2 Kings · chapter 17 · verse 33
2 Kings 17:33 in Hindi
वे यहोवा का भय मानते तो थे, परन्तु उन जातियों की रीति पर, जिनके बीच से वे निकाले गए थे, अपने अपने देवताओं की भी उपासना करते रहे।
Ve yahovaa kaa bhay maanate to the, parantu un jaatiyom kee reeti par, jinake beech se ve nikaale gae the, apane apane devataaom kee bhee upaasanaa karate rahe.
2 Kings 17:33 in English
- King James Version (KJV)
- They feared the LORD, and served their own gods, after the manner of the nations whom they carried away from thence.
- World English Bible (WEB)
- They feared the LORD, and also served their own gods, after the ways of the nations from among whom they had been carried away.
- American Standard Version (ASV)
- They feared Jehovah, and served their own gods, after the manner of the nations from among whom they had been carried away.
- Bible in Basic English (BBE)
- They gave worship to the Lord, but they gave honour to their gods like the nations did from whom they had been taken as prisoners.
- Darby Translation (DBY)
- They feared Jehovah, and served their own gods after the manner of the nations, whence they had been carried away.
- Webster's Bible (WBS)
- They feared the LORD, and served their own gods, after the manner of the nations whom they carried away from thence.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Jehovah they are fearing, and their gods they are serving, according to the custom of the nations whence they removed them.
Read in context
- 31और अब्वियों ने निभज, और तर्त्ताक को स्थापित किया; और सपवमी लोग अपने बेटों को अद्रम्मेलेक और अनम्मेलेक नाम सपवैंम के देवताओं के लिये होम करके चढ़ाने लगे।
- 32यों वे यहावा का भय मानते तो थे, परन्तु सब प्रकार के लोगों में से ऊंचे स्थानों के याजक भी ठहरा देते थे, जो ऊंचे स्थानों के भवनों में उनके लिये बलि करते थे।
- 33वे यहोवा का भय मानते तो थे, परन्तु उन जातियों की रीति पर, जिनके बीच से वे निकाले गए थे, अपने अपने देवताओं की भी उपासना करते रहे।
- 34आज के दिन तक वे अपनी पहिली रीतियों पर चलते हैं, वे यहोवा का भय नहीं मानते।
- 35न तो उपनी विधियों और नियमों पर और न उस रयवस्था और आज्ञा के अनुसार चलते हैं, जो यहोवा ने याकूब की सन्तान को दी थी, जिसका नाम उस ने इस्राएल रखा था। उन से यहोवा ने बाचा बान्धकर उन्हें यह आज्ञा दी थी, कि तुम पाराये देवताओं का भय न मानना और न उन्हें दणडवत करना और न उनकी उपासना करना और न उनको बलि चढ़ाना।
Cross references
- Luke 16:13 लूका 16:13कोई दास दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता: क्योंकि वह तो एक से बैर और दूसरे से प्रेम रखेगा; या एक से मिल रहेगा और दूसरे को तुच्छ जानेगा: तुम परमेश्वर और धन दोनों की सेवा नहीं कर सकते॥
- 2 Kings 17:41 2 राजा 17:41अतएव वे जातियां यहोवा का भय मानती तो थीं, परन्तु अपनी खुदी हुई मूरतों की उपासना भी करती रहीं, और जैसे वे करते थे वैसे ही उनके बेटे पोते भी आज के दिन तक करते हैं।
- 1 Kings 18:21 1 राजा 18:21और एलिरयाह सब लोगों के पास आकर कहने लगा, तुम कब तक दो विचारों में लटके रहोगे, यदि यहोवा परमेश्वर हो, तो उसके पीछे हो लेओे; और यदि बाल हो, तो उसके पीछे हो लेओ। लोगों ने उसके उत्तर में एक भी बात न कही।
- Matthew 6:24 मत्ती 6:24कोई मनुष्य दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता, क्योंकि वह एक से बैर ओर दूसरे से प्रेम रखेगा, वा एक से मिला रहेगा और दूसरे को तुच्छ जानेगा; "तुम परमेश्वर और धन दोनो की सेवा नहीं कर सकते"।
- Zephaniah 1:5 सपन्याह 1:5जो लोग अपने अपने घर की छत पर आकाश के गण को दण्डवत् करते हुए यहोवा की सेवा करने की शपथ खाते हैं;
- Hosea 10:2 होशे 10:2उनका मन बटा हुआ है; अब वे दोषी ठहरेंगे। वह उनकी वेदियों को तोड़ डालेगा, और उनकी लाटों को टुकड़े टुकड़े करेगा।