Ecclesiastes · chapter 7 · verse 3
Ecclesiastes 7:3 in Hindi
हंसी से खेद उत्तम है, क्योंकि मुंह पर के शोक से मन सुधरता है।
Hansee se khed uttam hai, kyonki munh par ke shok se man sudharataa hai.
Ecclesiastes 7:3 in English
- King James Version (KJV)
- Sorrow [is] better than laughter: for by the sadness of the countenance the heart is made better.
- World English Bible (WEB)
- Sorrow is better than laughter; for by the sadness of the face the heart is made good.
- American Standard Version (ASV)
- Sorrow is better than laughter; for by the sadness of the countenance the heart is made glad.
- Bible in Basic English (BBE)
- Sorrow is better than joy; when the face is sad the mind gets better.
- Darby Translation (DBY)
- Vexation is better than laughter; for by the sadness of the countenance the heart is made better.
- Webster's Bible (WBS)
- Sorrow [is] better than laughter: for by the sadness of the countenance the heart is made better.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Better [is] sorrow than laughter, For by the sadness of the face the heart becometh better.
Read in context
- 1अच्छा नाम अनमोल इत्रा से और मृत्यु का दिन जन्म के दिन से उत्तम है।
- 2जेवनार के घर जाने से शोक ही के घर जाना उत्तम है; क्योंकि सब मनुष्यों का अन्त यही है, और जो जीवित है वह मन लगाकर इस पर सोचेगा।
- 3हंसी से खेद उत्तम है, क्योंकि मुंह पर के शोक से मन सुधरता है।
- 4बुद्धिमानों का मन शोक करनेवालों के घर की ओर लगा रहता है परन्तु मूर्खों का मन आनन्द करनेवालों के घर लगा रहता है।
- 5मूर्खों के गीत सुनने से बुद्धिमान की घुड़की सुनना उत्तम है।
Cross references
- 2 Corinthians 7:9–11 2 कुरिन्थियों 7:9–11अब मैं आनन्दित हूं पर इसलिये नहीं कि तुम को शोक पहुंचा बरन इसलिये कि तुम ने उस शोक के कारण मन फिराया, क्योंकि तुम्हारा शोक परमेश्वर की इच्छा के अनुसार था, कि हमारी ओर से तुम्हें किसी बात में हानि न पहुंचे। क्योंकि परमेश्वर- भक्ति का शोक ऐसा पश्चाताप उत्पन्न करता है जिस का परिणाम उद्धार है और फिर उस से पछताना नहीं पड़ता: परन्तु संसारी शोक मृत्यु उत्पन्न करता है। सो देखो, इसी बात से कि तुम्हेें परमेश्वर- भक्ति का शोक हुआ तुम में कितनी उत्तेजना और प्रत्यत्तर और रिस, और भय, और लालसा, और धुन और पलआ लेने का विचार उत्पन्न हुआ? तुम ने सब प्रकार से यह सिद्ध कर दिखाया, कि तुम इस बात में निर्दोष हो।
- Romans 5:3–4 रोमियों 5:3–4केवल यही नहीं, बरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है।
- James 4:8–10 याकूब 4:8–10परमेश्वर के निकट आओ, तो वह भी तुम्हारे निकट आएगा: हे पापियों, अपने हाथ शुद्ध करो; और हे दुचित्ते लोगों अपने हृदय को पवित्रा करो। दुखी होओ, और शोक करा, और रोओ: तुम्हारी हंसी शोक से और तुम्हारा आनन्द उदासी से बदल जाए। प्रभु के साम्हने दीन बनो, तो वह तुम्हें शिरोमणि बनाएगा।
- John 16:20–22 यूहन्ना 16:20–22मैं तुम से सच सच कहता हूं; कि तुम रोओगे और विलाप करोगे, परन्तु संसार आनन्द करेगा: तुम्हें शोक होगा, परन्तु तुम्हारा शोक आनन्द बन जाएगा। जब स्त्री जनने लगती है तो उस को शोक होता है, क्योंकि उस की दु:ख की घड़ी आ पहुंची, परन्तु जब वह बालक जन्म चुकी तो इस आनन्द से कि जगत में एक मनुष्य उत्पन्न हुआ, उस संकट को फिर स्मरण नहीं करती। और तुम्हें भी अब तो शोक है, परन्तु मैं तुम से फिर मिलूंगा और तुम्हारे मन में आनन्द होगा; और तुम्हारा आनन्द कोई तुम से छीन न लेगा।
