2 Kings · chapter 6 · verse 33
2 Kings 6:33 in Hindi
वह उन से यों बातें कर ही रहा था कि दूत उसके पास आ पहुंचा। और राजा कहने लगा, यह विपत्ति यहोवा की ओर से है, अब मैं आगे को यहोवा की बाट क्यों जोहता रहूं?
Vah un se yom baatem kar hee rahaa thaa ki doot usake paas aa pahunchaa. Aur raajaa kahane lagaa, yah vipatti yahovaa kee or se hai, ab maim aage ko yahovaa kee baat kyom johataa rahoom?
2 Kings 6:33 in English
- King James Version (KJV)
- And while he yet talked with them, behold, the messenger came down unto him: and he said, Behold, this evil [is] of the LORD; what should I wait for the LORD any longer?
- World English Bible (WEB)
- While he was still talking with them, behold, the messenger came down to him. Then he said, “Behold, this evil is from the LORD. Why should I wait for the LORD any longer?”
- American Standard Version (ASV)
- And while he was yet talking with them, behold, the messenger came down unto him: and he said, Behold, this evil is of Jehovah; why should I wait for Jehovah any longer?
- Bible in Basic English (BBE)
- While he was still talking to them, the king came down and said, This evil is from the Lord; why am I to go on waiting any longer for the Lord?
- Darby Translation (DBY)
- And while he yet talked with them, behold, the messenger came down to him. And [the king] said, Behold, this evil is of Jehovah: why should I wait for Jehovah any longer?
- Webster's Bible (WBS)
- And while he yet talked with them, behold, the messenger came down to him: and he said, Behold, this evil [is] from the LORD; what should I wait for the LORD any longer?
- Young's Literal Translation (YLT)
- He is yet speaking with them, and lo, the messenger is coming down unto him, and he saith, 'Lo, this [is] the evil from Jehovah: what — do I wait for Jehovah any more?'
Read in context
- 31तब वह बोल उठा, यदि मैं शापात के वुत्रा एलीशा का सिर आज उसके घड़ पर रहने दूं, तो परमेश्वर मेरे साथ ऐसा ही वरन इस से भी अधिक करे।
- 32एलीशा अपने घर में बैठा हुआ था, और पुरनिये भी उसके संग बैठे थे। सो जब राजा ने अपने पास से एब जन भेजा, तब उस दूत के पहुंचने से पहिले उस ने पुरनियों से कहा, देखो, इस खूनी के बेटे ने किसी को मेरा सिर काटते को भेजा है; इसलिये जब वह दूत आए, तब किवाड़ बन्द करके रोके रहना। क्या उसके स्वामी के पांव की आहट उसके पीछे नहीं सुन पड़ती?
- 33वह उन से यों बातें कर ही रहा था कि दूत उसके पास आ पहुंचा। और राजा कहने लगा, यह विपत्ति यहोवा की ओर से है, अब मैं आगे को यहोवा की बाट क्यों जोहता रहूं?
Cross references
- Job 2:9 अय्यूब 2:9तब उसकी स्त्री उस से कहने लगी, क्या तू अब भी अपनी खराई पर बना है? परमेश्वर की निन्दा कर, और चाहे मर जाए तो मर जा।
- Isaiah 8:21 यशायाह 8:21वे इस देश में क्लेशित और भूखे फिरते रहेंगे; और जब वे भूखे होंगे, तब वे क्रोध में आकर अपने राजा और अपने परमेश्वर को शाप देंगे, और अपना मुख ऊपर आकाश की ओर उठाएंगे;
- 2 Corinthians 2:7 2 कुरिन्थियों 2:7इसलिये इस से यह भला है कि उसका अपराध क्षमा करो; और शान्ति दो, न हो कि ऐसा मनुष्य उदासी में डूब जाए।
- 1 Samuel 28:6–8 1 शमूएल 28:6–8और जब शाऊल ने यहोवा से पूछा, तब यहोवा ने न तो स्वप्न के द्वारा उस उत्तर दिया, और न ऊरीम के द्वारा, और न भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा। तब शाऊल ने अपने कर्मचारियों से कहा, मेरे लिये किसी भूतसिद्धि करनेवाली को ढूंढो, कि मैं उसके पास जाकर उस से पूछूं। उसके कर्मचारियों ने उस से कहा, एन्दोर में एक भूतसिद्धि करनेवाली रहती है। तब शाऊल ने अपना भेष बदला, और दूसरे कपड़े पहिनकर, दो मनुष्य संग लेकर, रातोंरात चलकर उस स्त्री के पास गया; और कहा, अपने सिद्धि भूत से मेरे लिये भावी कहलवा, और जिसका नाम मैं लूंगा उसे बुलवा दे।
- Revelation 16:9–11 प्रकाशितवाक्य 16:9–11और मनुष्य बड़ी तपन से झुलस गए, और परमेश्वर के नाम की जिसे इन विपत्तियों पर अधिकार है, निन्दा की और उस की महिमा करने के लिये मन न फिराया।। और पांचवें ने अपना कटोरा उस पशु के सिंहासन पर उंडेल दिया और उसके राज्य पर अंधेरा छा गया; और लोग पीड़ा के मारे अपनी अपनी जीभ चबाने लगे। और अपनी पीड़ाओं और फोड़ों के कारण स्वर्ग के परमेश्वर की निन्दा की; और अपने अपने कामों से मन न फिराया।।
- Psalm 27:14 भजन संहिता 27:14यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह!
- Isaiah 8:17 यशायाह 8:17मैं उस यहोवा की बाट जोहता रहूंगा जो अपने मुंख को याकूब के घराने से छिपाये है, और मैं उसी पर आशा लगाए रहूंगा।
- Isaiah 26:3 यशायाह 26:3जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है।
- Isaiah 50:10 यशायाह 50:10तुम में से कौन है जो यहोवा का भय मानता और उसके दास की बातें सुनता है, जो अन्धियारे में चलता हो और उसके पास ज्योति न हो? वह यहोवा के नाम का भरोसा रखे, और अपने परमेश्वर पर आशा लगाए रहे।
- Job 1:21 अय्यूब 1:21मैं अपनी मां के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊंगा; यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है।
- Job 1:11 अय्यूब 1:11परन्तु अब अपना हाथ बढ़ाकर जो कुछ उसका है, उसे छू; तब वह तेरे मुंह पर तेरी निन्दा करेगा।
- Exodus 16:6–8 निर्गमन 16:6–8तब मूसा और हारून ने सारे इस्राएलियों से कहा, सांझ को तुम जान लोगे कि जो तुम को मि देश से निकाल ले आया है वह यहोवा है। और भोर को तुम्हें यहोवा का तेज देख पड़ेगा, क्योंकि तुम जो यहोवा पर बुड़बुड़ाते हो उसे वह सुनता है। और हम क्या हैं, कि तुम हम पर बुड़बुड़ाते हो? फिर मूसा ने कहा, यह तब होगा जब यहोवा सांझ को तुम्हें खाने के लिये मांस और भोर को रोटी मनमाने देगा; क्योंकि तुम जो उस पर बुड़बुड़ाते हो उसे वह सुनता है। और हम क्या हैं? तुम्हारा बुड़बुड़ाना हम पर नहीं यहोवा ही पर होता है।