2 Peter · chapter 2 · verse 20
2 Peter 2:20 in Hindi
और जब वे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की पहचान के द्वारा संसार की नाना प्रकार की अशुद्धता से बच निकले, और फिर उन में फंसकर हार गए, तो उन की पिछली दशा पहिली से भी बुरी हो गई है।
Aur jab ve prabhu aur uddhaarakartaa yeeshu maseeh kee pahachaan ke dvaaraa sansaar kee naanaa prakaar kee ashuddhataa se bach nikale, aur phir un mem phansakar haar gae, to un kee pichhalee dashaa pahilee se bhee buree ho gaee hai.
2 Peter 2:20 in English
- King James Version (KJV)
- For if after they have escaped the pollutions of the world through the knowledge of the Lord and Saviour Jesus Christ, they are again entangled therein, and overcome, the latter end is worse with them than the beginning.
- World English Bible (WEB)
- For if, after they have escaped the defilement of the world through the knowledge of the Lord and Savior Jesus Christ, they are again entangled in it and overcome, the last state has become worse for them than the first.
- American Standard Version (ASV)
- For if, after they have escaped the defilements of the world through the knowledge of the Lord and Saviour Jesus Christ, they are again entangled therein and overcome, the last state is become worse with them than the first.
- Bible in Basic English (BBE)
- For if, after they have got free from the unclean things of the world through the knowledge of the Lord and Saviour Jesus Christ, they are again taken in the net and overcome, their last condition is worse than their first.
- Darby Translation (DBY)
- For if after having escaped the pollutions of the world through [the] knowledge of the Lord and Saviour Jesus Christ, again entangled, they are subdued by these, their last state is worse than the first.
- Webster's Bible (WBS)
- For if after they have escaped the pollutions of the world through the knowledge of the Lord and Savior Jesus Christ, they are again entangled in them, and overcome, the latter end is worse with them than the beginning.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for, if having escaped from the pollutions of the world, in the acknowledging of the Lord and Saviour Jesus Christ, and by these again being entangled, they have been overcome, become to them hath the last things worse than the first,
Read in context
- 18वे व्यर्थ घमण्ड की बातें कर करके लुचपन के कामों के द्वारा, उन लोगों को शारीरिक अभिलाषाओं मे फंसा लेते हैं, जो भटके हुओं में से अभी निकल ही रहे हैं।
- 19वे उन्हें स्वतंत्रा होने की प्रतिज्ञा तो देते हैं, पर आप ही सड़ाहट के दास हैं, क्योंकि जो व्यक्ति जिस से हार गया है, वह उसका दास बन जाता है।
- 20और जब वे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की पहचान के द्वारा संसार की नाना प्रकार की अशुद्धता से बच निकले, और फिर उन में फंसकर हार गए, तो उन की पिछली दशा पहिली से भी बुरी हो गई है।
- 21क्योंकि धर्म के मार्ग में न जानना ही उन के लिये इस से भला होता, कि उसे जानकर, उस पवित्रा आज्ञा से फिर जाते, जो उन्हें सौंपी गई थी। उन पर यह कहावत ठीक बैठती है,
- 22कि कुत्ता अपनी छांट की ओर और धोई हुई सुअरनी कीचड़ में लोटने के लिये फिर चली जाती है।।
Cross references
- Hebrews 10:26–27 इब्रानियों 10:26–27क्योंकि सच्चाई की पहिचान प्राप्त करने के बाद यदि हम जान बूझकर पाप करते रहें, तो पापों के लिये फिर कोई बलिदान बाकी नहीं। हां, दण्ड का एक भयानक बाट जोहना और आग का ज्वलन बाकी है जो विरोधियों को भस्म कर देगा।
