2 Samuel · chapter 21 · verse 2
2 Samuel 21:2 in Hindi
तब राजा ने गिबोनियो को बुलाकर उन से बातें कीं। गिबोनी लोग तो इस्राएलियों में से नहीं थे, वे बचे हुए एमोरियो में से थे; और इस्राएलियों ने उनके साथ शपथ खाई थी, परन्तु शाऊल को जो इस्राएलियों और यहूदियों के दिये जलन हुई थी, इस से उस ने उन्हें मार डासने के लिये यत्न किया था।
Tab raajaa ne giboniyo ko bulaakar un se baatem keen. Gibonee log to israaeliyom mem se naheem the, ve bache hue emoriyo mem se the; aur israaeliyom ne unake saath shapath khaaee thee, parantu shaaool ko jo israaeliyom aur yahoodiyom ke diye jalan huee thee, is se us ne unhem maar daasane ke liye yatn kiyaa thaa.
2 Samuel 21:2 in English
- King James Version (KJV)
- And the king called the Gibeonites, and said unto them; (now the Gibeonites [were] not of the children of Israel, but of the remnant of the Amorites; and the children of Israel had sworn unto them: and Saul sought to slay them in his zeal to the children of Israel and Judah.)
- World English Bible (WEB)
- The king called the Gibeonites and said to them (now the Gibeonites were not of the children of Israel, but of the remnant of the Amorites, and the children of Israel had sworn to them; and Saul sought to kill them in his zeal for the children of Israel and Judah);
- American Standard Version (ASV)
- And the king called the Gibeonites, and said unto them (now the Gibeonites were not of the children of Israel, but of the remnant of the Amorites; and the children of Israel had sworn unto them: and Saul sought to slay them in his zeal for the children of Israel and Judah);
- Bible in Basic English (BBE)
- Then the king sent for the Gibeonites; (now the Gibeonites were not of the children of Israel, but were the last of the Amorites, to whom the children of Israel had given an oath; but Saul, in his passion for the children of Israel and Judah, had made an attempt on their lives:)
- Darby Translation (DBY)
- And the king called the Gibeonites, and spoke to them. (Now the Gibeonites were not of the children of Israel, but of the remainder of the Amorites; and the children of Israel had sworn to them; and Saul sought to smite them in his zeal for the children of Israel and Judah.)
- Webster's Bible (WBS)
- And the king called the Gibeonites, and said to them; (now the Gibeonites [were] not of the children of Israel, but of the remnant of the Amorites; and the children of Israel had sworn to them: and Saul sought to slay them, in his zeal to the children of Israel and Judah.)
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the king calleth for the Gibeonites, and saith unto them — as to the Gibeonites, they [are] not of the sons of Israel, but of the remnant of the Amorite, and the sons of Israel had sworn to them, and Saul seeketh to smite them in his zeal for the sons of Israel and Judah —
Read in context
- 1दाऊद के दिनों में लगातार तीन बरस तक अकाल पड़ा; तो दाऊद ने यहोवा से प्रार्थना की। यहोवा ने कहा, यह शाऊल और उसके खूनी घराने के कारण हुआ, क्योंकि उस ने गिबोनियों को मरवा डाला था।
- 2तब राजा ने गिबोनियो को बुलाकर उन से बातें कीं। गिबोनी लोग तो इस्राएलियों में से नहीं थे, वे बचे हुए एमोरियो में से थे; और इस्राएलियों ने उनके साथ शपथ खाई थी, परन्तु शाऊल को जो इस्राएलियों और यहूदियों के दिये जलन हुई थी, इस से उस ने उन्हें मार डासने के लिये यत्न किया था।
- 3तब दाऊद ने गिबोनियों से पूछा, मैं तुम्हारे लिये क्या करूं? और क्या करके ऐसा प्रायश्चित करूं, कि तुम यहोवा के निज भाग को आशीर्वाद दे सको?
