Acts · chapter 14 · verse 15
Acts 14:15 in Hindi
हम भी तो तुम्हारे समान दु:ख- सुख भोगी मनुष्य हैं, और तुम्हें सुसमाचार सुनाते हैं, कि तुम इन व्यर्थ वस्तुओं से अलग होकर जीवते परमेश्वर की ओर फिरो, जिस ने स्वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जो कुछ उन में है बनाया।
Ham bhee to tumhaare samaan du:kha- sukh bhogee manushy haim, aur tumhem susamaachaar sunaate haim, ki tum in vyarth vastuom se alag hokar jeevate parameshvar kee or phiro, jis ne svarg aur pruthvee aur samudr aur jo kuchh un mem hai banaayaa.
Acts 14:15 in English
- King James Version (KJV)
- And saying, Sirs, why do ye these things? We also are men of like passions with you, and preach unto you that ye should turn from these vanities unto the living God, which made heaven, and earth, and the sea, and all things that are therein:
- World English Bible (WEB)
- “Men, why are you doing these things? We also are men of the same nature as you, and bring you good news, that you should turn from these vain things to the living God, who made the sky, the earth, the sea, and all that is in them;
- American Standard Version (ASV)
- and saying, Sirs, why do ye these things? We also are men of like passions with you, and bring you good tidings, that ye should turn from these vain things unto a living God, who made the heaven and the earth and the sea, and all that in them is:
- Bible in Basic English (BBE)
- Good people, why are you doing these things? We are men with the same feelings as you, and we give you the good news so that you may be turned away from these foolish things to the living God, who made the heaven and the earth and the sea and all things in them:
- Darby Translation (DBY)
- and saying, Men, why do ye these things? We also are men of like passions with you, preaching to you to turn from these vanities to the living God, who made the heaven, and the earth, and the sea, and all things in them;
- Webster's Bible (WBS)
- And saying, Sirs, why do ye these things? We also are men of like passions with you, and preach to you, that ye should turn from these vanities to the living God, who made heaven and earth, and the sea, and all things that are in them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and saying, 'Men, why these things do ye? and we are men like-affected with you, proclaiming good news to you, from these vanities to turn unto the living God, who made the heaven, and the earth, and the sea, and all the things in them;
Read in context
- 13और ज्यूस के उस मन्दिर का पुजारी जो उस के नगर के साम्हने था, बैल और फूलों के हार फाटकों पर लाकर लोगों के साथ बलिदान करना चाहता था।
- 14परन्तु बरनबास और पौलुस प्रेरितों ने जब सुना, तो अपने कपड़े फाड़े, और भीड़ में लपक गए, और पुकारकर कहने लगे; हे लोगो तुम क्या करते हो?
- 15हम भी तो तुम्हारे समान दु:ख- सुख भोगी मनुष्य हैं, और तुम्हें सुसमाचार सुनाते हैं, कि तुम इन व्यर्थ वस्तुओं से अलग होकर जीवते परमेश्वर की ओर फिरो, जिस ने स्वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जो कुछ उन में है बनाया।
- 16उस ने बीते समयों में सब जातियों को अपने अपने मार्गों में चलने दिया।
- 17तौभी उस ने अपने आप को बे- गवाह न छोड़ा; किन्तु वह भलाई करता रहा, और आकाश से वर्षा और फलवन्त ऋतु देकर, तुम्हारे मन को भोजन और आनन्द से भरता रहा।
Cross references
- 1 Samuel 12:21 1 शमूएल 12:21और मत मुड़ना; नहीं तो ऐसी व्यर्थ वस्तुओं के पीछे चलने लगोगे जिन से न कुछ लाभ पहुंचेगा, और न कुछ छुटकारा हो सकता है, क्योंकि वे सब व्यर्थ ही हैं।
- 1 Corinthians 8:4 1 कुरिन्थियों 8:4सो मूरतों के साम्हने बलि की हुई वस्तुओं के खाने के विषय में हम जानते हैं, कि मूरत जगत में कोई वस्तु नहीं, और एक को छोड़ और कोई परमेश्वर नहीं।
- Psalm 146:5–6 भजन संहिता 146:5–6क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है। वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उन में जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा।
