2 Kings · chapter 21 · verse 3
2 Kings 21:3 in Hindi
उस ने उन ऊंचे स्थानों को जिनको उसके पिता हिजकिरयाह ने नाश किया था, फिर बनाया, और इस्राएल के राजा अहाब की नाई बाल के लिये वेदियां और एक अशेरा बनवाई, और आकाश के कुल गण को दणडवत और उनकी उपासना करता रहा।
Us ne un oonche sthaanom ko jinako usake pitaa hijakirayaah ne naash kiyaa thaa, phir banaayaa, aur israael ke raajaa ahaab kee naaee baal ke liye vediyaam aur ek asheraa banavaaee, aur aakaash ke kul gan ko danadavat aur unakee upaasanaa karataa rahaa.
2 Kings 21:3 in English
- King James Version (KJV)
- For he built up again the high places which Hezekiah his father had destroyed; and he reared up altars for Baal, and made a grove, as did Ahab king of Israel; and worshipped all the host of heaven, and served them.
- World English Bible (WEB)
- For he built again the high places which Hezekiah his father had destroyed; and he raised up altars for Baal, and made an Asherah, as Ahab king of Israel did, and worshiped all the army of the sky, and served them.
- American Standard Version (ASV)
- For he built again the high places which Hezekiah his father had destroyed; and he reared up altars for Baal, and made an Asherah, as did Ahab king of Israel, and worshipped all the host of heaven, and served them.
- Bible in Basic English (BBE)
- He put up again the high places which had been pulled down by Hezekiah his father; he made altars for Baal, and an Asherah, as Ahab, king of Israel, had done; he was a worshipper and servant of all the stars of heaven.
- Darby Translation (DBY)
- And he built again the high places that Hezekiah his father had destroyed; and he reared up altars to Baal and made an Asherah, as did Ahab king of Israel; and worshipped all the host of heaven, and served them.
- Webster's Bible (WBS)
- For he built again the high places which Hezekiah his father had destroyed; and he reared altars for Baal, and made a grove, as did Ahab king of Israel; and worshiped all the host of heaven, and served them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and he turneth and buildeth the high places that Hezekiah his father destroyed, and raiseth altars for Baal, and maketh a shrine, as did Ahab king of Israel, and boweth himself to all the host of the heavens, and serveth them.
Read in context
- 1जब मनश्शे राज्य करने लगा, तब वह बारह वर्ष का था, और यरूशलेम में पचपन वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम हेेप्सीबा था।
- 2उस ने उन जातियों के घिनौने कामों के अनुसार, जिनको यहोवा ने इस्राएलियों के साम्हने देश से निकाल दिया था, वह किया, जो यहोवा की दृष्टि में बुरा था।
- 3उस ने उन ऊंचे स्थानों को जिनको उसके पिता हिजकिरयाह ने नाश किया था, फिर बनाया, और इस्राएल के राजा अहाब की नाई बाल के लिये वेदियां और एक अशेरा बनवाई, और आकाश के कुल गण को दणडवत और उनकी उपासना करता रहा।
- 4और उस ने यहोवा के उस भवन में वेदियां बनाई जिसके विषय यहोवा ने कहा था, कि यरूशलेम में मैं अपना नाम रखूंगा।
- 5वरन यहोवा के भवन के दोनों आंगनों में भी उस ने आकाश के कुल गण के लिये वेदियां बनाई।
Cross references
- 2 Kings 17:16 2 राजा 17:16वरन उन्हों ने अपने परमेश्वर यहोवा की सब आज्ञाओं को त्याग दिया, और दो बछड़ों की मूरतें ढालकर बनाई, और अशेरा भी बनाई; और आकाश के सारे गणों को दणडवत की, और बाल की उपासना की।
- 2 Kings 18:4 2 राजा 18:4उस ने ऊंचे स्थान गिरा दिए, लाठों को तोड़ दिया, अशेरा को काट डाला। और पीतल का जो सांप मूसा ने बनाया था, उसको उस ने इस कारण चूर चूर कर दिया, कि उन दिनों तक इस्राएली उसके लिये धूप जलाते थे; और उस ने उसका नाम नहुशतान रखा।
- 1 Kings 16:31–33 1 राजा 16:31–33आकाश आनन्द करे और पृथ्वी मगन हो, और जाति जाति में लोग कहें, कि यहोवा राजा हुआ है। समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें, मैदान और जो कुछ उस में है सो प्रफुल्लित हों। उसी समय वन के वृक्ष यहोवा के साम्हने जयजयकार करें, क्योंकि वह पृथ्वी का न्याय करने को आनेवाला है।
- Deuteronomy 17:3 व्यवस्थाविवरण 17:3अर्थात् मेरी आज्ञा का उल्लंघन करके पराए देवताओं की, वा सूर्य, वा चंद्रमा, वा आकाश के गण में से किसी की उपासना की हो, वा उसको दण्डवत किया हो,
- Deuteronomy 4:19 व्यवस्थाविवरण 4:19वा जब तुम आकाश की ओर आंखे उठाकर, सूर्य, चंद्रमा, और तारों को, अर्थात् आकाश का सारा तारागण देखो, तब बहककर उन्हें दण्डवत् करके उनकी सेवा करने लगो जिनको तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने धरती पर के सब देशवालों के लिये रखा है।
- 2 Kings 8:27 2 राजा 8:27वह अहाब के घराने की सी चाल चला, और अहाब के घराने की नाई वह काम करता था, जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है, क्योंकि वह अहाब के घराने का दामाद था।
- 2 Kings 18:22 2 राजा 18:22फिर यदि तुम मुझ से कहो, कि हमारा भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है, तो क्या यह वही नहीं है जिसके ऊंचे स्थानों और वेदियों को हिजकिरयाह ने दूर करके यहूदा और यरूशलेम से कहा, कि तुम इसी वेदी के साम्हने जो यरूशलेम में है दणडवत करना?