- Hebrews 6:4–8 इब्रानियों 6:4–8क्योंकि जिन्हों ने एक बार ज्योति पाई है, जो स्वर्गीय वरदान का स्वाद चख चुके हैं और पवित्रा आत्मा के भागी हो गए हैं। और परमेश्वर के उत्तम वचन का और आनेवाले युग की सामर्थों का स्वाद चख चुके हैं। यदि वे भटक जाएं; तो उन्हें मन फिराव के लिये फिर नया बनाना अन्होना है; क्योंकि वे परमेश्वर के पुत्रा को अपने लिये फिर क्रूस पर चढ़ाते हैं और प्रगट में। उस पर कलंक लगाते हैं। क्योंकि जो भूमि वर्षा के पानी को जो उस पर बार बार पड़ता है, पी पीकर जिन लोगों के लिये वह जोती- बोई जाती है, उन के काम का साग- पात उपजाती है, वह परमेश्वर से आशीष पाती है। पर यदि वह झाड़ी और ऊंटकटारे उगाती है, तो निकम्मी और स्रापित होने पर है, और उसका अन्त जलाया जाना है।।
- Philippians 3:19 फिलिप्पियों 3:19उन का अन्त विनाश है, उन का ईश्वर पेट है, वे अपनी लज्जा की बातों पर घमण्ड करते हैं, और पृथ्वी की वस्तुओं पर मन लगाए रहते हैं।
- Luke 11:24–26 लूका 11:24–26जब अशुद्ध आत्मा मनुष्य में से निकल जाती है तो सूखी जगहों में विश्राम ढूंढ़ती फिरती है; और जब नहीं पाती तो कहती है; कि मैं अपने उसी घर में जहां से निकली थी लौट जाऊंगी। औश्र आकर उसे झाड़ा- बुहारा और सजाढाया पाती है। तब वह आकर अपने से और बुरी सात आत्माओं को अपने साथ ले आती है, और वे उस में पैठकर वास करती हैं, और उस मनुष्य की पिछली दशा पहिले से भी बुरी हो जाती है।।
- Deuteronomy 32:29 व्यवस्थाविवरण 32:29भला होता कि ये बुद्धिमान होते, कि इसको समझ लेते, और अपने अन्त का विचार करते!
- Matthew 12:43–45 मत्ती 12:43–45जब अशुद्ध आत्मा मनुष्य में से निकल जाती है, तो सूखी जगहों में विश्राम ढूंढ़ती फिरती है, और पाती नहीं। तब कहती है, कि मैं अपने उसी घर में जहां से निकली थी, लौट जाऊंगी, और आकर उसे सूना, झाड़ा- बुहारा और सजा सजाया पाती है। तब वह जाकर अपने से और बुरी सात आत्माओं को अपने साथ ले आती है, और वे उस में पैठकर वहां वास करती है, और उस मनुष्य की पिछली दशा पहिले से भी बुरी हो जाती है; इस युग के बुरे लोगों की दशा भी ऐसी ही होगी।
- 2 Peter 1:4 2 पतरस 1:4जिन के द्वारा उस ने हमें बहुमूल्य और बहुत ही बड़ी प्रतिज्ञाएं दी हैं: ताकि इन के द्वारा तुम उस सड़ाहट से छूटकर जो संसार में बुरी अभिलाषाओं से होती है, ईश्वरीय स्वभाव के समभागी हो जाओ।
- Numbers 24:20 गिनती 24:20फिर उस ने अमालेक पर दृष्टि करके अपनी गूढ़ बात आरम्भ की, और कहने लगा, अमालेक अन्यजातियों में श्रेष्ठ तो था, परन्तु उसका अन्त विनाश ही है।।
- 2 Peter 2:18 2 पतरस 2:18वे व्यर्थ घमण्ड की बातें कर करके लुचपन के कामों के द्वारा, उन लोगों को शारीरिक अभिलाषाओं मे फंसा लेते हैं, जो भटके हुओं में से अभी निकल ही रहे हैं।
- 2 Peter 1:2 2 पतरस 1:2परमेश्वर के और हमारे प्रभु यीशु की पहचान के द्वारा अनुग्रह और शान्ति तुम में बहुतायत से बढ़ती जाए।
Original words (Greek)
- For · G1063γάρ gár
- if · G1487εἰ ei
- escaped · G668ἀποφεύγω apopheúgō
- pollutions · G3393μίασμα míasma
- world · G2889κόσμος kósmos
- through · G1722ἐν en
- knowledge · G1922ἐπίγνωσις epígnōsis
- Lord · G2962κύριος kýrios
- and · G2532καί kaí
- Saviour · G4990σωτήρ sōtḗr
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs
- Christ · G5547Χριστός Christós
- are · G1707ἐμπλέκω emplékō
- again · G3825πάλιν pálin
- entangled · G1707ἐμπλέκω emplékō
- therein · G5125τούτοις toútois
- overcome · G2274ἡττάω hēttáō
- end · G2078ἔσχατος éschatos
- is · G1096γίνομαι gínomai
- worse · G5501χείρων cheírōn
- them · G846αὐτός autós
- beginning · G4413πρῶτος prōtos