2 Corinthians · chapter 10 · verse 2
2 Corinthians 10:2 in Hindi
मैं यह बिनती करता हूं, कि तुम्हारे साम्हने मुझे निर्भय होकर साहस करना न पड़े; जैसा मैं कितनों पर जो हम को शरीर के अनुसार चलनेवाले समझते हैं, वीरता दिखाने का विचार करता हूं।
Maim yah binatee karataa hoom, ki tumhaare saamhane mujhe nirbhay hokar saahas karanaa na pade; jaisaa maim kitanom par jo ham ko shareer ke anusaar chalanevaale samajhate haim, veerataa dikhaane kaa vichaar karataa hoon.
2 Corinthians 10:2 in English
- King James Version (KJV)
- But I beseech [you], that I may not be bold when I am present with that confidence, wherewith I think to be bold against some, which think of us as if we walked according to the flesh.
- World English Bible (WEB)
- Yes, I beg you that I may not, when present, show courage with the confidence with which I intend to be bold against some, who consider us to be walking according to the flesh.
- American Standard Version (ASV)
- yea, I beseech you, that I may not when present show courage with the confidence wherewith I count to be bold against some, who count of us as if we walked according to the flesh.
- Bible in Basic English (BBE)
- Yes, I make my request to you, so that when I am with you I may not have to make use of the authority which may be needed against some to whom we seem to be walking after the flesh.
- Darby Translation (DBY)
- but I beseech that present I may not be bold with the confidence with which I think to be daring towards some who think of us as walking according to flesh.
- Webster's Bible (WBS)
- But I beseech [you] , that I may not be bold when I am present with that confidence, with which I think to be bold against some, who think of us as if we walked according to the flesh.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and I beseech [you], that, being present, I may not have courage, with the confidence with which I reckon to be bold against certain reckoning us as walking according to the flesh;
Read in context
- 1मैं वही पौलुस जो तुम्हारे साम्हने दीन हूं, परन्तु पीठ पीछे तुम्हारी ओर साहस करता हूं; तुम को मसीह की नम्रता, और कोमलता के कारण समझाता हूं।
- 2मैं यह बिनती करता हूं, कि तुम्हारे साम्हने मुझे निर्भय होकर साहस करना न पड़े; जैसा मैं कितनों पर जो हम को शरीर के अनुसार चलनेवाले समझते हैं, वीरता दिखाने का विचार करता हूं।
- 3क्योंकि यद्यपि हम शरीर में चलते फिरते हैं, तौभी शरीर के अनुसार नहीं लड़ते।
- 4क्योंकि हमारी लड़ाई के हथियार शारीरिक नहीं, पर गढ़ों को ढा देने के लिये परमेश्वर के द्वारा सामर्थी हैं।
Cross references
- 2 Corinthians 13:10 2 कुरिन्थियों 13:10इस कारण मैं तुम्हारे पीठ पीछे ये बातें लिखता हूं, कि उपस्थित होकर मुझे उस अधिकार के अनुसार जिसे प्रभु ने बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये मुझे दिया है, कढ़ाई से कुछ करना न पडे।।
- 2 Corinthians 13:2 2 कुरिन्थियों 13:2जैसे जब दूसरी बार तुम्हारे साथ था, सो वैसे ही अब दूर रहते हुए उन लोगों से जिन्हों ने पहिले पाप किया, और और सब लोगों से अब पहिले से कहे देता हूं, कि यदि मैं फिर आऊंगा, तो नहीं छोडूंगा।
- Galatians 5:16–25 गलातियों 5:16–25पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे। क्योंकि शरीर आत्मा के विरोध में लालसा करती है, और ये एक दूसरे के विरोधी हैं; इसलिये कि जो तुम करना चाहते हो वह न करने पाओ। और यदि तुम आत्मा के चलाए चलते हो तो व्यवस्था के आधीन न रहे। शरीर के काम तो प्रगट हैं, अर्थात् व्यभिचार, गन्दे काम, लुचपन। मूत्ति पूजा, टोना, बैर, झगड़ा, ईर्ष्या, क्रोध, विरोध, फूट, विधर्म। डाह, मलवालापन, लीलाक्रीड़ा, और इन के ऐसे और और काम हैं, इन के विषय में मैं तुम को पहिले से कह देता हूं जैसा पहिले कह भी चुका हूं, कि ऐसे ऐसे काम करनेवाले परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे। पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, और कृपा, भालाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई व्यवस्था नहीं। और जो मसीह यीशु के हैं, उन्हों ने शरीर को उस की लालसाओं और अभिलाषों समेत क्रूस पर चढ़ा दिया है।। यदि हम आत्मा के द्वारा जीवित हैं, तो आत्मा के अनुसार चलें भी।
- Ephesians 2:2–3 इफिसियों 2:2–3जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात् उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न माननेवालों में कारर्य करता है। इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
- 1 Corinthians 4:18–21 1 कुरिन्थियों 4:18–21कितने तो उसे फूल गए हैं, मानों मैं तुम्हारे पास आने ही का नहीं। ुपरन्तु प्रभु चाहे तो मैं तुम्हारे पास शीघ्र ही आऊंगा, और उन फूले हुओं की बातों को नहीं, परन्तु उन की सामर्थ को जान लूंगा। क्योंकि परमशॆवर का राज्य बातों में नहीं, परन्तु सामर्थ में है। तुम क्या चाहते हो? क्या मैं छड़ी लेकर तुम्हारे पास आऊं या प्रेम और नम्रता की आत्मा के साथ?