- Acts 10:26 प्रेरितों के काम 10:26परन्तु पतरस ने उसे उठाकर कहा, खड़ा हो, मैं भी तो मनुष्य हूं।
- James 5:17 याकूब 5:17एलिय्याह भी तो हमारे समान दुख-सुख भोगी मनुष्य था; और उस ने गिड़िगड़ा कर प्रार्थना की; कि मेंह न बरसे; और साढ़े तीन वर्ष तक भूमि पर मेंह नहीं बरसा।
- Revelation 14:7 प्रकाशितवाक्य 14:7और उस ने बड़े शब्द से कहा; परमेश्वर से डरो; और उस की महिमा करो; क्योंकि उसके न्याय करने का समय आ पहुंचा है, और उसका भजन करो, जिस ने स्वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जल के सोते बनाए।।
- Jeremiah 14:22 यिर्मयाह 14:22क्या अन्यजातियों की मूरतों में से कोई वर्षा कर सकता है? क्या आकाश झड़ियां लगा सकता है? हे हमारे परमेश्वर यहोवा, क्या तू ही इन सब बातों का करनेवाला नहीं है? हम तेरा ही आसरा देखते रहेंगे, क्योंकि इन सारी वस्तुओं का सृजनहार तू ही है।
- Genesis 1:1 उत्पत्ति 1:1आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की।
- 1 Thessalonians 1:9 1 थिस्सलुनीकियों 1:9क्योंकि वे आप ही हमारे विषय में बताते हैं कि तुम्हारे पास हमारा आना कैसा हुआ; और तुम क्योंकि मूरतों से परमेश्वर की ओर फिरें ताकि जीवते और सच्चे परमेश्वर की सेवा करो।
- Romans 1:20–23 रोमियों 1:20–23क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात् उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरूत्तर हैं। इस कारण कि परमेश्वर को जानने पर भी उन्हों ने परमेश्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहां तक कि उन का निर्बुद्धि मन अन्धेरा हो गया। वे अपने आप को बुद्धिमान जताकर मूर्ख बन गए। और अविनाशी परमेश्वर की महिमा को नाशमान मनुष्य, और पक्षियों, और चौपायों, और रेंगनेवाले जन्तुओं की मूरत की समानता में बदल डाला।।
- Deuteronomy 32:21 व्यवस्थाविवरण 32:21उन्हों ने ऐसी वस्तु मानकर जो ईश्वर नहीं हैं, मुझ में जलन उत्पन्न की; और अपनी व्यर्थ वस्तुओं के द्वारा मुझे रिस दिलाई। इसलिये मैं भी उनके द्वारा जो मेरी प्रजा नहीं हैं उनके मन में जलन उत्पन्न करूंगा; और एक मूढ़ जाति के द्वारा उन्हें रिस दिलाऊंगा।।
- Acts 17:24–30 प्रेरितों के काम 17:24–30जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्तुओं को बनाया, वह स्वर्ग और पृथ्वी का स्वामी होकर हाथ के बनाए हुए मन्दिरों में नहीं रहता। न किसी वस्तु का प्रयोजन रखकर मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्योंकि वह तो आप ही सब को जीवन और स्वास और सब कुछ देता है। उस ने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाई हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्धा है। कि वे परमेश्वर को ढूंढ़ें, कदाचित उसे टटोलकर पा जाएं तौभी वह हम में से किसी से दूर नहीं! क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते- फिरते, और स्थिर रहते हैं; जैसे तुम्हारे कितने कवियों ने भी कहा है, कि हम तो उसी के वंश भी हैं। सो परमेश्वर का वंश होकर हमें यह समझता उचित नहीं, कि ईश्वरत्व, सोने या रूपे या पत्थर के समान है, जो मनुष्य की कारीगरी और कल्पता से गढ़े गए हों। इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों में अनाकानी करके, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- saying · G3004λέγω légō
- Sirs · G435ἀνήρ anḗr
- why · G5101τίς tís
- ye · G4160ποιέω poiéō
- things · G5023ταῦτα taûta
- We · G2249ἡμεῖς hēmeîs
- also · G2532καί kaí
- are · G2070ἐσμέν esmén
- men · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- passions · G3663ὁμοιοπαθής homoiopathḗs
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- preach · G2097εὐαγγελίζω euangelízō
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- turn · G1994ἐπιστρέφω epistréphō
- from · G575ἀπό apó
- these · G5130τούτων toútōn
- vanities · G3152μάταιος mátaios
- unto · G1909ἐπί epí
- living · G2198ζάω záō
- God · G2316θεός theós
- which · G3739ὅς hós
- made · G4160ποιέω poiéō
- heaven · G3772οὐρανός ouranós
- and · G2532καί kaí
- earth · G1093γῆ gē
- and · G2532καί kaí
- sea · G2281θάλασσα thálassa
- and · G2532καί kaí
- things · G3956πᾶς pâs
- therein · G1722ἐν en