- 4गिबोनियों ने उस से कहा, हमारे और शाऊल वा उसके घराने के मध्य रूपये पैसे का कुछ झगड़ा नहीं; और न हमारा काम है कि किसी इस्राएली को मार डालें। उस ने कहा, जो कुछ तुम कहो, वही मैं तुम्हारे लिये करूंगा।
Cross references
- Joshua 9:3–21 यहोशू 9:3–21जब गिबोन के निवासियों ने सुना कि यहोशू ने यरीहो और ऐ से क्या क्या किया है, तब उन्हों ने छल किया, और राजदूतों का भेष बनाकर अपने गदहों पर पुराने बोरे, और पुराने फटे, और जोड़े हुए मदिरा के कुप्पे लादकर अपने पांवों में पुरानी गांठी हुई जूतियां, और तन पर पुराने वस्त्रा पहिने, और अपने भोजन के लिये सूखी और फफूंदी लगी हुई रोटी ले ली। तब वे गिलगाल की छावनी में यहोशू के पास जाकर उस से और इस्राएली पुरूषों से कहने लगे, हम दूर देश सें आए हैं; इसलिये अब तुम हम से वाचा बान्धो। इस्राएली पुरूषों ने उन हिव्वियों से कहा, क्या जाने तुम हमारे मध्य में ही रहते हो; फिर हम तुम से वाचा कैसे बान्धे? उन्हों ने यहोशू से कहा, हम तेरे दास हैं। तब यहोशू ने उन से कहा, तुम कौन हो? और कहां से आए हो? उन्हों ने उस से कहा, तेरे दास बहुत दूर के देश से तेरे परमेश्वर यहोवा का नाम सुनकर आए हैं; क्योंकि हम ने यह सब सुना है, अर्थात् उसकी कीर्ति और जो कुछ उस ने मि में किया, और जो कुछ उस ने एमोरियों के दोनों राजाओं से किया जो यरदन के उस पार रहते थे, अर्थात् हेश्बोन के राजा सीहोन से, और बाशान के राजा ओग से जो अश्तारोत में था। इसलिये हमारे यहां के वृद्धलोगों ने और हमारे देश के सब निवासियों ने हम से कहा, कि मार्ग के लिये अपने साथ भोजनवस्तु लेकर उन से मिलने को जाओ, और उन से कहना, कि हम तुम्हारे दास हैं; इसलिये अब तुम हम से वाचा बान्धो। जिस दिन हम तुम्हारे पास चलने को निकले उस दिन तो हम ने अपने अपने घर से यह रोटी गरम और ताजी ली थी; परन्तु अब देखो, यह सूख गई है और इस में फफूंदी लग गई है। फिर ये जो मदिरा के कुप्पे हम ने भर लिये थे, तब तो नये थे, परन्तु देखो अब ये फट गए हैं; और हमारे ये वस्त्रा और जूतियां बड़ी लम्बी यात्रा के कारण पुरानी हो गई हैं। तब उन पुरूषों ने यहोवा से बिना सलाह लिये उनके भोजन में से कुछ ग्रहण किया। तब यहोशू ने उन से मेल करके उन से यह वाचा बान्धी, कि तुम को जीवित छोड़ेंगे; और मण्डली के प्रधानों ने उन से शपथ खाई। और उनके साथ वाचा बान्धने के तीन दिन के बाद उनको यह समाचार मिला; कि वे हमारे पड़ोस के रहनेवाले लोग हैं, और हमारे ही मध्य में बसे हैं। तब इस्राएली कूच करके तीसरे दिन उनके नगरों को जिनके नाम गिबोन, कपीरा, बेरोत, और किर्यत्यारीम है पहुंच गए, और इस्राएलियों ने उनको न मारा, क्योंकि मण्डली के प्रधानों ने उनके संग इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की शपथ खाई थी। तब सारी मण्डली के लोग प्रधानों के विरूद्ध कुड़कुड़ाने लगे। तब सब प्रधानों ने सारी मण्डली से कहा, हम ने उन से इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की शपथ खाई है, इसलिये अब उनको छू नहीं सकते। हम उन से यही करेंगे, कि उस शपथ के अनुसार हम उनको जीवित छोड़ देंगे, नहीं तो हमारी खाई हुई शपथ के कारण हम पर क्रोध पड़ेगां फिर प्रधानों ने उन से कहा, वे जीवित छोड़े जाएं। सो प्रधानों के इस वचन के अनुसार वे सारी मण्डली के लिये लकड़हारे और पानी भरनेवाले बने।
