Romans · chapter 10 · verse 2
Romans 10:2 in Hindi
क्योंकि मैं उन की गवाही देता हूं, कि उन को परमेश्वर के लिये धुन रहती है, परन्तु बुद्धिमानी के साथ नहीं।
Kyonki maim un kee gavaahee detaa hoom, ki un ko parameshvar ke liye dhun rahatee hai, parantu buddhimaanee ke saath naheen.
Romans 10:2 in English
- King James Version (KJV)
- For I bear them record that they have a zeal of God, but not according to knowledge.
- World English Bible (WEB)
- For I testify about them that they have a zeal for God, but not according to knowledge.
- American Standard Version (ASV)
- For I bear them witness that they have a zeal for God, but not according to knowledge.
- Bible in Basic English (BBE)
- For I give witness of them that they have a strong desire for God, but not with knowledge.
- Darby Translation (DBY)
- For I bear them witness that they have zeal for God, but not according to knowledge.
- Webster's Bible (WBS)
- For I bear them testimony that they have a zeal of God, but not according to knowledge.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for I bear them testimony that they have a zeal of God, but not according to knowledge,
Read in context
- 1हे भाइयो, मेरे मन की अभिलाषा और उन के लिये परमेश्वर से मेरी प्रार्थना है, कि वे उद्धार पाएं।
- 2क्योंकि मैं उन की गवाही देता हूं, कि उन को परमेश्वर के लिये धुन रहती है, परन्तु बुद्धिमानी के साथ नहीं।
- 3क्योंकि वे परमेश्वर की धार्मिकता से अनजान होकर, और अपनी धार्मिकता स्थापन करने का यत्न करके, परमेश्वर की धार्मिकता के आधीन न हुए।
- 4क्योंकि हर एक विश्वास करनेवाले के लिये धार्मिकता के निमित्त मसीह व्यवस्था का अन्त है।
Cross references
- Acts 21:20 प्रेरितों के काम 21:20उन्हों ने यह सुनकर परमेश्वर की महिमा की, फिर उस से कहा; हे भाई, तू देखता है, कि यहूदियों में से कई हजार ने विश्वास किया है; और सब व्यवस्था के लिये धुन लगाए हैं।
- Romans 9:31–32 रोमियों 9:31–32परन्तु इस्त्राएली; जो धर्म की व्यवस्था की खोज करते हुए उस व्यवस्था तक नहीं पहुंचे। किस लिये? इसलिये कि वे विश्वास से नहीं, परन्तु मानों कर्मों से उस की खोज करते थे: उन्हों ने उस ठोकर के पत्थर पर ठोकर खाई।
- Proverbs 19:2 नीतिवचन 19:2मनुष्य का ज्ञानरहित रहना अच्छा नहीं, और जो उतावली से दौड़ता है वह चूक जाता है।
- Philippians 1:9 फिलिप्पियों 1:9और मैं यह प्रार्थना करता हूं, कि तुम्हारा प्रेम, ज्ञान और सब प्रकार के विवेक सहित और भी बढ़ता जाए।
- Philippians 3:6 फिलिप्पियों 3:6उत्साह के विषय में यदि कहो तो कलीसिया का सतानेवाला; और व्यवस्था की धार्मिकता के विषय में यदि कहो तो निर्दोष था।
- Romans 10:3 रोमियों 10:3क्योंकि वे परमेश्वर की धार्मिकता से अनजान होकर, और अपनी धार्मिकता स्थापन करने का यत्न करके, परमेश्वर की धार्मिकता के आधीन न हुए।
- Galatians 1:14 गलातियों 1:14और अपने बहुत से जातिवालों से जो मेरी अवस्था के थे यहूदी मत में बढ़ता जाता था और अपने बापदादों के व्यवहारों में बहुत ही उत्तेजित था।
- 2 Corinthians 4:4 2 कुरिन्थियों 4:4और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके।
- 2 Kings 10:16 2 राजा 10:16और देख, कि मुझे यहोवा के निमित्त कैसी जलन रहती है। तब वह उसके रथ पर चढ़ा दिया गया।
- Psalm 14:4 भजन संहिता 14:4क्या किसी अनर्थकारी को कुछ भी ज्ञान नहीं रहता, जो मेरे लोगों को ऐसे खा जाते हैं जैसे रोटी, और परमेश्वर का नाम नहीं लेते?
- Acts 22:3 प्रेरितों के काम 22:3मैं तो यहूदी मनुष्य हूं, जो किलिकिया के तरसुस में जन्मा; परन्तु इस नगर में गमलीएल के पांवों के पास बैठकर पढ़ाया गया, और बापदादों की व्यवस्था की ठीक रीति पर सिखाया गया; और परमेश्वर के लिये ऐसी धुन लगाए था, जैसे तुम सब आज लगाए हो।
- Acts 26:9–10 प्रेरितों के काम 26:9–10मैं ने भी समझा था कि यीशु नासरी के नाम के विरोध में मुझे बहुत कुछ करना चाहिए। और मैं ने यरूशलेम में ऐसा ही किया; और महायाजकों से अधिकार पाकर बहुत से पवित्रा लोगों को बन्दीगृह में डाल, और जब वे मार डाले जाते थे, तो मैं भी उन के विरोध में अपनी सम्पति देता था।