King James Version (KJV)
- Thus Solomon finished the house of the LORD, and the king’s house: and all that came into Solomon’s heart to make in the house of the LORD, and in his own house, he prosperously effected.
- World English Bible (WEB)
- Thus Solomon finished the LORD’s house and the king’s house; and he successfully completed all that came into Solomon’s heart to make in the LORD’s house and in his own house.
- American Standard Version (ASV)
- Thus Solomon finished the house of Jehovah, and the king’s house: and all that came into Solomon’s heart to make in the house of Jehovah, and in his own house, he prosperously effected.
- Bible in Basic English (BBE)
- So Solomon came to the end of building the house of the Lord and the king's house; and everything which it was in his mind to make in the house of the Lord and for himself had been well done.
- Darby Translation (DBY)
- And Solomon completed the house of Jehovah, and the king's house; and all that came into Solomon's heart to make in the house of Jehovah, and in his own house, he did prosperously.
- Webster's Bible (WBS)
- Thus Solomon finished the house of the LORD, and the king's house: and all that came into Solomon's heart to make in the house of the LORD, and in his own house, he prosperously effected.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Solomon finisheth the house of Jehovah, and the house of the king; and all that hath come on the heart of Solomon to do in the house of Jehovah, and in his own house, he hath caused to prosper.
Read in context
- 9और आठवें दिन को उन्हों ने महासभा की, उन्हों ने वेदी की प्रतिष्ठा सात दिन की; और पव को भी सात दिन माना।
- 10निदान सातवें महीने के तेइसवें दिन को उस ने प्रजा के लोगों को विदा किया, कि वे अपने अपने डेरे को जाएं, और वे उस भलाई के कारण जो यहोवा ने दाऊद और सुलैमान और अपनी प्रजा इस्राएल पर की थी आनन्दित थे।
- 11यों सुलैमान यहोवा के भवन और राजभवन को बना चुका, और यहोवा के भवन में और अपने भवन में जो कुछ उस ने बनाना चाहा, उस में उसका मनोरथ पूरा हुआ।
- 12तब यहोवा ने रात में उसको दर्शन देकर उस से कहा, मैं ने तेरी प्रार्थाना सुनी और इस स्थान को यज्ञ के भवन के लिये अपनाया है।
- 13यदि मैं आकाश को ऐसा बन्द करूं, कि वर्षा न हो, वा टिडियों को देश उजाड़ने की आज्ञा दूं, वा अपनी प्रजा में मरी फैलाऊं,
Cross references
- 1 Kings 9:1–9 1 राजा 9:1–9जब सुलैमान यहोवा के भवन और राजभवन को बना चुका, और जो कुछ उस ने करना चाहा था, उसे कर चुका, तब यहोवा ने जैसे गिबोन में उसको दर्शन दिया था, वैसे ही दूसरी बार भी उसे दर्शन दिया। और यहोवा ने उस से कहा, जो प्रार्थना गिड़गिड़ाहट के साथ तू ने मुझ से की है, उसको मैं ने सुना है, यह जो भवन तू ने बनाया है, उस में मैं ने अपना नाम सदा के लिये रखकर उसे पवित्रा किया है; और मेरी आंखें और मेरा मन नित्य वहीं लगे रहेंगे। और यादे तू अपने पिता दाऊद की नाई मन की खराई और सिधाई से अपने को मेरे साम्हने जानकर चलता रहे, और मेरी सब अपज्ञाओं के अनुसार किया करे, और मेरी विधियों और नियमों को मानता रहे, तो मैं तेरा राज्य इस्राएल के ऊपर सदा के लिये स्थ्रि करूंगा; जैसे कि मैं ने तेरे पिता दाऊद को वचन दिया था, कि तेरे कुल में इस्राएल की गद्दी पर विराजनेवाले सदा बने रहेंगे। परन्तु यदि तुम लोग वा तुम्हारे वंश के लोग मेरे पीछे चलना छोड़ दें; और मेरी उन आज्ञाओं और विधियों को जो मैं ने तुम को दी हैं, न मानें, और जाकर पराये देवताओं की उपासना करे और उन्हें दणडवत करने लगें, तो मैं इस्राएल को इस देश में से जो मैं ने उनको दिया है, काट डालूंगा और इस भवन को जो मैं ने अपने नाम के लिये पवित्रा किया है, अपनी दृष्टि से उतार दूंगा; और सब देशों के लोगों में इस्राएल की उपमा दी जायेगी और उसका दृष्टान्त चलेगा। और यह भवन जो ऊंचे पर रहेगा, तो जो कोई इसके पास होकर चलेगा, वह चकित होगा, और ताली बजाएगा और वे पूछेंगे, कि यहोवा ने इस देश और इस भवन के साथ क्यों ऐसा किया है; तब लोग कहेंगे, कि उन्हों ने अपने परमेश्वर यहोवा को जो उनके पुरखाओं को मिस्र देश से निकाल लाया था। तजकर पराये देवताओं को पकड़ लिया, और उनको दणडवत की और उनकी उपासना की इस कारण यहोवा ने यह सब विपत्ति उन पर डाल दी।
- 2 Chronicles 2:1 2 इतिहास 2:1और सुलैमान ने यहोवा के नाम का एक भवन और अपना राजभवन बनाने का विचार किया।
- Ecclesiastes 2:10–11 सभोपदेशक 2:10–11और जितनी वस्तुओं के देखने की मैं ने लालसा की, उन सभों को देखने से मैं न रूका; मैं ने अपना मन किसी प्रकार का आनन्द भोगने से न रोका क्योंकि मेरा मन मेरे सब परिश्रम के कारण आनन्दित हुआ; और मेरे सब परिश्रम से मुझे यही भाग मिला। तब मैं ने फिर से अपने हाथों के सब कामों को, और अपने सब परिश्रम को देखा, तो क्या देखा कि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है, और संसार में कोई लाभ नहीं।।
- Ecclesiastes 2:4 सभोपदेशक 2:4मैं ने बड़े बड़े काम किए; मैं ने अपने लिये घर बनवा लिए और अपने लिये दाख की बारियां लगवाई;
Original words (Hebrew)
- Solomon · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh
- finished · H3615כָּלָה kâlâh
- house · H1004בַּיִת bayith
- king’s · H4428מֶלֶךְ melek
- house · H1004בַּיִת bayith
- came · H935בּוֹא bôwʼ
- Solomon’s · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh
- heart · H3820לֵב lêb
- make · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- house · H1004בַּיִת bayith
- house · H1004בַּיִת bayith
- effected · H6743צָלַח tsâlach