2 Kings · chapter 16 · verse 17
2 Kings 16:17 in Hindi
फिर राजा आहाज ने कुर्सियों की पटरियों को काट डाला, और हौदियों को उन पर से उतार दिया, और बड़े हौद को उन पीतल के बैलों पर से जो उसके तले थे उतारकर, पत्थरों के फर्श पर धर दिया।
Phir raajaa aahaaj ne kursiyom kee patariyom ko kaat daalaa, aur haudiyom ko un par se utaar diyaa, aur bade haud ko un peetal ke bailom par se jo usake tale the utaarakar, pattharom ke pharsh par dhar diyaa.
2 Kings 16:17 in English
- King James Version (KJV)
- And king Ahaz cut off the borders of the bases, and removed the laver from off them; and took down the sea from off the brasen oxen that [were] under it, and put it upon a pavement of stones.
- World English Bible (WEB)
- King Ahaz cut off the panels of the bases, and removed the basin from off them, and took down the sea from off the bronze oxen that were under it, and put it on a pavement of stone.
- American Standard Version (ASV)
- And king Ahaz cut off the panels of the bases, and removed the laver from off them, and took down the sea from off the brazen oxen that were under it, and put it upon a pavement of stone.
- Bible in Basic English (BBE)
- And King Ahaz took off the sides of the wheeled bases, and took down the great water-vessel from off the brass oxen which were under it and put it on a floor of stone.
- Darby Translation (DBY)
- And king Ahaz cut off the panels of the bases, and removed the lavers from off them; and took down the sea from off the brazen oxen that were under it, and put it upon a stone pavement.
- Webster's Bible (WBS)
- And king Ahaz cut off the borders of the bases, and removed the laver from off them; and took down the sea from off the brazen oxen that [were] under it, and put it upon a pavement of stones.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And king Ahaz cutteth off the borders of the bases, and turneth aside from off them the laver, and the sea he hath taken down from off the brazen oxen that [are] under it, and putteth it on a pavement of stones.
Read in context
- 15तब राजा आहाज ने ऊरिरयाह याजक को यह आज्ञा दी, कि भोर के होपबलि और सांझ के अन्नबलि, राजा के होमबलि और उसके अन्नबलि, और सब साधारण लोगों के होमबलि और अर्ध बड़ी वेदी पर चढ़ाया कर, और होमबलियों और मेलबलियों का सब लोहू उस पर छिड़क; और पीतल की वेदी के विषय मैं विचार करूंगा।
- 16राजा आहाज की इस आज्ञा के अनुसार ऊरिरयाह याजक ने किया।
- 17फिर राजा आहाज ने कुर्सियों की पटरियों को काट डाला, और हौदियों को उन पर से उतार दिया, और बड़े हौद को उन पीतल के बैलों पर से जो उसके तले थे उतारकर, पत्थरों के फर्श पर धर दिया।
- 18और विश्राम के दिन के लिये जो छाया हुआ स्थान भवन में बना था, और राजा के बाहर के प्रवेश करने का फाटक, उनको उस ने अश्शूर के राजा के कारण यहोवा के भवन से अलग कर दिया।
- 19आहाज के और काम जो उस ने किए, वे क्या यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखे हैं?
Cross references
- 2 Chronicles 28:24 2 इतिहास 28:24फिर आहाज ने परमेश्वर के भवन के पात्रा बटोरकर तुड़वा डाले, और यहोवा के भवन के द्वारों को बन्द कर दिया; और यरूशलेम के सब कोनों में वेदियां बनाई।
- 2 Kings 25:13–16 2 राजा 25:13–16और यहोवा के भ्वन में जो पीतल के खम्भे थे और कुर्सियां और पीतल का हौद जो यहोवा के भवन में था, इनको कसदी तोड़कर उनका पीतल बाबेल को ले गए। और हण्डियों, फावड़ियों, चिमटों, धूपदानों और पीतल के सब पात्राों को जिन से सेवा टहल होती थी, वे ले गए। और करछे और कटोरियां जो सोने की थीं, और जो कुछ चान्दी का था, वह सब सोना, चान्दी, जल्लादों का प्रधान ले गया। दोनों खम्भे, एक हौद और जो कुर्सियां सुलैमान ने यहोवा के भवन के लिये बनाए थे, इन सब वस्तुओं का पीतल तौल से बाहर था।