- Genesis 15:16 उत्पत्ति 15:16पर वे चौथी पीढ़ी में यहां फिर आएंगे: क्योंकि अब तक एमोरियों का अधर्म पूरा नहीं हुआ।
- Deuteronomy 7:16 व्यवस्थाविवरण 7:16और देश देश के जितने लोगों को तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे वश में कर देगा, तू उन सभों को सत्यानाश करना; उन पर तरस की दृष्टि न करना, और न उनके देवताओं की उपासना करना, नहीं तो तू फन्दे में फंस जाएगा।
- 2 Kings 10:16 2 राजा 10:16और देख, कि मुझे यहोवा के निमित्त कैसी जलन रहती है। तब वह उसके रथ पर चढ़ा दिया गया।
- 1 Samuel 14:44 1 शमूएल 14:44शाऊल ने कहा, परमेश्वर ऐसा ही करे, वरन इस से भी अधिक करे; हे योनातान, तू निश्चय मारा जाएगा।
- 2 Kings 10:31 2 राजा 10:31परन्तु येहू ने इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की व्यवस्था पर पूर्ण मन से चलने की चौकसी न की, वरन यारोबाम जिसने इस्राएल से पाप कराया था, उसके पापों के अनुसार करने से वह अलग न हुआ।
- Luke 9:54–55 लूका 9:54–55यह देखकर उसके चेले याकूब और यूहन्ना ने कहा; हे प्रभु; क्या तू चाहता है, कि हम आज्ञा दें, कि आकाश से आग गिरकर उन्हें भस्म कर दे। परन्तु उस ने फिरकर उन्हें डांटा और कहा, तुम नहीं जानते कि तुम कैसी आत्मा के हो।
- 1 Samuel 15:8–9 1 शमूएल 15:8–9और उनके राजा अगाग को जीवित पकड़ा, और उसकी सब प्रजा को तलवार से सत्यानाश कर डाला। परन्तु अगाग पर, और अच्छी से अच्छी भेड़- बकरियों, गाय- बैलों, मोटे पशुओं, और मेम्नों, और जो कुछ अच्छा था, उन पर शाऊल और उसकी प्रजा ने कोमलता की, और उन्हें सत्यानाश करना न चाहा; परन्तु जो कुछ तुच्छ और निकम्मा था उसको उन्हों ने सत्यानाश किया।।
- Romans 10:2 रोमियों 10:2क्योंकि मैं उन की गवाही देता हूं, कि उन को परमेश्वर के लिये धुन रहती है, परन्तु बुद्धिमानी के साथ नहीं।
- John 16:2 यूहन्ना 16:2वे तुम्हें आराधनालयों में से निकाल देंगे, वरन वह समय आता है, कि जो कोई तुम्हें मार डालेगा यह समझेगा कि मैं परमेश्वर की सेवा करता हूं।
- Galatians 4:17 गलातियों 4:17वे तुम्हें मित्रा बनाना तो चाहते हैं, पर भली मनसा से नहीं; बरन तुम्हें अलग करना चाहते हैं, कि तुम उन्हीं को मित्रा बना लो।
Original words (Hebrew)
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- called · H7121קָרָא qârâʼ
- Gibeonites · H1393גִּבְעֹנִי Gibʻônîy
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Gibeonites · H1393גִּבְעֹנִי Gibʻônîy
- children · H1121בֵּן bên
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- remnant · H3499יֶתֶר yether
- Amorites · H567אֱמֹרִי ʼĔmôrîy
- children · H1121בֵּן bên
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- sworn · H7650שָׁבַע shâbaʻ
- Saul · H7586שָׁאוּל Shâʼûwl
- sought · H1245בָּקַשׁ bâqash
- slay · H5221נָכָה nâkâh
- zeal · H7065קָנָא qânâʼ
- children · H1121בֵּן bên
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh