Acts · chapter 13 · verse 39
Acts 13:39 in Hindi
और जिन बातों से तुम मूसा की व्यवस्था के द्वारा निर्दोष नहीं ठहर सकते थे, उन्हीं सब से हर एक विश्वास करनेवाला उसके द्वारा निर्दोष ठहरता है।
Aur jin baatom se tum moosaa kee vyavasthaa ke dvaaraa nirdosh naheem thahar sakate the, unheem sab se har ek vishvaas karanevaalaa usake dvaaraa nirdosh thaharataa hai.
Acts 13:39 in English
- King James Version (KJV)
- And by him all that believe are justified from all things, from which ye could not be justified by the law of Moses.
- World English Bible (WEB)
- and by him everyone who believes is justified from all things, from which you could not be justified by the law of Moses.
- American Standard Version (ASV)
- and by him every one that believeth is justified from all things, from which ye could not be justified by the law of Moses.
- Bible in Basic English (BBE)
- And through him everyone who has faith is made free from all those things, from which the law of Moses was not able to make you free.
- Darby Translation (DBY)
- and from all things from which ye could not be justified in the law of Moses, in him every one that believes is justified.
- Webster's Bible (WBS)
- And by him all that believe are justified from all things, from which ye could not be justified by the law of Moses.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and from all things from which ye were not able in the law of Moses to be declared righteous, in this one every one who is believing is declared righteous;
Read in context
- 37परन्तु जिस को परमेश्वर ने जिलाया, वह सड़ने नहीं पाया।
- 38इसलिये, हे भाइयो; तुम जान लो कि इसी के द्वारा पापों की क्षमा का समाचार तुम्हें दिया जाता है।
- 39और जिन बातों से तुम मूसा की व्यवस्था के द्वारा निर्दोष नहीं ठहर सकते थे, उन्हीं सब से हर एक विश्वास करनेवाला उसके द्वारा निर्दोष ठहरता है।
- 40इसलिये चौकस रहो, ऐसा न हो, कि जो भविष्यद्वक्ताओं की पुस्तक में आया है,
- 41तुम प्र भी आ पड़े कि हे निन्दा करनेवालो, देखो, और चकित हो, और मिट जाओ; क्योंकि मैं तुम्हारे दिनों में एक काम करता हूं; ऐसा काम, कि यदि कोई तुम से उसकी चर्चा करे, तो तुम कभी प्रतीति न करोगे।।
Cross references
- Romans 10:4 रोमियों 10:4क्योंकि हर एक विश्वास करनेवाले के लिये धार्मिकता के निमित्त मसीह व्यवस्था का अन्त है।
- Galatians 2:16 गलातियों 2:16तौभी यह जानकर कि मनुष्य व्यवस्था के कामों से नहीं, पर केवल यीशु मसीह पर विश्वास करने के द्वारा धर्मी ठहरता है, हम ने आप भी मसीह यीशु पर विश्वास किया, कि हम व्यवस्था के कामों से नहीं पर मसीह पर विश्वास करने से धर्मी ठहरें; इसलिये कि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी धर्मी न ठहरेगा।
- Romans 8:3 रोमियों 8:3क्योंकि जो काम व्यवस्था शरीर के कारण दुर्बल होकर न कर सकी, उस को परमेश्वर ने किया, अर्थात् अपने ही पुत्रा को पापमय शरीर की समानता में, और पाप के बलिदान होने के लिये भेजकर, शरीर में पाप पर दण्ड की आज्ञा दी।
- Hebrews 7:19 इब्रानियों 7:19(इसलिये कि व्यवस्था ने किसी बात की सिद्धि नहीं कि) और उसके स्थान पर एक ऐसी उत्तम आशा रखी गई है जिस के द्वारा हम परमेश्वर के समीप जा सकते हैं।
- Romans 10:10 रोमियों 10:10क्योंकि धार्मिकता के लिये मन से विश्वास किया जाता है, और उद्धार के लिये मुंह से अंगीकार किया जाता है।
- Romans 8:1 रोमियों 8:1सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं बरन आत्मा के अनुसार चलते हैं।
- Romans 3:19 रोमियों 3:19हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्ड के योग्य ठहरे।
- Romans 4:15 रोमियों 4:15व्यवस्था तो क्रोध उपजाती है और जहां व्यवस्था नहीं वहां उसका टालना भी नहीं।
- Romans 4:5–8 रोमियों 4:5–8परन्तु जो काम नहीं करता बरन भक्तिहीन के धर्मी ठहरानेवाले पर विश्वास करता है, उसका विश्वास उसके लिये धार्मिकता गिना जाता है। जिसे परमेश्वर बिना कमों के धर्मी ठहराता है, उसे दाऊद भी धन्य कहता है। कि धन्य वे हैं, जिन के अधर्म क्षमा हुए, और जिन के पाप ढ़ापे गए। धन्य है वह मनुष्य जिसे परमेश्वर पापी न ठहराए।
- John 1:17 यूहन्ना 1:17इसलिये कि व्यवस्था तो मूसा के द्वारा दी गई; परन्तु अनुग्रह, और सच्चाई यीशु मसीह के द्वारा पहुंची।
- Galatians 3:21–25 गलातियों 3:21–25तो क्या व्यवस्था परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के विरोध में है? कदापि न हो? क्योंकि यदि ऐसी व्यवस्था दी जाती जो जीवन दे सकती, तो सचमुच धार्मिकता व्यवस्था से होती। परन्तु पवित्रा शास्त्रा ने सब को पाप के आधीन कर दिया, ताकि वह प्रतिज्ञा जिस का आधार यीशु मसीह पर विश्वास करना है, विश्वास करनेवालों के लिये पूरी हो जाए।। पर विश्वास के आने से पहिले व्यवस्था की अधीनता में हमारी रखवाली होती थी, और उस विश्वास के आने तक जो प्रगट होनेवाला था, हम उसी के बन्धन में रहे। इसलिये व्यवस्था मसीह तक पहुंचाने को हमारा शिक्षक हुई है, कि हम विश्वास से धर्मी ठहरें। परन्तु जब विश्वास आ चुका, तो हम अब शिक्षक के आधीन न रहे।
- Romans 5:9 रोमियों 5:9सो जब कि हम, अब उसके लोहूं के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे?
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- by · G1722ἐν en
- him · G5129τούτῳ toútōi
- all · G3956πᾶς pâs
- believe · G4100πιστεύω pisteúō
- justified · G1344δικαιόω dikaióō
- from · G575ἀπό apó
- things · G3956πᾶς pâs
- which · G3739ὅς hós
- could · G1410δύναμαι dýnamai
- not · G3756οὐ ou
- justified · G1344δικαιόω dikaióō
- by · G1722ἐν en
- law · G3551νόμος nómos
- Moses · G3475Μωσεύς Mōseús