- 2 Chronicles 4:14–15 2 इतिहास 4:14–15फिर उस न कुर्सियां और कुर्सियों पर की हौदियां, और उनके नीचे के बारह बैल बनाए।
- 2 Chronicles 29:19 2 इतिहास 29:19और जितने पात्रा राजा आहाज ने अपने राज्य में विश्वासघात करके फेंक दिए थे, उनको भी हम ने ठीक करके पवित्रा किया है; और वे यहोवा की वेदी के साम्हने रखे हुए हैं।
- Jeremiah 52:20 यिर्मयाह 52:20दोनों खम्भे, एक हौज और पीतल के बारहों बैल जो पायों के नीचे थे, इन सब को तो सुलैमान राजा ने यहोवा के भवन के लिये बनवाया था, और इन सब का पीतल तौल से बाहर था।
- 1 Kings 7:23–39 1 राजा 7:23–39फिर उस ने एक ढाला हुआ एक बड़ा हौज़ बनाया, जो एक छोर से दूसरी छोर तक दस हाथ चौड़ा था, उसका आकार गोल था, और उसकी ऊंचाई पांच हाथ की थी, और उसके चारों ओर का घेरा तीस हाथ के सूत के बराबर था। और उसके चारों ओर मोहड़े के नीचे एक एक हाथ में दस दस इन्द्रायन बने, जो हौज को घेरे थीं; जब वह ढाला गया; तब ये इन्द्रायन भी दो पांति करके ढाले गए। और वह बारह बने हुए बैलों पर रखा गया जिन में से तीन उत्तर, तीन पश्चिम, तीन दक्खिन, और तीन पूर्व की ओर मुंह किए हुए थे; और उन ही के ऊपर हौज था, और उन सभों का पिछला अंग भीतर की ओर था। और उसका दल चौबा भर का था, और उसका मोहड़ा कटोरे के मोहड़े की नाई सोसन के फूलो के काम से बना था, और उस में दो हज़ार बत की समाई थी। फिर उस ने पीतल के दस पाये बनाए, एक एक पाये की लम्बाई चार हाथ, चौड़ाई भी चार हाथ और ऊंचाई तीन हाथ की थी। उन पायों की बनावट इस प्रकार थी; अनके पटरियां थीं, और पटरियों के बीचों बीच जोड़ भी थे। और जोड़ों के बीचों बीच की पटरियों पर सिंह, बैल, और करूब बने थे और जोड़ों के ऊपर भी एक एक और पाया बना और सिंहों और बैलों के नीचे लटकते हुए हार बने थे। और एक एक पाये के लिये पीतल के चार पहिये और पीतल की धुरियां बनी; और एक एक के चारों कोनों से लगे हुए कंधे भी ढालकर बनाए गए जो हौदी के नीचे तक पहुंचते थे, और एक एक कंधे के पास हार बने हुए थे। औा हौदी का मोहड़ा जो पाये की कंगनी के भीतर और ऊपर भी था वह एक हाथ ऊंचा था, और पाये का मोहड़ा जिसकी चौड़ाई डेढ़ हाथ की थी, वह पाये की बनावट के समान गोल बना; और पाये के उसी मोहड़े पर भी कुछ खुदा हुआ काम था और उनकी पटरियां गोल नहीं, चौकोर थीं। और चारों पहिये, पटरियो के नीचे थे, और एक एक पाये के पहियों में धुरियां भी थीं; और एक एक पहिये की ऊंचाई डेढ़ हाथ की थी। पहियों की बनावट, रथ के पहिये की सी थी, और उनकी धुरियां, पुटि्ठयां, आरे, और नाभें सब ढाली हुर्अ थीं। और एक एक पाये के चारों कोनों पर चार कंधे थे, और कंधे और पाये दोनों एक ही टुकड़े के बने थे। और एक एक पाये के सिरे पर आध हाथ ऊंची चारों ओर गोलाई थी, और पाये के सिरे पर की टेकें और पटरियां पाये से जुड़े हुए एक ही टुकड़े के बने थे। और टेकों के पाटों और पटरियों पर जितनी जगह जिस पर थी, उस में उस ने करूब, और सिंह, और खजूर के वृक्ष खोद कर भर दिये, और चारों ओर हार भी बनाए। इसी प्रकार से उस ने दसों पायों को बनाया; सभों का एक ही सांचा और एक ही नाप, और एक ही आकार था। और उस ने पीतल की दस हौदी बनाई। एक एक हौदी में चालीस चालीस बत की समाई थी; और एक एक, चार चार हाथ चौड़ी थी, और दसों पायों में से एक एक पर, एक एक हौदी थी। और उस ने पांच हौदी षवन की दक्खिन की ओर, और पांच उसकी उत्तर की ओर रख दीं; और हौज़ को भवन की दाहिनी ओर अर्थात् पूर्व की ओर, और दक्खिन के साम्हने धर दिया।
Original words (Hebrew)
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Ahaz · H271אָחָז ʼÂchâz
- off · H7112קָצַץ qâtsats
- borders · H4526מִסְגֶּרֶת miçgereth
- bases · H4350מְכוֹנָה mᵉkôwnâh
- removed · H5493סוּר çûwr
- laver · H3595כִּיּוֹר kîyôwr
- down · H3381יָרַד yârad
- sea · H3220יָם yâm
- brasen · H5178נְחֹשֶׁת nᵉchôsheth
- oxen · H1241בָּקָר bâqâr
- put · H5414נָתַן nâthan
- pavement · H4837מַרְצֶפֶת martsepheth
- stones · H68אֶבֶן ʼeben