2 Corinthians · chapter 7 · verse 9
2 Corinthians 7:9 in Hindi
अब मैं आनन्दित हूं पर इसलिये नहीं कि तुम को शोक पहुंचा बरन इसलिये कि तुम ने उस शोक के कारण मन फिराया, क्योंकि तुम्हारा शोक परमेश्वर की इच्छा के अनुसार था, कि हमारी ओर से तुम्हें किसी बात में हानि न पहुंचे।
Ab maim aanandit hoom par isaliye naheem ki tum ko shok pahunchaa baran isaliye ki tum ne us shok ke kaaran man phiraayaa, kyonki tumhaaraa shok parameshvar kee ichchhaa ke anusaar thaa, ki hamaaree or se tumhem kisee baat mem haani na pahunche.
2 Corinthians 7:9 in English
- King James Version (KJV)
- Now I rejoice, not that ye were made sorry, but that ye sorrowed to repentance: for ye were made sorry after a godly manner, that ye might receive damage by us in nothing.
- World English Bible (WEB)
- I now rejoice, not that you were grieved, but that you were grieved to repentance. For you were grieved in a godly way, that you might suffer loss by us in nothing.
- American Standard Version (ASV)
- I now rejoice, not that ye were made sorry, but that ye were made sorry unto repentance; for ye were made sorry after a godly sort, that ye might suffer loss by us in nothing.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now I am glad, not that you had sorrow, but that your sorrow was the cause of a change of heart; for yours was a holy sorrow so that you might undergo no loss by us in anything.
- Darby Translation (DBY)
- Now I rejoice, not that ye have been grieved, but that ye have been grieved to repentance; for ye have been grieved according to God, that in nothing ye might be injured by us.
- Webster's Bible (WBS)
- Now I rejoice, not that ye were made sorry, but that ye sorrowed to repentance: for ye were made sorry after a godly manner, that ye might receive damage by us in nothing.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I now do rejoice, not that ye were made sorry, but that ye were made sorry to reformation, for ye were made sorry toward God, that in nothing ye might receive damage from us;
Read in context
- 7और न केवल उसके आने से परन्तु उस की उस शान्ति से भी, जो उस को तुम्हारी ओर से मिली थी; और उस ने तुम्हारी लालसा, और तुम्हारे दुख ओर मेरे लिये तुम्हारी धुन का समाचार हमें सुनाया, जिस से मुझे और भी आनन्द हुआ।
- 8क्योकि यद्यपि मैं ने अपनी पत्री से तुम्हें शोकित किया, परन्तु उस से पछताता नहीं जैसा कि पहिले पछताता था क्योंकि मैं देखता हूं, कि उस पत्री से तुम्हें शोक तो हुआ परन्तु वह थोड़ी देर के लिये था।
- 9अब मैं आनन्दित हूं पर इसलिये नहीं कि तुम को शोक पहुंचा बरन इसलिये कि तुम ने उस शोक के कारण मन फिराया, क्योंकि तुम्हारा शोक परमेश्वर की इच्छा के अनुसार था, कि हमारी ओर से तुम्हें किसी बात में हानि न पहुंचे।
- 10क्योंकि परमेश्वर- भक्ति का शोक ऐसा पश्चाताप उत्पन्न करता है जिस का परिणाम उद्धार है और फिर उस से पछताना नहीं पड़ता: परन्तु संसारी शोक मृत्यु उत्पन्न करता है।
- 11सो देखो, इसी बात से कि तुम्हेें परमेश्वर- भक्ति का शोक हुआ तुम में कितनी उत्तेजना और प्रत्यत्तर और रिस, और भय, और लालसा, और धुन और पलआ लेने का विचार उत्पन्न हुआ? तुम ने सब प्रकार से यह सिद्ध कर दिखाया, कि तुम इस बात में निर्दोष हो।
Cross references
- Luke 15:7 लूका 15:7मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिरानेवाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं॥
- Jeremiah 31:18–20 यिर्मयाह 31:18–20निश्चय मैं ने एप्रैम को ये बातें कह कर विलाप करते सुना है कि तू ने मेरी ताड़ना की, और मेरी ताड़ना ऐसे बछड़े की सी हुई जो निकाला न गया हो; परन्तु अब तू मुझे फेर, तब मैं फिरूंगा, क्योंकि तू मेरा परमेश्वर है। भटक जाने के बाद मैं पछताया: और सिखाए जाने के बाद मैं ने छाती पीटी: पुराने पापों को स्मरण कर मैं लज्जित हुआ और मेरा मुंह काला हो गया। क्या एप्रैम मेरा प्रिय पुत्र नहीं है? क्या वह मेरा दुलारा लड़का नहीं है? जब जब मैं उसके विरुद्ध बातें करता हूं, तब तब मुझे उसका स्मरण हो आता है। इसलिये मेरा मन उसके कारण भर आता है; और मैं निश्चय उस पर दया करूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