- 2 Corinthians 12:13–20 2 कुरिन्थियों 12:13–20तुम कोैन सी बात में और कलीसियों से कम थे, केवल इस में कि मैं ने तुम पर अपना भार न रखा: मेरा यह अन्याय क्षमा करो। देखो, मैं तीसरी बार तुम्हारे पास आने को तैयार हूं, और मैं तुम पर कोई भार न रखूंगा; क्योंकि मैं तुम्हारी सम्पत्ति नहीं, बरन तुम ही को चाहता हूं: क्योंकि लड़के- बालों को माता- पिता के लिये धन बटोरना न चाहिए, पर माता- पिता को लड़के- बालों के लिये। मैं तुम्हारी आत्माओं के लिये बहुत आनन्द से खर्च करूंगा, बरन आप भी खर्च हो जाऊंगा: क्या जितना बढ़कर मैं तुम से प्रेम रखता हूं, उतना ही घटकर तुम मुझ से प्रेम रखोगे? ऐसा हो सकता है, कि मैं ने तुम पर बोझ नहीं डाला, परन्तु चतुराई से तुम्हें धोखा देकर फंसा लिया। भला, जिन्हें मैं ने तुम्हारे पास भेजा, क्या उन में से किसी के द्वारा मैं ने छल करके तुम से कुछ ले लिया? मै ने तितुस को समझाकर उसके साथ उस भाई को भेजा, तो क्या तीतुस ने छल करके तुम से कुछ लिया? क्या हम एक ही आत्मा के चलाए न चले? क्या एक ही लीक पर न चले? तुम अभी तक समझ रहे होगे कि हम तुम्हारे सामने प्रत्युत्तर दे रहे हैं, हम तो परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं, और हे प्रियों, सब बातें तुम्हारी उन्नति ही के लिये कहते हैं। क्योंकि मुझे डर है, कहीं ऐसा न हो, कि मैं आकर जैसे चाहता हूं, वैसे तुम्हें न पाऊं; और मुझे भी जैसा तुम नहीं चाहते वैसा ही पाओ, कि तुम में झगड़ा, डाह, क्रोध, विराध, ईर्ष्या, चुगली, अभिमान और बखेड़े हों।
- 2 Corinthians 11:9–13 2 कुरिन्थियों 11:9–13ओर जब तुम्हारे साथ था, और मुझे घटी हुई, तो मैं ने किसी पर भार नहीं दिया, क्योंकि भाइयों ने, मकिदुनिया से आकर मेरी घटी को परी की: और मैं ने हर बात में अपने आप को तुम पर भार होने से रोका, और रोके रहूंगा। यदि मसीह की सच्चाई मुझ में है, तो अखया देश में कोई मुझे इस घमण्ड से न रोकेगा। किस लिये? क्या इसलिये कि मैं तुम से प्रेम नहीं रखता? परमेश्वर यह जानता है। परन्तु जो मैं करता हूं, वही करता रहूंगा; कि जो लोग दांव ढूंढ़ते हैं, उन्हें मैं दांव पाने दूं, ताकि जिस बात में वे घमण्ड करते हैं, उस में वे हमारे ही समान ठहरें। क्योंकि ऐसे लोग झूठे प्रेरित, और छल से काम करनेवाले, और मसीह के प्रेरितों का रूप धरनेवाले हैं।
- Romans 8:5 रोमियों 8:5क्योंकि शरीरिक व्यक्ति शरीर की बातों पर मन लगाते हैं; परन्तु आध्यात्मिक आत्मा की बातों पर मन लगाते हैं।
- Romans 8:1 रोमियों 8:1सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं बरन आत्मा के अनुसार चलते हैं।
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- beseech · G1189δέομαι déomai
- may · G2292θαῤῥέω tharrhéō
- not · G3361μή mḗ
- bold · G2292θαῤῥέω tharrhéō
- present · G3918πάρειμι páreimi
- confidence · G4006πεποίθησις pepoíthēsis
- think · G3049λογίζομαι logízomai
- bold · G5111τολμάω tolmáō
- against · G1909ἐπί epí
- some · G5100τὶς tìs
- which · G3739ὅς hós
- think · G3049λογίζομαι logízomai
- us · G2248ἡμᾶς hēmâs
- if · G5613ὡς hōs
- walked · G4043περιπατέω peripatéō
- to · G2596κατά katá
- flesh · G4561σάρξ sárx