- 2 Chronicles 32:12 2 इतिहास 32:12क्या उसी हिजकिरयाह ने उसके ऊंचे स्थान और वेदियो दूर करके यहूदा और यरूशलेम को आज्ञा नहीं दी, कि तुम एक ही वेदी के साम्हने दणडवत करना और उसी पर धूप जलाना?
- 1 Kings 18:26 1 राजा 18:26तब उन्हों ने उस बछड़े को जो उन्हें दिया गया था लेकर तैयार किया, और भोर से लेकर दोपहर तक वह यह कहकर बाल से प्रार्थना करते रहे, कि हे बाल हमारी सुन, हे बाल हमारी सुन! परन्तु न कोई शब्द और न कोई उत्तर देनेवाला हुआ। तब वे अपनी बनाई हुई वेदी पर उछलने कूदने लगे।
- 1 Kings 18:21 1 राजा 18:21और एलिरयाह सब लोगों के पास आकर कहने लगा, तुम कब तक दो विचारों में लटके रहोगे, यदि यहोवा परमेश्वर हो, तो उसके पीछे हो लेओे; और यदि बाल हो, तो उसके पीछे हो लेओ। लोगों ने उसके उत्तर में एक भी बात न कही।
- 2 Chronicles 33:3–5 2 इतिहास 33:3–5उस ने उन ऊंचे स्थानों को जिन्हें उसके पिता हिजकिरयाह ने तोड़ दिया था, फिर बनाया, और बाल नाम देवताओं के लिये वेदियां ओर अशेरा नाम मूरतें बनाई, और आकाश के सारे गण को दणडवत करता, और उनकी उपासना करता रहा। और उस ने यहोवा के उस भवन मे वेदियां बनाई जिसके विषय यहोवा ने कहा था कि यरूशलेम में मेरा नाम सदा बना रहेगा। वरन यहोवा के भवन के दोनों आंगनों में भी उस ने आकाश के सारे गण के लिये वेदियां बनाई।
- 2 Chronicles 34:3 2 इतिहास 34:3वह लड़का ही था, अर्थात उसको गद्दी पर बैठे आठ वर्ष पूरे भी न हुए थे कि अपने मूलमुरूष दाऊद के परमेश्वर की खोज करने लगा, और बारहवें वर्ष में वह ऊंचे स्थानों और अशॆरा नाम मूरतों को और खुदी और ढली हुई मूरतों को दूर करके, यहूदा और यरूशलेम को शुठ्ठ करने लगा।
Original words (Hebrew)
- up · H1129בָּנָה bânâh
- again · H7725שׁוּב shûwb
- places · H1116בָּמָה bâmâh
- Hezekiah · H2396חִזְקִיָּה Chizqîyâh
- father · H1אָב ʼâb
- destroyed · H6אָבַד ʼâbad
- up · H6965קוּם qûwm
- altars · H4196מִזְבֵּחַ mizbêach
- Baal · H1168בַּעַל Baʻal
- made · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- grove · H842אֲשֵׁרָה ʼăshêrâh
- did · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- Ahab · H256אַחְאָב ʼAchʼâb
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- worshipped · H7812שָׁחָה shâchâh
- host · H6635צָבָא tsâbâʼ
- heaven · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- served · H5647עָבַד ʻâbad