2 Peter · chapter 1 · verse 4
2 Peter 1:4 in Hindi
जिन के द्वारा उस ने हमें बहुमूल्य और बहुत ही बड़ी प्रतिज्ञाएं दी हैं: ताकि इन के द्वारा तुम उस सड़ाहट से छूटकर जो संसार में बुरी अभिलाषाओं से होती है, ईश्वरीय स्वभाव के समभागी हो जाओ।
Jin ke dvaaraa us ne hamem bahumooly aur bahut hee badee pratijnyaaem dee haim: taaki in ke dvaaraa tum us sadaahat se chhootakar jo sansaar mem buree abhilaashaaom se hotee hai, eeshvareey svabhaav ke samabhaagee ho jaao.
2 Peter 1:4 in English
- King James Version (KJV)
- Whereby are given unto us exceeding great and precious promises: that by these ye might be partakers of the divine nature, having escaped the corruption that is in the world through lust.
- World English Bible (WEB)
- by which he has granted to us his precious and exceedingly great promises; that through these you may become partakers of the divine nature, having escaped from the corruption that is in the world by lust.
- American Standard Version (ASV)
- whereby he hath granted unto us his precious and exceeding great promises; that through these ye may become partakers of the divine nature, having escaped from the corruption that is in the world by lust.
- Bible in Basic English (BBE)
- And through this he has given us the hope of great rewards highly to be valued; so that by them we might have our part in God's being, and be made free from the destruction which is in the world through the desires of the flesh.
- Darby Translation (DBY)
- through which he has given to us the greatest and precious promises, that through these ye may become partakers of [the] divine nature, having escaped the corruption that is in the world through lust.
- Webster's Bible (WBS)
- Whereby are given to us exceeding great and precious promises; that by these ye might be partakers of the divine nature, having escaped the corruption that is in the world through lust.
- Young's Literal Translation (YLT)
- through which to us the most great and precious promises have been given, that through these ye may become partakers of a divine nature, having escaped from the corruption in the world in desires.
Read in context
- 2परमेश्वर के और हमारे प्रभु यीशु की पहचान के द्वारा अनुग्रह और शान्ति तुम में बहुतायत से बढ़ती जाए।
- 3क्योंकि उसके ईश्वरीय सामर्थ ने सब कुछ जो जीवन और भक्ति से सम्बन्ध रखता है, हमें उसी की पहचान के द्वारा दिया है, जिस ने हमें अपनी ही महिमा और सद्गुण के अनुसार बुलाया है।
- 4जिन के द्वारा उस ने हमें बहुमूल्य और बहुत ही बड़ी प्रतिज्ञाएं दी हैं: ताकि इन के द्वारा तुम उस सड़ाहट से छूटकर जो संसार में बुरी अभिलाषाओं से होती है, ईश्वरीय स्वभाव के समभागी हो जाओ।
- 5और इसी कारण तुम सब प्रकार का यत्न करके, अपने विश्वास पर सद्गुण, और सद्गुण पर समझ।
- 6और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्ति।
Cross references
- Ephesians 4:23–24 इफिसियों 4:23–24और अपने मन के आत्मिक स्वभाव में नये बनते जाओ। और नये मनुष्यत्व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धार्मिकता, और पवित्राता में सृजा गया है।।
- Ezekiel 36:25–27 यहेजकेल 36:25–27मैं तुम पर शुद्ध जल छिड़कूंगा, और तुम शुद्ध हो जाओगे; और मैं तुम को तुम्हारी सारी अशुद्धता और मूरतों से शुद्ध करूंगा। मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकालकर तुम को मांस का हृदय दूंगा। और मैं अपना आत्मा तुम्हारे भीतर देकर ऐसा करूंगा कि तुम मेरी विधियों पर चलोगे और मेरे नियमों को मानकर उनके अनुसार करोगे।
- 2 Corinthians 3:18 2 कुरिन्थियों 3:18परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं।।
- Colossians 3:10 कुलुस्सियों 3:10और नए मनुष्यत्व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है।
- Hebrews 12:10 इब्रानियों 12:10वे तो अपनी अपनी समझ के अनुसार थोड़े दिनों के लिये ताड़ना करते थे, पर यह तो हमारे लाभ के लिये करता है, कि हम भी उस की पवित्राता के भागी हो जाएं।
- 1 John 3:2 1 यूहन्ना 3:2हे प्रियों, अभी हम परमेश्वर की सन्तान हैं, और अब तक यह प्रगट नहीं हुआ, कि हम क्या कुछ होंगे! इतना जानते हैं, कि जब वह प्रगट होगा तो हम भी उसके समान होंगे, क्योंकि उस को वैसा ही देखेंगे जैसा वह है।
- Galatians 6:8 गलातियों 6:8क्योंकि जो अपने शरीर के लिये बोता है, वह शरीर के द्वारा विनाश की कटनी काटेगा; और जो आत्मा के लिये बोता है, वह आत्मा के द्वारा अनन्त जीवन की कटनी काटेगा।
- John 1:12–13 यूहन्ना 1:12–13परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उस ने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात् उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
- 2 Peter 2:18–20 2 पतरस 2:18–20वे व्यर्थ घमण्ड की बातें कर करके लुचपन के कामों के द्वारा, उन लोगों को शारीरिक अभिलाषाओं मे फंसा लेते हैं, जो भटके हुओं में से अभी निकल ही रहे हैं। वे उन्हें स्वतंत्रा होने की प्रतिज्ञा तो देते हैं, पर आप ही सड़ाहट के दास हैं, क्योंकि जो व्यक्ति जिस से हार गया है, वह उसका दास बन जाता है। और जब वे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की पहचान के द्वारा संसार की नाना प्रकार की अशुद्धता से बच निकले, और फिर उन में फंसकर हार गए, तो उन की पिछली दशा पहिली से भी बुरी हो गई है।
- 1 John 2:25 1 यूहन्ना 2:25और जिस की उस ने हम से प्रतिज्ञा की वह अनन्त जीवन है।
- 1 Peter 4:2–3 1 पतरस 4:2–3ताकि भविष्य में अपना शेष शारीरिक जीवन मनुष्यों की अभिलाषाओं के अनुसार नहीं बरन परमेश्वर की इच्छा के अनुसार व्यतीत करो। क्योंकि अन्यजातियों की इच्छा के अनुसार काम करने, और लुचपन की बुरी अभिलाषाओं, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, पियक्कड़पन, और घृणित मूत्तिपूजा में जहां तक हम ने पहिले से समय गंवाया, वही बहुत हुआ।
Original words (Greek)
- Whereby · G1223διά diá
- given · G1433δωρέομαι dōréomai
- us · G2254ἡμῖν hēmîn
- great · G3176μέγιστος mégistos
- and · G2532καί kaí
- precious · G5093τίμιος tímios
- promises · G1862ἐπάγγελμα epángelma
- that · G2443ἵνα hína
- by · G1223διά diá
- these · G5130τούτων toútōn
- be · G1096γίνομαι gínomai
- partakers · G2844κοινωνός koinōnós
- the · G5449φύσις phýsis
- divine · G2304θεῖος theîos
- nature · G5449φύσις phýsis
- escaped · G668ἀποφεύγω apopheúgō
- corruption · G5356φθορά phthorá
- in · G1722ἐν en
- world · G2889κόσμος kósmos
- through · G1722ἐν en
- lust · G1939ἐπιθυμία epithymía