- Hebrews 12:10–11 इब्रानियों 12:10–11वे तो अपनी अपनी समझ के अनुसार थोड़े दिनों के लिये ताड़ना करते थे, पर यह तो हमारे लाभ के लिये करता है, कि हम भी उस की पवित्राता के भागी हो जाएं। और वर्तमान में हर प्रकार की ताड़ना आनन्द की नहीं, पर शोक ही की बात दिखाई पड़ती है, तौभी जो उस को सहते सहते पक्के हो गए हैं, पीछे उन्हें चैन के साथ धर्म का प्रतिफल मिलता है।
- 2 Corinthians 4:17 2 कुरिन्थियों 4:17क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त जीवन महिमा उत्पन्न करता जाता है।
- Jeremiah 31:15–20 यिर्मयाह 31:15–20यहोवा यह भी कहता है: सुन, रामा नगर में विलाप और बिलक बिलककर रोने का शब्द सुनने में आता है। राहेल अपने लड़कों के लिये रो रही है; और अपने लड़कों के कारण शान्त नहीं होती, क्योंकि वे जाते रहे। यहोवा यों कहता हे: रोने-पीटने और आंसू बहाने से रुक जा; क्योंकि तेरे परिश्रम का फल मिलने वाला है, और वे शत्रुओं के देश से लौट आएंगे। अन्त में तेरी आशा पूरी होगी, यहोवा की यह वाणी है, तेरे वंश के लोग अपने देश में लौट आएंगे। निश्चय मैं ने एप्रैम को ये बातें कह कर विलाप करते सुना है कि तू ने मेरी ताड़ना की, और मेरी ताड़ना ऐसे बछड़े की सी हुई जो निकाला न गया हो; परन्तु अब तू मुझे फेर, तब मैं फिरूंगा, क्योंकि तू मेरा परमेश्वर है। भटक जाने के बाद मैं पछताया: और सिखाए जाने के बाद मैं ने छाती पीटी: पुराने पापों को स्मरण कर मैं लज्जित हुआ और मेरा मुंह काला हो गया। क्या एप्रैम मेरा प्रिय पुत्र नहीं है? क्या वह मेरा दुलारा लड़का नहीं है? जब जब मैं उसके विरुद्ध बातें करता हूं, तब तब मुझे उसका स्मरण हो आता है। इसलिये मेरा मन उसके कारण भर आता है; और मैं निश्चय उस पर दया करूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
- James 1:2–4 याकूब 1:2–4हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसे पूरे आनन्द की बात समझो, यह जानकर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्पन्न होता है। पर धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे।।
- Psalm 119:71 भजन संहिता 119:71मुझे जो दु:ख हुआ वह मेरे लिये भला ही हुआ है, जिस से मैं तेरी विधियों को सीख सकूं।
- Zechariah 12:10–14 जकर्याह 12:10–14और मैं दाऊद के घराने और यरूशलेम के निवासियों पर अपना अनुग्रह करनेवाली और प्रार्थना सिखानेवाली आत्मा उण्डेलूंगा, तब वे मुझे ताकेंगे अर्थात् जिसे उन्हों ने बेधा है, और उसके लिये ऐसे रोएंगे जैसे एकलौते पुत्रा के लिये रोते- पीटते हैं, और ऐसा भारी शोक करेंगे, जैसा पहिलौठे के लिये करते हैं। उस समय यरूशलेम में इतना रोना- पीटना होगा जैसा मगिद्दॊन की तराई में हदद्रिम्मोन में हुआ था। सारे देश में विलाप होगा, हर एक परिवार में अलग अलग; अर्थात् दाऊद के घराने का परिवार अलग, और उनकी स्त्रियां अलग; नातान के घराने का परिवार अलग, और उनकी स्त्रियां अलग; लेवी के घराने का परिवार अलग और उनकी स्त्रियां अलग; शिमियों का परिवार अलग; और उनकी स्त्रियां अलग; और जितने परिवार रह गए हों हर एक परिवार अलग और उनकी स्त्रियां भी अलग अलग;
- Luke 6:21 लूका 6:21धन्य हो तुम, जो अब भूखे हो; क्योंकि तृप्त किए जाओगे; धन्य हो तुम, जो अब रोते हो, क्योंकि हंसोगे।
- Luke 6:25 लूका 6:25परन्तु हाय तुम पर; जो अब तृप्त हो, क्योंकि भूखे होगे: हाय, तुम पर; जो अब हंसते हो, क्योंकि शोक करोगे और रोओगे।