- Psalm 38:18 भजन संहिता 38:18इसलिये कि मैं तो अपने अधर्म को प्रगट करूंगा, और अपने पाप के कारण खेदित रहूंगा।
- 2 Corinthians 13:8–10 2 कुरिन्थियों 13:8–10क्योंकि हम सत्य के विरोध में कुछ नहीं कर सकते, पर सत्य के लिये कर सकते हैं। जब हम निर्बल हैं, और तुम बलवन्त हो, तो हम आनन्दित होते हैं, और यह प्रार्थना भी करते हैं, कि तुम सिद्ध हो जाओ। इस कारण मैं तुम्हारे पीठ पीछे ये बातें लिखता हूं, कि उपस्थित होकर मुझे उस अधिकार के अनुसार जिसे प्रभु ने बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये मुझे दिया है, कढ़ाई से कुछ करना न पडे।।
- Ecclesiastes 7:3 सभोपदेशक 7:3हंसी से खेद उत्तम है, क्योंकि मुंह पर के शोक से मन सुधरता है।
- 2 Corinthians 7:10–11 2 कुरिन्थियों 7:10–11क्योंकि परमेश्वर- भक्ति का शोक ऐसा पश्चाताप उत्पन्न करता है जिस का परिणाम उद्धार है और फिर उस से पछताना नहीं पड़ता: परन्तु संसारी शोक मृत्यु उत्पन्न करता है। सो देखो, इसी बात से कि तुम्हेें परमेश्वर- भक्ति का शोक हुआ तुम में कितनी उत्तेजना और प्रत्यत्तर और रिस, और भय, और लालसा, और धुन और पलआ लेने का विचार उत्पन्न हुआ? तुम ने सब प्रकार से यह सिद्ध कर दिखाया, कि तुम इस बात में निर्दोष हो।
- Zechariah 12:10 जकर्याह 12:10और मैं दाऊद के घराने और यरूशलेम के निवासियों पर अपना अनुग्रह करनेवाली और प्रार्थना सिखानेवाली आत्मा उण्डेलूंगा, तब वे मुझे ताकेंगे अर्थात् जिसे उन्हों ने बेधा है, और उसके लिये ऐसे रोएंगे जैसे एकलौते पुत्रा के लिये रोते- पीटते हैं, और ऐसा भारी शोक करेंगे, जैसा पहिलौठे के लिये करते हैं।
- 2 Corinthians 10:8–10 2 कुरिन्थियों 10:8–10क्योंकि यदि मैं उस अधिकार के विषय में और भी घमण्ड दिखाऊं, जो प्रभु ने तुम्हारे बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये हमें दिया है, तो लज्जित न हूंगा। यह मैं इसलिये कहता हूं, कि पत्रियों के द्वारा तुम्हें डरानेवाला न ठहरूं। क्योंकि कहते हें, कि उस की पत्रियां तो गम्भीर और प्रभावशाली हैं; परन्तु जब देखते हैं, तो वह देह का निर्बल और वक्तव्य में हल्का जान पड़ता है।
- Acts 20:21 प्रेरितों के काम 20:21बरन यहूदियों और यूनानियों के साम्हने गवाही देता रहा, कि परमेश्वर की ओर मन फिराना, और हमारे प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करना चाहिए।
- Luke 15:17–24 लूका 15:17–24जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं। मैं अब उठकर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है। अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर की नाईं रख ले। तब वह उठकर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा। पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं। परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; फट अच्छे से अच्छा वस्त्र निकालकर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ। और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनावें। क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है: खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।
- 2 Corinthians 1:12 2 कुरिन्थियों 1:12क्योंकि हम अपने विवेक की इस गवाही पर घमण्ड करते हैं, कि जगत में और विशेष करके तुम्हारे बीच हमारा चरित्रा परमेश्वर के योग्य ऐसी पवित्राता और सच्चाई सहित था, जो शारीरिक ज्ञान से नहीं, परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह के साथ था।
- Luke 15:10 लूका 15:10मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में परमेश्वर के स्वर्गदूतों के साम्हने आनन्द होता है॥
Original words (Greek)
- Now · G3568νῦν nŷn
- rejoice · G5463χαίρω chaírō
- not · G3756οὐ ou
- that · G3754ὅτι hóti
- sorry · G3076λυπέω lypéō
- but · G235ἀλλά allá
- that · G3754ὅτι hóti
- sorrowed · G3076λυπέω lypéō
- to · G1519εἰς eis
- repentance · G3341μετάνοια metánoia
- for · G1063γάρ gár
- sorry · G3076λυπέω lypéō
- after · G2596κατά katá
- manner · G2316θεός theós
- that · G2443ἵνα hína
- damage · G2210ζημιόω zēmióō
- by · G1537ἐκ ek
- us · G2257ἡμῶν hēmōn
- in · G1722ἐν en
- nothing · G3367μηδείς mēdeís