2 Corinthians · chapter 2 · verse 7
2 Corinthians 2:7 in Hindi
इसलिये इस से यह भला है कि उसका अपराध क्षमा करो; और शान्ति दो, न हो कि ऐसा मनुष्य उदासी में डूब जाए।
Isaliye is se yah bhalaa hai ki usakaa aparaadh kshamaa karo; aur shaanti do, na ho ki aisaa manushy udaasee mem doob jaae.
2 Corinthians 2:7 in English
- King James Version (KJV)
- So that contrariwise ye [ought] rather to forgive [him], and comfort [him], lest perhaps such a one should be swallowed up with overmuch sorrow.
- World English Bible (WEB)
- so that, on the contrary, you should rather forgive him and comfort him, lest by any means such a one should be swallowed up with his excessive sorrow.
- American Standard Version (ASV)
- so that contrariwise ye should rather forgive him and comfort him, lest by any means such a one should be swallowed up with his overmuch sorrow.
- Bible in Basic English (BBE)
- So that now, on the other hand, it is right for him to have forgiveness and comfort from you, for fear that his sorrow may be over-great.
- Darby Translation (DBY)
- so that on the contrary ye should rather shew grace and encourage, lest perhaps such a one should be swallowed up with excessive grief.
- Webster's Bible (WBS)
- So that on the other hand, ye [ought] rather to forgive [him] , and comfort [him] , lest perhaps such one should be swallowed up with excessive sorrow.
- Young's Literal Translation (YLT)
- so that, on the contrary, [it is] rather for you to forgive and to comfort, lest by over abundant sorrow such a one may be swallowed up;
Read in context
- 5और यदि किसी ने उदास किया है, तो मुझे ही नहीं बरन (कि उसके साथ बहुत कड़ाई न करूं) कुछ कुछ तुम सब को भी उदास किया है।
- 6ऐसे जन के लिये यह दण्ड जो भाइयों में से बहुतों ने दिया, बहुत है।
- 7इसलिये इस से यह भला है कि उसका अपराध क्षमा करो; और शान्ति दो, न हो कि ऐसा मनुष्य उदासी में डूब जाए।
- 8इस कारण मैं तुम से बिनती करता हूं, कि उस को अपने प्रेम का प्रमाण दो।
- 9क्योंकि मैं ने इसलिये भी लिखा था, कि तुम्हें परख लूं, कि सब बातों के मानने के लिये तैयार हो, कि नहीं।
Cross references
- Ephesians 4:32 इफिसियों 4:32और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।।
- Galatians 6:1–2 गलातियों 6:1–2हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा जाए, तो तुम जो आत्मिक जो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो।
- Colossians 3:13 कुलुस्सियों 3:13और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
- Proverbs 17:22 नीतिवचन 17:22मन का आनन्द अच्छी औषधि है, परन्तु मन के टूटने से हडि्डयां सूख जाती हैं।
- Isaiah 28:7 यशायाह 28:7ये भी दाखमधु के कारण डगमगाते और मदिरा से लड़खड़ाते हैं; याजक और नबी भी मदिरा के कारण डगमगाते हैं, दाखमधु ने उनको भुला दिया है, वे मदिरा के कारण लड़खड़ाते और दर्शन पाते हुए भटके जाते, और न्याय में भूल करते हैं।
- Proverbs 1:12 नीतिवचन 1:12हम अधोलोक की नाईं उनको जीवता, कबर में पड़े हुओं के समान समूचा निगल जाएं;
- 2 Thessalonians 3:14–15 2 थिस्सलुनीकियों 3:14–15यदि कोई हमारी इस पत्री की बात को न माने, तो उस पर दृष्टि रखो; और उस की संगति न करो, जिस से वह लज्जित हो; तौभी उसे बैरी मन समझो पर भाई जानकर चिताओ।।
- Psalm 21:9 भजन संहिता 21:9तू अपने मुख के सम्मुख उन्हें जलते हुए भट्टे की नाई जलाएगा। यहोवा अपने क्रोध में उन्हें निगल जाएगा, और आग उनको भस्म कर डालेगी।
- 2 Corinthians 5:4 2 कुरिन्थियों 5:4और हम इस डेरे में रहते हुए बोझ से दबे कहरते रहते हैं; क्योंकि हम उतारना नहीं, बरन और पहिनना चाहते हैं, ताकि वह जो मरनहार है जीवन में डूब जाए।
- 2 Thessalonians 3:6 2 थिस्सलुनीकियों 3:6हे भाइयों, हम तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह के नाम से आज्ञा देते हैं; कि हर एक ऐसे भाई से अलग रहो, जो अनुचित चाल चलता, और जो शिक्षा उस ने हम से पाई उसके अनुसार नहीं करता।
- Philippians 2:27 फिलिप्पियों 2:27और निश्चय वह बीमार तो हो गया था, यहां तक कि मरने पर था, परन्तु परमेश्वर ने उस पर दया की; और केवल उस ही पर नहीं, पर मुझ पर भी, कि मुझे शोक पर शोक न हो।
- 1 Thessalonians 4:13 1 थिस्सलुनीकियों 4:13हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों की नाई शोक करो जिन्हें आशा नहीं।
Original words (Greek)
- that · G5620ὥστε hṓste
- contrariwise · G5121τοὐναντίον tounantíon
- ye · G5209ὑμᾶς hymâs
- rather · G3123μᾶλλον mâllon
- forgive · G5483χαρίζομαι charízomai
- and · G2532καί kaí
- comfort · G3870παρακαλέω parakaléō
- perhaps · G3381μήπως mḗpōs
- one · G5108τοιοῦτος toioûtos
- up · G2666καταπίνω katapínō
- overmuch · G4053περισσός perissós
- sorrow · G3077λύπη lýpē