Romans · chapter 3 · verse 19
Romans 3:19 in Hindi
हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्ड के योग्य ठहरे।
Ham jaanate haim, ki vyavasthaa jo kuchh kahatee hai unheem se kahatee hai, jo vyavasthaa ke aadheen haim: isaliye ki har ek munh band kiyaa jaae, aur saaraa sansaar parameshvar ke dand ke yogy thahare.
Romans 3:19 in English
- King James Version (KJV)
- Now we know that what things soever the law saith, it saith to them who are under the law: that every mouth may be stopped, and all the world may become guilty before God.
- World English Bible (WEB)
- Now we know that whatever things the law says, it speaks to those who are under the law, that every mouth may be closed, and all the world may be brought under the judgment of God.
- American Standard Version (ASV)
- Now we know that what things soever the law saith, it speaketh to them that are under the law; that every mouth may be stopped, and all the world may be brought under the judgment of God:
- Bible in Basic English (BBE)
- Now, we have knowledge that what the law says is for those who are under the law, so that every mouth may be stopped, and all men may be judged by God:
- Darby Translation (DBY)
- Now we know that whatever the things the law says, it speaks to those under the law, that every mouth may be stopped, and all the world be under judgment to God.
- Webster's Bible (WBS)
- Now we know that whatever things the law saith, it saith to them who are under the law: that every mouth may be stopped, and all the world may become guilty before God.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And we have known that as many things as the law saith, to those in the law it doth speak, that every mouth may be stopped, and all the world may come under judgment to God;
Read in context
- 17उन्हों ने कुशल का मार्ग नहीं जाना।
- 18उन की आंखों के साम्हने परमेश्वर का भय नहीं।
- 19हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्ड के योग्य ठहरे।
- 20क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है।
- 21पर अब बिना व्यवस्था परमेश्वर की धार्मिकता प्रगट हुई है, जिस की गवाही व्यवस्था और भविष्यद्वक्ता देते हैं।
Cross references
- Galatians 3:10 गलातियों 3:10सो जितने लोग व्यवस्था के कामों पर भरोसा रखते हैं, वे सब स्त्राप के आधीन हैं, क्योंकि लिखा है, कि जो कोई व्यवस्था की पुस्तक में लिखी हुई सब बातों के करने में स्थिर नहीं रहता, वह स्त्रापित है।
- Galatians 3:22–23 गलातियों 3:22–23परन्तु पवित्रा शास्त्रा ने सब को पाप के आधीन कर दिया, ताकि वह प्रतिज्ञा जिस का आधार यीशु मसीह पर विश्वास करना है, विश्वास करनेवालों के लिये पूरी हो जाए।। पर विश्वास के आने से पहिले व्यवस्था की अधीनता में हमारी रखवाली होती थी, और उस विश्वास के आने तक जो प्रगट होनेवाला था, हम उसी के बन्धन में रहे।
- Romans 3:9 रोमियों 3:9तो फिर क्या हुआ? क्या हम उन से अच्छे हैं? कभी नही; क्योंकि हम यहूदियों और यूनानियों दोनों पर यह दोष लगा चुके हैं कि वे सब के सब पाप के वश में हैं।
- Romans 2:12–18 रोमियों 2:12–18इसलिये कि जिन्हों ने बिना व्यवस्था पाए पाप किया, वे बिना व्यवस्था के नाश भी होंगे, और जिन्हों ने व्यवस्था पाकर पाप किया, उन का दण्ड व्यवस्था के अनुसार होगा। (क्योंकि परमेश्वर के यहां व्यवस्था के सुननेवाले धर्मी नहीं, पर व्यवस्था पर चलनेवाले धर्मी ठहराए जाएंगे। फिर जब अन्यजाति लोग जिन के पास व्यवस्था नहीं, स्वभाव ही से व्यवस्था की बातों पर चलते हैं, तो व्यवस्था उन के पास न होने पर भी वे अपने लिये आप ही व्यवस्था हैं। वे व्यवस्था की बातें अपने हृदयों में लिखी हुई दिखने हैं और उन के विवेक भी गवाही देते हैं, और उन की चिन्ताएं परस्पर दोष लगाती, या उन्हें निर्दोष ठहराती है।) जिस दिन परमेश्वर मेरे सुसमाचार के अनुसार यीशु मसीह के द्वारा मनुष्यों की गुप्त बातों का न्याय करेगा।। यदि तू यहूदी कहलाता है, और व्यवस्था पर भरोसा रखता है, और परमेश्वर के विषय में घमण्ड करता है। और उस की इच्छा जानता और व्यवस्था की शिक्षा पाकर उत्तम उत्तम बातों को प्रिय जानता है।
- Galatians 5:18 गलातियों 5:18और यदि तुम आत्मा के चलाए चलते हो तो व्यवस्था के आधीन न रहे।
- Ezekiel 16:63 यहेजकेल 16:63जिस से तू स्मरण करके लज्जित हो, और लज्जा के मारे फिर कभी मुंह न खोले। यह उस समय होगा, जब मैं तेरे सब कामों को ढांपूंगा, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।
- Romans 3:23 रोमियों 3:23इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित है।
- 1 Corinthians 1:29 1 कुरिन्थियों 1:29ताकि कोई प्राणी परमेश्वर के साम्हने घमण्ड न करने पाए।
- Job 9:2–3 अय्यूब 9:2–3मैं निश्चय जानता हूं, कि बात ऐसी ही है; परन्तु मनुष्य ईश्वर की दृष्टि में क्योंकर धम ठहर सकता है? चाहे वह उस से मुक़ मा लड़ना भी चाहे तौभी मनुष्य हजार बातों में से एक का भी उत्तर न दे सकेगा।
- Galatians 4:5 गलातियों 4:5ताकि व्यवस्था के आधीनों को मोल लेकर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले।
- Psalm 107:42 भजन संहिता 107:42सीधे लोग देखकर आनन्दित होते हैं; और सब कुटिल लोग अपने मुंह बन्द करते हैं।
- 1 Samuel 2:9 1 शमूएल 2:9वह अपने भक्तों के पावों को सम्भाले रहेगा, परन्तु दुष्ट अन्धियारे में चुपचाप पड़े रहेंगे; क्योंकि कोई मनुष्य अपने बल के कारण प्रबल न होगा।।
Original words (Greek)
- Now · G1161δέ dé
- know · G1492εἴδω eídō
- that · G3754ὅτι hóti
- soever · G3745ὅσος hósos
- law · G3551νόμος nómos
- saith · G3004λέγω légō
- saith · G2980λαλέω laléō
- are · G3588ὁ ho
- under · G1722ἐν en
- law · G3551νόμος nómos
- that · G2443ἵνα hína
- every · G3956πᾶς pâs
- mouth · G4750στόμα stóma
- stopped · G5420φράσσω phrássō
- and · G2532καί kaí
- all · G3956πᾶς pâs
- world · G2889κόσμος kósmos
- become · G1096γίνομαι gínomai
- guilty · G5267ὑπόδικος hypódikos
- God · G2316θεός theós